दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागरजी द्वारा नीरस आहार - fastnewsharpal.com
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दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागरजी द्वारा नीरस आहार

दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागरजी द्वारा नीरस आहार



  सुरेन्द्र जैन /धरसीवा


-महान त्यागी तपस्वी दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागरजी जो सदैव नँगे पैर ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में पैदल  विहार करते है लेकिन उनकी नीरस आहार चर्या के बारे में जानकर आपको हैरानी होगी ओर आपके मन मे भी ऐंसे महा तयगी तपस्वी के दर्शनों की लालसा बढ़ने लगेगी......जैनाचार्य  विद्यासाहर जी बीते 50 सालों से शकर नमक तेल हरि सब्जी मसाला फुलफ्रूट जूस दही आदि बहुत सी चीजों का त्याग कर चुके हैं.....नीरस आहार लेने वाले अचार्यश्री अपने मुख से कभी थूंकते नहीं उन्होंने अपनी पंचेन्द्रियों पर ऐंसी विजय प्राप्त की है कि वह मुख में थूक तक नहीं बनने देते.....हमेशा की तरह बर्तमान में भी नुकीले कंकड़ पत्थर कांटो से जंगली रास्ते से से उनका पद विहार अमरकंटक की ओर चल रहा है....जैन अचार्यश्री विद्यासागर जी रात्रि विश्राम में भी मात्र दो ढाई घन्टे एक ही करवट में विश्राम करते हैं.....उनका विहार जंगली रास्तों से भी हो तो बड़ी संख्या में भक्त पहुचते रहते है.....रात्रि विश्राम हो या कहीं गर्मियों में कुछ पल ठहरना हो  वह ऐंसी कूलर पंखा बिस्तर चटाई  आदि का भी उपयोग नहीं करते

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