याचिकाकर्ता शम्भू टांडिल्य के याचिका पर एसडीएम ने मुंगझर सरपंच को किया बर्खास्त
अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ लेना सरपंच को पड़ा महंगा,,सरपंच का निर्वाचन हुआ शून्य,एसडीएम ने जारी किया आदेश,
याचिकाकर्ता शम्भू टांडिल्य के याचिका पर एसडीएम ने मुंगझर सरपंच को किया बर्खास्त
गरियाबंद
देवभोग एसडीएम अनुपम आशीष टोप्पो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंगझर सरपंच संजू कश्यप का निर्वाचन शून्य करते हुए सरपंच पद से बर्खास्त किये जाने का आदेश जारी किया है,
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम अनुपम आशीष टोप्पो ने बताया कि पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 122(1) अंतर्गत याचिका स्वीकार किया गया,इसके साथ ही एसडीएम ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (निर्वाचन अर्जिया,भस्टाचार और सदस्यता के लिए निरहर्ता) नियम 1995 के नियम 21(क) अनुसार उत्तरवादी संजू कश्यप अपने निर्वाचन के तारीख को स्थान भरने के लिए चुने जाने के लिए इस अधिनियम के अधीन अहित नही थी,ऐसे में संजू कश्यप पति नीलाम्बर कश्यप को फ़र्ज़ी एवम कूटरचित ढंग से अनुसूचित जाति का आरक्षण लाभ लेना सिद्ध होने पर ग्राम पंचायत मुंगझर के सरपंच के पद का चुनाव शून्य घोषित किया जाता है,एसडीएम ने यह भी बताया कि संजू कश्यप को ग्राम सरपंच के पद से बर्खास्त भी कर दिया गया है
यह था मामला-: आवेदक सम्भु टांडील्य ने 28 फरवरी 2020 को एसडीएम को आवेदन कर बताया था कि सरपंच संजू कश्यप महरा जाती की होकर फ़र्ज़ी ढंग से मेहरा लिखाकर अनुसूचित जाति वर्ग में अवैधानिक तरीके से सरपंच चुनाव लड़कर सरपंच नियुक्त हो गयी थी,जिसके विरुद्ध चुनाव याचिका सम्भु द्वारा दायर किया गया था,जिस पर याचिका में सुनवाई के दौरान शिकायत सही पाया गया,और एसडीएम द्वारा कार्रवाई किया गया।
