अभनपुर मे तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों ने सीखा बालवाड़ी संचालन के तरीके--
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों ने सीखा बालवाड़ी संचालन के तरीके--
(बी आर सी केंद्र अभनपुर में संपन्न हुआ शिक्षक प्रशिक्षण)
अभनपुर
शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजना के तहत विकासखण्ड अभनपुर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर बालवाड़ी संचालन किया जाना है इस हेतु शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण विकासखंड स्रोत केंद्र अभनपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भागीरथी बघेल विकासखंड स्रोत समन्वयक अभनपुर ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया,राजकीय गीत अरपा पैरी के धार के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागीरथी बघेल ने कहा कि,बालवाड़ी केंद्र का संचालन अपने आप में महत्वपूर्ण कार्य है इसमें शिक्षकों की भूमिका बालवाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच सेतु का होगा, इसमें सभी की सहभागिता महत्वपूर्ण है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों के माध्यम से बी आर जी ग्रुप में शामिल कोमल चंद साहू संकुल समन्वयक खोरपा, यशवंत साहू संकुल समन्वयक कुर्रू अंकिता ठाकुर अजीम प्रेम जी फाउंडेशन और मास्टर ट्रेनर श्रवण कुमार साहू सहायक शिक्षक सुंदरकेरा ने बालवाड़ी के विभिन्न आयामों पर विस्तार से रुचिपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया। कोमल चंद साहू जी ने बालवाड़ी की भूमिका पर चर्चा करते हुए अक्षरों से विविध आकृति निर्माण को बताया तो, यशवंत साहू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर विस्तार से चर्चा करते हुए इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला,तो मास्टर ट्रेनर श्रवण कुमार साहू ने बालवाड़ी की संकल्पना,उद्देश, लक्ष्य एवम इसके संचालन के विविध पहलूओ पर व्यापक रूप से चर्चा परिचर्चा एवम छोटी छोटी बाल गीतों के माध्यम से बालबाड़ी प्रशिक्षण को जीवंत कर दिया। अजीम प्रेम जी फाउंडेशन की ओर से मेंटर की भूमिका में अंकिता मेम ने बच्चों के विभिन्न भाषायी कौशलों पर अनेक छोटी बड़ी गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षणाधीन शिक्षकों को बालवाड़ी संचालन के गुर सिखाये। महिला एवम बाल विकास विभाग की सुपरवायजर रेखा राजपूत एवम रेखा साहू ने छोटी छोटी रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को प्रेरित किया।इस प्रशिक्षण में विभिन्न विद्यालयों से पहुँचे शिक्षक साथियों ने चर्चा,परिचर्चा, समूह कार्य, नाटक, कथा, कहानी, गीत, कविता,रोल प्ले के माध्यम से न केवल रुचिपूर्ण हिस्सा लिया, बल्कि अपने अपने अनुभव,कला कौशल एवम दक्षता का भी विभिन्न चित्र चार्टो एवम माडल बनाकर प्रस्तुत किया। इस प्रशिक्षण में राखी मौर, सिंपल बाँसवार, राम नारायण धीवर, टाकेशवर सिन्हा, डमेशवर साहू, भूपेंद्र कंडरा, रितु साहू, अनिता, देवकी टंडन, लता साहू, हेमंत साहू,एवम अन्य शिक्षकों की विशेष सहभागिता रही।


