*प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बार फिर किसानों को राहत:-रूपसिंग साहू* - fastnewsharpal.com
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*प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बार फिर किसानों को राहत:-रूपसिंग साहू*

 *प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बार फिर किसानों को राहत:-रूपसिंग साहू*




गरियाबंद

 रूपसिंग साहू सामाजिक कार्यकर्ता एवं कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ युवा प्रकोष्ठ रायपुर संभाग ने कहा कि माननीय नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री भारत सरकार के नेतृत्व में एक बार फिर किसानों को राहत देते हुए खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने का फैसला किया है किसानों की आय दोगुनी करने संकल्पित है एक अतुलनीय पहल केंद्र सरकार के द्वारा किसानों के सपनों को पूरा करने वाला एक सौगात है केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में धान पर एमएसपी में ₹72 की बढ़ोतरी की गई है धान 1940 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है इसके साथ ही बाजरा पर एमएसपी 2250 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है जो कि किसानों के हित में यह फैसला लिया गया है श्री साहू ने कहा कि विगत 7 वर्षों में किसान की पक्ष में बड़े निर्णय हुए हैं ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके उन में खुशहाली आ सके उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ की फसलों पर 50 फ़ीसदी तक एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है।



 कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए यह अथक प्रयास जरूरी था को रोना काल में जब देश को संबल देने वाली पिलहर एक-एक करके कमजोर कर रहे थे तब खेती किसानी ही थी जिसने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया महामारी के दौर में एकमात्र कृषि ने ही वृद्धि दर्ज की ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम खेती और किसानों की मजबूरी के लिए हर जरूरी कदम उठाए ए हर ओ प्रयास करें जिससे हमारा कृषि क्षेत्र उन्नत हो जाए ऐसा ही एक प्रयास बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने खरीफ की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर किया है देश में खरीफ की फसलें उन्हें कहा जाता है कि जिन की बुवाई जून-जुलाई महीनों में की जाती है सितंबर अक्टूबर में इनकी कटाई होती है धान (चावल) मक्का ज्वार बाजरा मूंग मूंगफली गन्ना सोयाबीन उड़द तुवर कुलथी जूट सन कपास आदि को खरीफ की फसल कहा जाता है न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी ग्रंटेड मूल्य जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हो इसके पीछे तर्क यह है कि बाजार में फसलों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का किसानों पर असर न पड़े उन्हें न्यूनतम कीमत मिलती रहे सरकार हर फसल सीजन से पहले सीएसपी यानी कमिशन फॉर एग्रीकल्चर कास्ट एंड प्राइसेज की सिफारिश पर एमएसपी तय करती है यदि किसी फसल की बंपर पैदावार हुई है तो उसकी बाजार में कीमती कम होती है तब एमएसपी उनके लिए फिक्स एशर्ड प्राइस का काम करता है या एक तरह से कीमतों में गिरने पर किसानों को बचाने वाली बीमा पॉलिसी की तरह काम करते हैं बुधवार को सरकार ने तिल के समर्थन मूल्य में ₹452 तुवर और उड़द दाल पर ₹300 बढ़ाई गई है धान का मूल्य 1868 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1940रु किया गया है कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि बाजे रे कभी मूल्य 2150 रुपए से बढ़ाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल होगा केंद्र सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधा लाभ होगा  नए कृषि कानून को लेकर किसानों में भ्रम की स्थिति खरीदी बिक्री की मौजूदा व्यवस्था में किसी तरह के बदलाव की बात नया कानून में नहीं किया गया है जो की भारत देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार हर संभव मदद के लिए आगे आ रहा है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच गरीब की पेट किसान की खेत का चिंता करने वाली सरकार है यह सौगात से छत्तीसगढ़ प्रदेश एवं भारत देश के किसानों में खुशहाली आएगी और समृद्धि किसान के रूप में विकसित भारत की ओर आगे तेजी से बढ़ रहा है।

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