नवापारा नगर के कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय मे ब्रह्माकुमारीज का जीवन जीने की कला पर फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम पर हुआ व्याख्यान - fastnewsharpal.com
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नवापारा नगर के कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय मे ब्रह्माकुमारीज का जीवन जीने की कला पर फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम पर हुआ व्याख्यान

 नवापारा नगर के कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय मे ब्रह्माकुमारीज का जीवन जीने की कला पर फैकेल्टी   डेवलपमेंट प्रोग्राम पर हुआ  व्याख्यान,



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नवापारा नगर 

नवापारा नगर के कुलेश्वर  महादेव महाविद्यालय मे ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा दिए जाने वाले जीवन जीने की कला पर व्याख्यान हुआ।

कार्यक्रम की शुरुवात  सर्वप्रथम दो मिनट ईश्वर की याद  गीतों के साथ हुआ तत्पश्चात  कालेज के प्रिंसिपल  एस.आर वाडडे  द्वारा आये अतिथि ब्रकु विवेक शर्मा व्याख्याता व आध्यात्मिक संग्रहालय राजिम में सेवा के निमित्त डायरेक्टर का गुलदस्ता भेट कर  स्वागत किया।






भ्राता बीके विवेक शर्मा जी द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा दिए जाने वाले आध्यात्मिक ज्ञान का विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया की मनुष्य जीवन प्रभु उपहार हैँ और इस जीवन को व्यर्थ नहीं गवाए क्योंकि हम जो है वह हम नहीं जानते आगे बताया की मनुष्य के अंदर एक चैतन्य शक्ति  आत्मा है  असूल मे हम वही है और जीवन मे सुख शांति की अनुभूति स्वयं को जानने और पहचानने से ही मिल सकता है।

मनुष्य सुख और शांति को पाने के लिए संसाधनों मे ढूढ़ते  है पर संसाधनों  से सुख भल मिल सकता है पर असूल मे शांति स्वयं को जानने और पहचानने से ही मिल सकता है। लोगो के पास भरपूर  भौतिक वैभव होते भी शांति की चाहना रख भौतिक साधनों मे शांति ढूढ़ते है, पर स्वयं की पहचान होने पर सुख और शांति की अनुभूति  होते है वह हैँ आत्मा की।







आगे बताया स्वयं को पांच तत्वों से बने दिखने वाले शरीर न समझ मस्तक के बीच भृकुटी चमकता सितारा समझे और यह अभ्यास प्रतिदिन करने से ही प्राप्त हो सकता हैँ। और परमात्मा भी ज्योति बिंदु है जिसे सभी धर्मो  के लोग  रूहानी पिता के रूप मे याद करते हैँ जो सभी धर्मो के लोग ज्योति के रूप मे मानते है। जीवन मे जो भी कार्य करते है और उस कार्य का अंतिम लक्ष्य भी होता है उसी तरह जीवन जी तो रहे है पर हम सभी जीने की लक्ष्य को भूल गए है वही कहाँ भी जाता है की नर ऐसी करनी करे जो नारायण बन जाये और नारी ऐसी करनी करे जो लक्ष्मी  बन जाये। मनुष्य अपने कर्मो से ही ऐसे देवताओ जैसा दैवी गुण जीवन मे अपना कर देवताओ जैसा जीवन बना सकता है और यह सब संभव है राजयोग से, जो की ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र मे निःशुल्क सात दिवसीय पाठ्यक्रम द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। अंत मे बीके सेवा भाई  द्वारा उपस्थित सभी को राजयोग  कमेंट्री द्वारा अभ्यास द्वारा अनुभूति करवाया।

उक्त कार्यक्रम का संचालन  उदबोधन  कालेज की शिक्षिका  मधुरानी शुक्ला ने किया।

कार्यक्रम मे यह रहे उपस्थित ---श्री एस.आर वाडडे (प्र.प्राचार्य ),मधुरानी शुक्ला,डा . पवन अग्रवाल,डा . रजिया सुल्ताना,श्री जितेन्द्र सिन्हा,श्री प्रकाश जांगड़े,सुश्री नंदिनी साहू,सुश्रीकंवर,श्री काबरा,श्रीमती मोनिका साहू,सुश्री साक्षी मेश्राम, सहित कालेज के समस्त स्टॉफ गण व बीके विवेक भाई, बीके सेवा भाई,बीके बृजलाल भाई  व बीके दीपक भाई उपस्थित रहे।

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