धरसीवां विधानसभा के मूरा गांव में हुई किसान संसद
धरसीवां विधानसभा के मूरा गांव में हुई किसान संसद
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
छत्तीसगढ़ किसान महासभा द्वारा मूरा में किसान संसद का आयोजन किया गया।
किसान संसद का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर पूरे देश में अगस्त क्रांति दिवस के रूप में किसानों द्वारा क्रांति दिवस के रूप में कियाअगस्त क्रांति दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर एकजुटता प्रदर्शित करते हुए छत्तीसगढ़ किसान महासभा द्वारा किया गया. किसान संसद के सभापति डॉक्टर खंजन रात्रे तथा उपसभापति मनीराम ढीढी ने किसान संसद का संचालन में भरपूर सहयोग किया.संसद में वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास करते हुए तीन काले कृषि कानून रद्द करो वर्ना मोदी सरकार गद्दी छोड़ो और कार्पोरेट भारत छोड़ो का नारा बुलंद किया गया।किसान संसद में सर्वप्रथम अगस्त क्रांति के शहीद सेनानी के साथ ही वर्तमान किसान आंदोलन के शहीद किसानों को तथा कोरोना काल में आक्सीजन या ईलाज के अभाव में या लाकडाऊन के दौरान पैदल घर लौटते मारे गए देश के परिजनों को श्रद्धांजलि दी गई. पश्चात सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ग्राम के उपस्थित ग्रामीणजनों ने सर्वसम्मति से पास किया और तीनों कृषि कानून को रद्द करने व बिजली विधेयक2020 रद्द करने तथा समस्त कृषि उत्पादों को न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदने की गांरटी करने वाला कानून बनाने संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. प्रस्ताव छत्तीसगढ़ किसान महासभा संयोजक नरोत्तम शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया.
संसद में क्षेत्र के जनपद सदस्य प्रतिनिधि टोकेन्द्र गायवाड़ ने कहा कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए ग्रामीण जनों से किसान आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग करने की अपील की.आज के किसान संसद को सफल करने में पवन आडिल सुरेंद्र साहू, परसू राम,कृष्णा ढीढी, मधुसूदन कोशले,सुकलाल सोनवानी, गंगाराम, श्रीमति कोंदीबाई,खेदिया धीवर,पांचो बाई,रामअधार साहू,चैन दास,नंदपाल,नंदू धीवर, प्रहलाद वर्मा, राजकुमार, शिव कुमार वर्मा ने मुख्य रूप से सहयोग किए और किसानों के पक्ष में आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर मुख्य भूमिका में आने की बात दोहराई. उपस्थित ग्रामीणजनों ने दिल्ली किसान आंदोलन को मजबूत करने अपने ग्राम से किसानों का जत्था भेजने तथा संघर्ष कोष में बढ़चढ़ कर दान करने का निर्णय लिया. गांव गांव में चल रहे इस किसान संसद कार्यक्रम की काफी प्रसंशा की और इस कार्यक्रम को और अधिक ग्रामों में ले जाने का निर्णय लिया.आज के संसद पचास से अधिक ग्रामीण किसान व मजदूर की उपस्थिति में संपन्न हुई. किसान संसद को संजय अनुरागी, बिसहत कुर्रे, केशव साहू ने संबोधित करते हुए नारे लगाए .किसान विरोधी तीनों काला कानून वापस लो-वरना गद्दी छोड़ दो.कम्पनी राज नहीं चलेगा-कारपोरेट गुलामी नहीं सहेंगे. खेत खेती किसान बचाओ-कारपोरेट लूट का राज मिटाओ.09 अगस्त क्रांति के शहीद सेनानी अमर रहे.वर्तमान किसान आंदोलन के शहीद अमर रहे. ।




