कांग्रेस द्वारा किसानों के आंदोलन को मिला व्यापारियों का पूर्ण समर्थन गरियाबंद रहा समूर्ण बंद
कांग्रेस द्वारा किसानों के आंदोलन को मिला व्यापारियों का पूर्ण समर्थन गरियाबंद रहा समूर्ण बंद
गरियाबंद,
केंद्र सरकार के काले कृषि कानून के खिलाफ जिला मुख्यालय सहित आस पास के किसान सड़को पर उतरे । किसानो के समर्थन में नगर स्वस्फूर्त बन्द रहा । कांग्रेस द्वारा किसान आंदोलन को दिया गया समर्थन गरियाबंद पूर्ण रूप से सफल रहा। स्थिति यह रही कि गरियाबंद में एक भी दुकान खुला नही दिखा,व्यापारी वर्ग ने भी खुलकर कांग्रेस के द्वारा दिए गए किसान आंदोलन को समर्थन दिया।
वही नगर के तिरंगा चौक में किसान कानून वापस लेने के नारे लगाते रहे । किसान केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीनो कानून को वापस लिए जाने की मांग देश भर के किसान के साथ मिल कर कर रहे है । यंहा के किसान संगठनों ने भी बंद का समर्थन करते हए विरोध दर्ज कराया है ।
किसान आंदोलन को समर्थन देकर सड़क पर उतरे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष आबिद ढेबर ने जमकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला बोला, श्री ढेबर ने कहा की केंद्र की बीजेपी सरकार सिर्फ किसान हितेषी होने का ढोंग करती है,जबकि हकीकत कुछ और ही है,
किसान संघ अध्यक्ष चंद्र्भूशन चोहान ने कहा कि आज किसानो के आंदोलन को लगभग पखवाड़े भर का समय होने जा रहा है,लेकिन इसके बाद भी सरकार के कान में जु तक नहीं रेंग रही है,इससे पता चलता है कि मोदी सरकार कितना किसानों के हित में काम कर रही है,वही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनसिंह मरकाम ने कहा कि शायद मोदी सरकार भूल गयी है कि किसान अपने हक को पाने के लिए किसी भी हद तक जाकर लड़ाई लड़ सकते है,उन्होंने कहा कि राज्य की भूपेश सरकार ने हमेशा किसानों के हित मे काम किया है,इसी के बदौलत आज भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक-एक काँग्रेस कार्यकर्ता किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए सड़क पर आकर लड़ाई लड़ रहा है,
किसानो के आंदोलन को व्यापारी वर्ग का भी भरपूर सहयोग मिला,इसी के बदौलत आज गरियाबंद पूरी दुकानें बंद है, जब तक सरकार किसानों के लिए लाए काले कानून को नही बदलेगी,तब तक कांग्रेस पार्टी की यह लड़ाई जारी रहेगी, भारत कृषि प्रधान देश है,ऐसे में कृषि प्रधान देश में किसानों का सड़क में आकर आंदोलन करना ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, आज देश के किसान सड़क पर आकर अपना आवाज़ बुलंद कर रहे है,इसी से समझा जा सकता है कि मोदी जी किसान के विकास को लेकर कितना गम्भीर है।


