किसान की मौत की वजह ढूंढने भाजपा की तीन सदस्यीय जाँच टीम शुक्रवार को तोरला पहुंची
अभनपुर विधायक तोरला गाँव मे किसान द्वारा आत्महत्या का मामला
किसान की मौत की वजह ढूंढने भाजपा की तीन सदस्यीय जाँच टीम शुक्रवार को तोरला पहुंची
मृतक किसान को किसान न मानना, उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताने के मामले पर विधायक धनेन्द्र साहू को सबूत के साथ घेरा..
गोबरा नवापारा नगर
अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू के गृह ग्राम तोरला मे एक किसान द्वारा खेत पर जाकर आत्महत्या कर फांसी कर लेन के मामले पर प्रदेश भाजपा द्वारा गठित तीन सदस्यीय जाँच टीम शुक्रवार को मृतक किसान प्रकाश तारक के घर पहुंची और उनकेपरिजनों को किसान प्रकाश की मौत पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट कर उन्हें ढांढस बंधाया. समिति के सदस्यो से परिजनों से मुलकात पूर्व मृतक किसान प्रकाश द्वारा बोये खेत पर पहुंचे और उनके फसल मे लगे बिमारी देख दंग रह गए. इसके बाद समिति के सदस्यो ने उनके घर मे परिजनों से बातचीत कर मौत का वजह जानने का प्रयास किया. साथ ही जाँच टीम ने विधायक धनेन्द्र साहू द्वारा मृतक को किसान न होना व मानसिक रूप से ठीक ना होने की बात पर जानकारी जुटाई और जो जानकारी मिली उससे वे दंग रह गए जिसके बाद जाँच समिति के सदस्यो ने क्षेत्रीय विधायक धनेन्द्र साहू को आड़े हाथ लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस मामले पर संज्ञान लेने की बात कही. जाँच समिति की अगुवाई कर रहे किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहाकि बहुत दुर्भाग्य की बात है की महज पखवाड़े भर मे दो दो किसानों ने अपने खेतो मे फसल की दुर्दशा देख व्यथित होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. राज्य की सरकार किसान विरोधी कार्य कर रही है. किसान विन्मुखी कार्य कर रही है. वर्तमान प्रदेश सरकार उन्हें मदद देने की बजाय उन्हें बीमार बताने का काम कर रही है. उन्होंने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से अपील किया है की मुखिया होने के नाते आप पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर उनकी मदद करें. उन्होंने अभनपुर क्षेत्र के विधायक धनेन्द्र साहू को आड़े हाथ लिए हुए कहाकि आपके गृह ग्राम मे मृत किसान की घर की स्थिति देखिए, की कैसे उनकी आर्थिक स्थिति है. अपनी गलतियों के लिए मृत किसान को किसान ना मानना, उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ करार देना आपके जैसे वरिष्ठ विधायक को शोभा नहीं देता. पूर्व राज्य मंत्री व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने मौके से मृत किसान प्रकाश तारक के परिजनों को तत्काल 25 लाख रूपये मुआवजा, उसके जर्ज़र घर को पीएमवाय के तहत तुरंत बनवाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी व्यवस्था मे जगह देने देने की मांग प्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे से की. प्रदेश मंत्री गौरीशंकर श्रीवास ने कहाकि वर्तमान प्रदेश सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है. किसानो की लगातार मौत सरकार के क्रिया चित्र को प्रदर्शित कर रही है. तोरला मे मृतक किसान का ज़मीन भी है, और वह मानसिक रूप से स्वस्थ भी था. उसे किसान व मानसिक रूप से अस्वस्थ बताने के लिए तो क्षेत्रीय विधायक को किसान के परिजन से माफ़ी मांगनी चाहिए. इस दौरान जाँच समिति के सदस्यो के अलावा किसान मोर्चा के युधिष्ठिर चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य रानी पटेल, प्रतिनिधि चन्द्रकला ध्रुव, जनपद सदस्य किरण गिलहरे, मिथलेश सिन्हा, रिंकू चंद्राकर, किशोर साहू, भाजपा मण्डल अध्यक्ष नारायण यादव, नवापारा भाजपा मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव, किसान नेता शोभाराम साहू, मनीष देवांगन, मुकुंद मेश्राम, नवल साहू, किशोर देवांगन, बलराम,सहित बड़ी संख्या मे भाजपा के कार्यकर्तागण भी शामिल थे.
मानसिक रूप से तनाव मे था पर बीमार नहीं, सहयोग करें सरकार
.................... रामनाथ तारक
शुक्रवार सुबह नगर सहित अंचल के खबरो मे मृत किसान को मानसिक रूप से बीमारी के कारण आत्महत्या के मामले पर मृतक किसान प्रकाश तारक के बड़े भाई रामनाथ तारक ने कहाकि मेरा भाई मानसिक रूप से बीमार नहीं था, वह गरीबी से घर की बदहाल स्थिति व फसल को लेकर मानसिक तनाव मे था. परिवार की जिम्मेदारी को लेकर वह मानसिक तनाव मे चल रहा था. उन्होंने मीडिया के माध्यम से उनके परिवार को आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की।


