*जिले के खनिज विभाग की कार्यशैली से आक्रोशित---राजिम* - fastnewsharpal.com
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*जिले के खनिज विभाग की कार्यशैली से आक्रोशित---राजिम*

जिले के खनिज विभाग  की कार्यशैली से आक्रोशित हुए ट्रैक्टर मालिक राजिम के मेला मैदान में खड़े किए अपने-अपने ट्रैक्टर


राजिम
राजिम और गोबरा नवापारा अंचल के ट्रेक्टर मालिकों ने आज खनिज विभाग की कार्यवाही से आक्रोशित होकर अपनी-अपनी ट्रेक्टर-ट्रालियों को विरोध स्वरूप राजिम के मेला ग्राउंड में खड़ा कर दिया है . ट्रेक्टर मालिकों का कहना है कि खनिज विभाग बेवजह उन पर हजारों रुपए की चालानी कार्यवाही कर रहा है, जिससे कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके उन लोगों की परेशानी और बढ़ गई है . इन लोगों ने बताया कि उन्होंने कृषि कार्य के लिए फाइनेंस में ट्रेक्टर लिया है .

 खाली समय में वे अपने ट्रेक्टर में रेत, मुरुम और गिट्टी ढुलाने का काम करते हैं, जिससे उन्हें दो पैसे की अतिरिक्त आवक हो जाती है और जिससे उनकी फाइनेंस की किश्तें जमा हो जाती हैं . साथ ही साथ उनके लेबरों को भी काम मिलने से उनका भी परिवार चल जाता है . राज्य शासन द्वारा भले ही रेत उत्खनन पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय व निजी कार्यों के लिए गिट्टी, मुरुम सहित रेत की भी जरूरत है . उन लोगों द्वारा प्रशासन से रेत रोयल्टी जारी करने की बाकायदा मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन ऐसा नहीं कर रहा है . ऐसे में कभी कभार दो पैसे की चाहत में वे अगर गौण खनिज का परिवहन करते हैं तो खनिज विभाग वाले उनकी ट्रेक्टरों को पकड़कर चालानी कार्यवाही करते हैं . गरियाबंद क्षेत्र में 65 सौ जबकि रायपुर क्षेत्र में 16 हजार 500 रूपए का चालान काटा जाता है . नये आदेश के अनुसार रायपुर जिले में 27 हजार 500 का चालान काटा जाना है . ऐसे में समझा जा सकता है कि ट्रेक्टर मालिकों को कितनी परेशानियाँ उठानी पड़ रही हैं . ट्रेक्टर मालिकों के समक्ष आगे कुआं, पीछे खाई वाली स्थिति है . यही वजह है कि उन्होंने विरोध स्वरूप आअपनी-अपनी ट्रेक्टर व ट्रालियों को राजिम के मेला मैदान में खड़ा करते हुए एसडीएम और थाना प्रभारी की कलेक्टर के नाम लिखित ज्ञापन दिया है कि जब तक उन्हें रेत निकालने की रोयल्टी नहीं दी जाती वे चक्काजाम स्वरूप अपनी-अपनी ट्रेक्टर ट्रालियों को मेला मैदान में ही खड़ा रखेंगे .
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