आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..30-06-2021*..🎋


✍🏻परिवार हो या संगठन सब में सफ़लता का राज़ है। एक दूसरे के विचारो को सुनना और सम्मान देना।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻लोग क्या कहेंगे यह सोच कर जीवन जीते हैं भगवान् क्या कहेंगे क्या कभी इसका विचार किया?

🌹 *ॐ शान्ति*🌹

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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*30 जून:-*_ में आत्मा मेरे मन बुद्धि की मालिक हु, और ये मेरे कर्मचारी, इन्हें सदा अपने ऑर्डर ने चलाना।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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🙏 *ॐ शांति* 🙏

सबके बारे में अच्छा सोचें क्योंकि आप जो *अच्छा* या *बुरा* सोचते हैं वही आपके चित्त का *हिस्सा* बन जाता है... और जो चित्त पर छपता है, वही व्यवहार में आता है, और *व्यवहार* आपके *व्यक्तित्व* को दर्शाता है।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
हर नामुमकिन🏋🏻‍♀️🏸🏏🧗🏾‍♀️🏄🏻‍♀️🚵🏻‍♀️🚣🏻‍♀️👩🏻‍🏫👩🏻‍⚕️🧑🏻‍🎨👰🏻🧘🏻‍♀️👸🏻सी बात को
मुमकिन🏆🥇कर के दिखाऊंगी
खुद पहचान👩🏻 लेगा ज़माना🌍 मुझे
जब मैं भीड़ में अलग🚶🏻‍♀️चल के दिखाऊंगी.                                          Good👆🏻💫🇲🇰🌅🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️morning.

*🙇🏻‍♀Soul Reflection🙇🏻‍♂*          
 *🗣(Episode - 08)🌄*      
*🧚🏻‍♀(Sister Shivani)🧚🏻‍♀*

*•* जो Thoughts हम Create कर रहे हैं उसका सबसे पहला असर कहाँ होता हैं हमारे मन पर अगर हम पूरा समय उसे Create करते रहेंगे वहीं सोचते रहेंगे वह धीरे-धीरे होने लगेगा ये हम पर निर्भर करता हैं कि हम मन को कैसी Thoughts देंगे Negative Thoughts जिससे आत्मा कि शक्ति कमजोर होगी या फिर Positive Thoughts जिससे आत्मा पावरफुल बनेगी...!

*•* आप एक Positive Thought Create करते हैं जैसे मैं एक शांति स्वरूप आत्मा हुँ पर फिर थोड़ी सी परिस्थिति हिली तो सोचते है साथ-साथ मै शांत कैसी रह सकती हुं गुस्सा तो आए ही जाता हैं और जो Thoughts हम ज्यादा सोचते है वहीं हम करते है...!
 
*•* हमें Check करना है अगर हमें लगता है हमने तो Positive Thoughts सोचा था फिर भी ऐसा हुआ ऐसा क्यों हुआ तो Check करेंगे कि उसके साथ-साथ कुछ Negative Thoughts तो Create नहीं करे हमें अपनी Checking करनी है...!

*•* अगर कुछ करते वक़्त हमारा मन अशांत हो रहा हैं और ऐसा लगता हैं मुझसे तो नहीं होगा मैं कर ही नहीं सकता ये सब या कोई दूसरा भी आपके लिए ऐसा कहता है फिर हम इसके लिए किसी के पास जाते हैं जैसे कोई संत, महात्मा या कोई और ! और वो कहता है नहीं सब ठीक हो जायेगा तुम सब कर लोगे अपना आशीर्वाद देता हैं तो ये हमारा Beleive System बन जाता हैं अब हमारे मन मे Thoughts कैसी Create होगी कि हां हम कर लेंगे उन्होने बोला हैं आशीर्वाद दिया हैं और वैसा होने भी लगेगा पर इस पर विश्वास किसका हैं आपका लेकिन साथ - साथ हम ये भी सोचने लग जाते हैं उन्होने तो बोल दिया पर कैसे होगा हम साथ-साथ Negativity भी Create करने लगते है हमें उनका आशीर्वाद तो मिला लेकिन ज़ब तक हम खुद खुद को आशीर्वाद नहीं देंगे कुछ सही नहीं होगा...!
 
*•* जो Blessing वो संत, महात्मा हमें देते हैं अगर वो हम खुद स्वयं को देना शुरु कर दें अपने घर को, अपने कारोबार को देना शुरु कर दें तो वो Reality में Change होना शुरु कर देगी !
जो आप अपने लिए सोचते हैं वैसा बनते है अगर आपको किसी ने आशीर्वाद दिया आप Peaceful आत्मा हैं लेकिन फिर हमारे मन में आता हैं नहीं मुझे तो गुस्सा आ ही जाता हैं मुझसे तो नहीं होता ये सारी Thoughts के बाद वो आशीर्वाद क्या करेगा फिर कुछ नहीं...!

*•* आज से हम अपने लिए एक आशीर्वाद Create करेंगे हम जो बनना चाहते हैं वो आशीर्वाद हम अपने आपको देना शुरु करेंगे कोई भी परिस्थिति आयें हमारे Thoughts ऐसे ही रहने चाहिए तो सब अच्छा होगा...!

                   *🙏 ओम् शान्ति*

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♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*कहानी – निर्दोष को                               सजा 🏵️

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बहुत समय पहले हरिशंकर नाम का एक राजा था। उसके तीन पुत्र थे और अपने उन तीनों पुत्रों में से वह किसी एक पुत्र को राजगद्दी सौंपना चाहता था। पर किसे? राजा ने एक तरकीब निकाली और उसने तीनो पुत्रों को बुलाकर कहा – अगर तुम्हारे सामने कोई अपराधी खड़ा हो तो तुम उसे क्या सजा दोगे?

पहले राजकुमार ने कहा कि अपराधी को मौत की सजा दी जाए तो दूसरे ने कहा कि अपराधी को काल कोठरी में बंद कर दिया जाये। अब तीसरे राजकुमार की बारी थी। उसने कहा कि पिताजी सबसे पहले यह देख लिया जाये कि उसने गलती की भी है या नहीं।


इसके बाद उस राजकुमार ने एक कहानी सुनाई – किसी राज्य में राजा हुआ करता था, उसके पास एक सुन्दर सा तोता था| वह तोता बड़ा बुद्धिमान था, उसकी मीठी वाणी और बुद्धिमत्ता की वजह से राजा उससे बहुत खुश रहता था। एक दिन की बात है कि तोते ने राजा से कहा कि मैं अपने माता-पिता के पास जाना चाहता हूँ। वह जाने के लिए राजा से विनती करने लगा।

 

तब राजा ने उससे कहा कि ठीक है पर तुम्हें पांच दिनों में वापस आना होगा। वह तोता जंगल की ओर उड़ चला, अपने माता- पिता से जंगल में मिला और खूब खुश हुआ। ठीक पांच दिनों बाद जब वह वापस राजा के पास जा रहा था तब उसने एक सुन्दर सा उपहार राजा के लिए ले जाने का सोचा।


वह राजा के लिए अमृत फल ले जाना चाहता था। जब वह अमृत फल के लिए पर्वत पर पहुंचा तब तक रात हो चुकी थी। उसने फल को तोड़ा और रात वहीँ गुजारने का सोचा। वह सो रहा था कि तभी एक सांप आया और उस फल को खाना शुरू कर दिया। सांप के जहर से वह फल भी विषाक्त हो चुका था।


जब सुबह हुई तब तोता उड़कर राजा के पास पहुँच गया और कहा – राजन मैं आपके लिए अमृत फल लेकर आया हूँ। इस फल को खाने के बाद आप हमेशा के लिए जवान और अमर हो जायेंगे। तभी मंत्री ने कहा कि महाराज पहले देख लीजिए कि फल सही भी है कि नहीं ? राजा ने बात मान ली और फल में से एक टुकड़ा कुत्ते को खिलाया।


कुत्ता तड़प -तड़प कर मर गया। राजा बहुत क्रोधित हुआ और अपनी तलवार से तोते का सिर धड़ से अलग कर दिया। राजा ने वह फल बाहर फेंक दिया| कुछ समय बाद उसी जगह पर एक पेड़ उगा| राजा ने सख्त हिदायत दी कि कोई भी इस पेड़ का फल ना खाएं क्यूंकि राजा को लगता था कि यह अमृत फल विषाक्त होते हैं और तोते ने यही फल खिलाकर उसे मारने की कोशिश की थी।


एक दिन एक बूढ़ा आदमी उस पेड़ के नीचे विश्राम कर रहा था। उसने एक फल खाया और वह जवान हो गया क्यूंकि उस वृक्ष पर उगे हुए फल विषाक्त नहीं थे। जब इस बात का पता राजा को चला तो उसे बहुत ही पछतावा हुआ उसे अपनी करनी पर लज़्ज़ा हुई।


तीसरे राजकुमार के मुख से यह कहानी सुनकर राजा बहुत ही खुश हुआ और तीसरे राजकुमार को सही उत्तराधिकारी समझते हुए उसे ही अपने राज्य का राजा चुना।


इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी अपराधी को सजा देने से पहले यह देख लेना चाहिए कि उसकी गलती है भी या नहीं, कहीं भूलवश आप किसी निर्दोष को तो सजा देने नहीं जा रहे हैं। निरपराध को कतई सजा नहीं मिलनी चाहिए।


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