सरकार क़ी योजना गौठान अब नाम मात्र का,अधिकारियो व जनप्रतिनिधियों क़ी उदासीनता, जनता के लिए बना जोखिम व आकस्मिक मौतो का रास्ता
सरकार क़ी योजना गौठान अब नाम मात्र का,अधिकारियो व जनप्रतिनिधियों क़ी उदासीनता, जनता के लिए बना जोखिम व आकस्मिक मौतो का रास्ता
अभनपुर /नवापारा
सरकार क़ी योजना गौठान अब क्षेत्र मे नाम मात्र का ही रह गया हैँ, साथ ही सरकार क़ी यह योजना को जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधियों द्वारा नाम मात्र का करने मे सहभागिता ही कहा जाय। जो सरकार द्वारा किसानो के लिए हित के लिए पुरे छत्तीसगढ़ मे शुरुवात बहुत ही बेहतर ढंग से किया साथ ही सभी ग्राम पंचायतो मे लाखो व करोड़ो क़ी लागत से गौठान निर्माण करवाया गया। जिसका जिम्मा पंचायत प्रतिनिधि व जनपद के अधिकारियो को सौपा गया।
पर जिम्मेदार अधिकारियो क़ी उदासीनता के चलते गौठान मे जानवर नहीं और सड़को मे जानवर अक्सर सड़क मे ही झुण्ड के झुण्ड रात को बैठा रहता हैँ। जिसे जिम्मा सौपा गया हैँ उसे क्या...?
रात को इन्ही जानवरो के पुरे सड़क मे बैठे होने के कारण व जानवरो मे कोई भी प्रतीकात्मक व रेडियम नहीं लगाए जाने के चलते, राहगीरों क़ी दुर्घटना से मौत हुए हैँ व जिम्मेदारी लिए जनप्रतिनिधि व अधिकारियो को कोई रंचक मात्र भी दुर्घटना होने के बौजूद अब तक कोई सजग नहीं हुए हैँ और लगातार राहगीर इन्ही जानवरो से दुर्घटना होकर आकस्मिक मौत का शिकार हुआ हैँ।
आपको यह भी बता दे कि नवापारा से आरंग सड़क मार्ग मे यह नजारा हर रात को देखा जा सकता हैँ जो पारागांव, नवागांव, जौदा, पोंड, तोरला, तामासिवनी सहित सभी सड़क मार्गो मे देखा जा सकता हैँ।


