सड़क हादसों में आये दिन हो रही गायों की मृत्यु
सड़क हादसों में आये दिन हो रही गायों की मृत्यु
सप्ताहभर में ही करीब दर्जन भर गायों की मौत
सुरेन्द्र जैन / धरसीवा
सांकरा से धनेली तक जहां देखो वहीं हाइवे एवं सर्विस रोड पर गायों के झुंड बैठे रहते हैं जो आये दिन सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं बीते एक सप्ताह में ही करीब दर्जनभर गायों की सडक़ हादसों में मृत्यु हो चुकी है हर साल इसी तरह गायों की मौत के बाबजूद शासन प्रशासन सरकार की गांव गांव गौठान योजना से सांकरा को वंचित रखे हुए है यदि सांकरा में गौठान होती तो शायद आये दिन गायों की इस तरह मौत न होती।
*गौसेवकों की निःस्वार्थ सेवा*
सांकरा ओर धनेली के लगभग पचास गौसेवक जो बजरंग दल से जुड़े हैं वह निःस्वार्थ भाव से काम करते आ रहे हैं जब भी कहीं गौमाता के साथ दुर्घटना की जानकारी मिलती है गौसेवक तुंरन्त मौके पर पहुचते हैं घायल गायों का उपचार ओर जिनकी मृत्यु हो जाती है उनका हिन्दू रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार करते हैं
*सप्ताहभर में किया दस गायों का अंतिम संस्कार*
गौसेवक पीतांबर यदु माधव तांडी ओर उनके लगभग 50 बजरंगी गौसेवक गौसेवा में समर्पित रहते हैं बीते एक सप्ताह में ही अलग अलग दुर्घटनाओं में दस गायों की मौत हो चुकी है जिनका अंतिम संस्कार गौसेवकों ने हिन्दू रीति रिवाज से किया।
*ग्रुप में सूचना मिलते ही पहुचते है*
गौसेवक बजरंग दल से जुड़े युवाओं का व्हाट्सअप ग्रुप है जब भी कहीं कोई दुर्घटना या कहीं गाय की बीमारी या मृत्यु होती है तो जिसको भी जानकारी पहले मिलती है वह तुंरन्त उसके फ़ोटो के साथ ग्रुप में सूचना देता है और सूचना मिलते ही गौसेवक मौके पर पहुचते हैं यदि घायल है तो उपचार कराकर मां बंजारी धाम गौशाला को सूचना देकर वहां का वाहन आता है और उसके माध्यम से गाय को गौशाला भेजते है यदि मृत्यु हो गई तो अंतिम संस्कार करते हैं।
*बन सकती है विशाल गौशाला*
सांकरा में सरकारी जमीन इतनी है कि बड़ी से बड़ी विशाल गौशाला बनाई जा सकती है
औधोगिकीकरण के समय जो जमीन निस्तारी को एकेवीएन ने ग्राम पंचायत को दी थी वह जमीन भी ग्राम पंचायत को मिलने की कागजी कार्यवाही हो चुकी है लगभग 23 एकड़ जमीन है यदि उक्त जमीन पर शासन प्रशासन चाहे तो बेहतरीन गौशाला का निर्माण हो सकता है।
