श्रीमद् भागवत कथा सुनने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को मिलता है-समाजसेवी श्री साहूजी - fastnewsharpal.com
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श्रीमद् भागवत कथा सुनने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को मिलता है-समाजसेवी श्री साहूजी

 श्रीमद् भागवत कथा सुनने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को मिलता है-समाजसेवी श्री साहूजी 




गरियाबंद

 जिला के ग्राम भैंसातरा (राजिम) मे साहू परिवार के अथक प्रयास व कथावाचक पंडित श्री त्रिभुवन मिश्रा महाराज जी के सानिध्य में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया आयोजन के  9 वा दिन एवं समापन अवसर पर रूपसिंग साहू भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता जिला गरियाबंद ने शामिल हुए साथ ही साहू ने प्रवचन कर्ता पंडित श्री त्रिभुवन मिश्रा जी से आशीर्वाद लिया तथा अतिथि उद्बोधन में कहा कि गीता ज्ञान प्रकाश ज्ञान जीवन है गीता से ही सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने की कला प्राप्त होता है।




 उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में यह श्रेष्ठ कथा मानी गई है श्रीमद् भागवत कथा को सुनने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को मिलता है 9 दिन तक लगातार गीता का श्रवण करने वाला व्यक्ति कई पापों से मुक्ति पा लेता है इस पवित्र कथाओं का सुनकर अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने दे इस अध्याय से आरंभ में श्री कृष्ण ने कहा अर्जुन तू दो सहित वक्त के लिए मैं इस ज्ञान को विज्ञान सहित कहूंगा जिसे जानकर कुछ भी जानना शेष नहीं रहेगा यह जानकर तू संसार बंधन से छूट जाएगा या ज्ञान संपूर्ण विधाओं का राजा है विद्या वह है जो परम ब्रह्मा में प्रवेश दिलाए यह ज्ञान उसका भी राजा है अर्थात निश्चित ही कल्याण करने वाला यह संपूर्ण गोपनीय का भी राजा है गोपनीय वस्तु को भी प्रत्यक्ष करने वाला यह प्रत्यक्ष फल वाला साधन करने में शुगम और अविनाशी है इसका थोड़ा साधन आपको पार लग जाएं तो जिसका कभी नाश नहीं होता वरना इसके प्रभाव से परम श्रद्धेय तथा पहुंच जाता है किंतु इनमें एक शर्त है श्रद्धा हीन पुरुष परस गति को ना प्राप्त होकर संसार चक्र में भटकता है यह आयोजन श्री बांके बिहारी असीम कृपा एवं पीतोरों के आशीर्वाद से सुपुत्र स्वर्गीय दिनेश साहू के पुण्य स्मृति में किया गया उक्त कार्यक्रम में उपस्थित रजऊराम साहू, भारत धर्मेंद्र चम्मन ध्रुव राम पुनीत कार्तिक टिकेश्वर नंदकुमार भागी अर्जुन प्रकाशमणि साहू विनय साहू मोनू साहू मनहरण साहू रूपेश साहू श्रीमती रुखमणी साहू देविका लक्ष्मी नवीन साकेत राधा रजनी गणेशया फुलबाई पुनिया ऊमठी मनटोरा फुलवा धरमौवतीन कौफी नेमा मोतीन गीता पेमीन दिनेशवरी धनेशवर तोषण सहित लगभग 200 के आसपास श्रद्धालु कथा सुन रहे थे।

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