विकासखंड स्तरीय दो दिवसीय मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा प्रशिक्षण का हुवा समापन,बच्चो की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता_बीईओ आरंग
विकासखंड स्तरीय दो दिवसीय मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा प्रशिक्षण का हुवा समापन,बच्चो की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता_बीईओ आरंग
आरंग
मेट्स विश्वविद्यालय गुल्लू के प्रशिक्षण हाल में विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरंग एन पी कुर्रे के निर्देशानुसार विकासखंड स्तरीय मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा प्रशिक्षण समापन दिवस की शुरुआत सरस्वती वंदना व छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत तथा प्रेरणा गीत से हुई
जिसमें शिक्षक अरविंद कुमार वैष्णव,सुधीर आचार्य, चित्रा देवांगन,दुलारी साहू, रानू द्विवेदी,राजेश साहू आदि एवम सुरक्षा गतिविधि प्रदर्शन में नागेंद्र देवांगन,शैलेंद्र शुक्ला,विनय अग्रवाल,अमित धनकर,सुशांत गोयल, सीमा विशाल,अनिता सिंह,जितेंद्र मिश्रा,प्रकाश चंद्र साहू ,भास्कर प्रसाद यादव, गजमुक्ता साहू आदि की सहभागिता रही। मैट्स प्राचार्य डा ए जे खान ने सबका उत्साह बढ़ाते हुवे बच्चो एवम स्वयं की सुरक्षा के कई टिप्स दिए, वही विकास खंड शिक्षा अधिकारी एन पी कुर्रे, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी आलोक चांडक, विकासखंड स्रोत समन्वयक मातली नंदन वर्मा ने कहां की कहां की जोखिम की स्थिति बनने पर इस प्रशिक्षण से प्राप्त कुशलता का समुचित क्रियान्वयन विद्यालय में होना चाहिए और बच्चो की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही ।
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर व्याख्याता अपर्णा तिवारी एवं परियोजना अधिकारी योगेश्वर साहू व रविकांत देशमुख ने आग लगने पर सुरक्षा , अग्निशमन यंत्र का उपयोग, बंधन झोली बनाना, जल की शुद्धता और सुरक्षा, बाल संरक्षण अधिकार, पास्को एक्ट, बाल श्रम एवं विद्यालय में बाल संरक्षण समिति बनाना, पास्को बॉक्स बनाना, सुरक्षित शनिवार के विषय में विशेष दिशा निर्देश एवं विपदा आपदा जोखिम पर जोखिम गतिविधियों का प्रदर्शन करके प्रोजेक्टर के माध्यम से भी समझाया तथा बच्चों के स्वभाव एवं उनकी सुरक्षा पर संपूर्ण ध्यान देने की बात कहते हुए उनके घर अथवा समाज में उपेक्षा शोषण दुर्व्यवहार हिंसा अथवा अन्य जोखिम से सुरक्षित रखना यदि बच्चा किसी असुरक्षित स्थिति का शिकार है तो सहायता और पुनर्वास प्रदान करना तथा कहां की ध्यान ना देना मृत्यु ,स्थाई विकलांगता, मानसिक शारीरिक स्वास्थ्य का खराब होना, शिक्षा में समस्या आना, विस्थापन एवं घर से विलग जैसे जोखिम उत्पन्न हो जाते हैं वही सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श पर लैंगिग अपराध की श्रेणी एवम विद्यालयीन समस्याओं पर व्यापक चर्चा परिचर्चा के साथ साथ चिल्ड्रन हेल्प लाइन नंबर 1098 महिला हेल्पलाइन 1091 इमरजेंसी नंबर 100, 112 एवं फायर ब्रिगेड नंबर 101 एंबुलेंस नंबर 102 और 108 आदि की भी जानकारी दी गई तथा सभी विद्यालय में एसएमडीसी 17 सदस्य टीम के गठन के निर्देश,पास्को बॉक्स व बाल संरक्षण समिति गठन के निर्देश दिए गए इस अवसर पर संकुल समन्वयक हरीश दीवान, जितेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र चंद्र सेन, रोशन चंद्राकर, विजय देवांगन, अनिल चतुर्वेदी, नेत्र चंद्र जोशी ,अमित अग्रवाल, प्रहलाद शर्मा, नूतन मांडले सहित सभी संकुल के समन्वयक गण एवं 350 से भी अधिक शिक्षकों की उपस्थिति रही।












