आज का चिंतन(सुविचार) - fastnewsharpal.com
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आज का चिंतन(सुविचार)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..07-01-2021*..🎋


✍🏻गुस्से में आप खुद को भी नहीं संभाल सकते लेकिन प्रेम से आप पुरी दुनिया को संभाल सकतें हैं।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷


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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

✍🏻नम्रता से बोलना, हर एक का आदर करना, शुक्रिया अदा करना, और माफी माँगना। ये चार गुण जिस व्यक्ति के पास है, वो सबके करीब और सबके लिए खास है।
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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अनमोल वचनः

उम्र बढ़ने से मुस्कुराहट नहीं रुकती लेकिन मुस्कुराहट रुकने से उम्र जल्दी बढ़ती है। इसलिए हमेशा मुस्कुराते रहिए....

🙏🏻ओम् शांति🙏🏻

🎈आपका दिन शुभ हो🎈

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🙏 *ॐ शांति* 🙏


भगवान का ज्ञान समझने के लिये संसार से भोला बुद्धू होना ही *अनिवार्य* है, क्योंकि ऐसी आत्मा की ही बुद्धि खाली रह सकती है। जो अधिक क्या, क्यों, कैसे करते हैं... वे इस परम पवित्र ज्ञान को न तो *समझ* सकते हैं और न ही *ग्रहण* कर सकते हैं।


🌸 सुप्रभात... 


💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐


*गीता सार का प्रथम श्लोक* 

 *Episode - 1( गीता के किरदार )*


👑 *धृतराष्ट्र* - _जो पुत्र के मोह में अंधा था_ ।

 👑 *गांधारी* -  _जो देखते हुए भी देखना नहीं चाहती थी आंखों में पट्टी बांध ली_ ।


यह देखते हुए यह विचार आता है की आज अगर किसी का *पति* किसी कारणवश *नेत्रहीन* हो जाए तो उसकी *पत्नी* को उसका *सहारा* बनना चाहिए या खुद भी *ब्लाइंडफोल्ड* हो जाना चाहिए?  क्या करना चाहिए ?  विवेक कहता है कि उसको सहारा बनकर *गाइड* करना चाहिए लेकिन यह *गंधारी* कैसी *पत्नी* थी जब खुद उसने आंखों पर पट्टी बांध ली लेकिन तब महसूस हुआ कि महर्षि वेदव्यास जी की *कल्पना का विस्तार कितना एक्यूरेट* दर्शाया गया है कि आज अगर कोई *पति* गलत रास्ते पर चलता है तो उसकी *पत्नी* जानते हुए समझते हुए भी उसको रोकने का प्रयास नहीं करती है। खुद उस समय जानते हुए समझते हुए *ब्लाइंडफोल्ड* हो जाती है और अगर कोई जाता भी है उनके पास न्याय मांगने के लिए कि आप अपने *पति को समझाइए* कि हमारे साथ इतना *अन्याय ना करें* तो जानने के बावजूद भी वह क्या कहती है , अच्छा ! हमें तो पता ही नहीं था । ठीक है, हम देख लेंगे, कोशिश करेंगे कर नहीं पाते । महर्षि वेदव्यास जी की कल्पना की विस्तार में आज की दुनिया में *ऐसे लोग हैं* 


💐धृतराष्ट्र भी है 

💐गांधारी भी हैं 

💐शकुनी भी है 

💐पांडव भी हैं 

💐कौरव भी हैं 


आज अगर हम इंटरनेट पर *कौरवों की नाम की लिस्ट* देखें तो आश्चर्य की बात होती है की कौरव के *नाम का आरंभ दु से* शुरू होता है जो दूसरों को *दुख देना* जानते हैं । आज की दुनिया में देखा जाए की आज मां बाप अपने बच्चों के इतने *सुंदर सुंदर नाम* रखते हैं इतने *मीनिंग फुल नाम* रखते हैं । कलयुग में कोई मां बाप अपने बच्चों के नाम दु से क्यों रखेगा?


 दु से शुरू होने वाले दो *मीनिंगफुल नाम*

💐 *_दुष्यंत_ - दुष्टता का अंत करने वाला*

💐 *_दुर्गा_* - *दुर्गुणों को समाप्त करने वाली* 


कोई *मा बाप* अपने *बच्चो के नाम* इस तरह के नहीं रखते लेकिन ये *गांधारी और धृतराष्ट्र कैसे मां-बाप थे* जिन्होंने अपने बच्चो के नाम ऐसे रख दिए लेकिन तब समझ में आया कि *महर्षि वेदव्यास जी की कल्पना का विस्तार है कि* *आज भले नाम से नहीं लेकिन करैक्टर से ऐसे लोग हमें देखने को मिलते हैं।* 


  👺 *_दुर्योधन_* _जिसने धन का दुरुपयोग किया ऐसे बहुत बच्चे समाज में हैं जो धन का दुरुपयोग करते हैं_ 


👺  *_दुशासन_* जो _शासन का दुरुपयोग करते हैं ऐसे बहुत समाज में हैं_ 


👺 *_दूर विमोचन_* _जिसकी दृष्टि केंद्रीय ही खराब है_ 


👺 *_दुर्बुद्धि_* _जिसकी बुद्धि खराब है_ 


 👺 *_दुष्करन_* _जिसके कान गलत सुनते हैं_


👺 *_दूर्मुख_* _जिसका मुख गलत व्यवहार करता है_ 


जो *कर्मिंद्रियो से दुष्टता* करने वाले हैं ऐसे *करैक्टर वाले लोग आज दुनिया में है* या नहीं है और लास्ट में *एक 

 बहन* वह भी 

                 *दूरशीला* 

शील मना चरित्र और *दुर्शिला* यानी जो *चरित्र से गिरी हुई* हो और ऐसी महिला को कैसे शक्ति कहें?


आज हर *टीवी सीरियल* में दिखाया गया है की


😡 *ईर्ष्या* कैसे करनी चाहिए? 

😡 *बदला* कैसे लेना चाहिए 

😡 *पॉलिटिक्स* कैसे करना चाहिए ? 


       यही दिखाया हुआ है और उसमें भी *नारियों कि भूमिका* ये करते हुए दिखाई गई है । *नारियां* जिस तरह से इतना **प्लैनिंग से बदला लेती हैं*  तो प्रैक्टिकल समाज में ऐसे कृत्य होते होंगे तभी तो सीरियल में ऐसी महिलाएं भी होती ही होती हैं दुनिया में भी हैं *जो दुष्टता का व्यवहार करती हैं* ।

 *महर्षि वेदव्यास ने यह सभी करेक्टर्स 5000 साल पहले की समाधि अवस्था में देखे थे इसीलिए यह सब पर एक्टर्स वर्तमान समय के लिए ही हैं कोई और समय के लिए नहीं हैं 


                 ⛥ ओम शांति ⛥


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