धरसींवा --क्षेत्र के इस गांव मे शादी -ब्याह पर भारी ओधोगिक प्रदूषण, लोग परेशान
धरसींवा --क्षेत्र के इस गांव मे शादी -ब्याह पर भारी ओधोगिक प्रदूषण, लोग परेशान
सुरेन्द्र जैन/धरसीवा
राजधानी रायपुर से लगे धरसीवा के ओधोगिक क्षेत्र सिलतरा से लगे गांवों में ओधोगिक प्रदूषण अब कुंवारे लड़कों पर भी भारी पड़ने लगा है यहां का प्रदूषण देख लड़की वाले अपनी बच्चियों के यहां संबन्ध तक करने से मना करने लगे है....
.ओधोगिक क्षेत्र के फेस टू से लगे ग्राम सोण्डरा व सांकरा सर्वाधिक प्रदूषण का कहर झेलते हैं....इन गांवो के उत्तर में उधोग होने ओर हवा का रुख दक्षिण की तरफ होने से सर्वाधिक प्रदूषण इन दोनों गांवो को झेलना पड़ रहा है जबकि सामुदायिक विकास के नाम पर ओधोगिक इकाइयों की ओर से इन दोनों गांवो में सीएसआर मद से सड़क बिजली पानी शिक्षा स्वस्थ्य ओर ग्रामीणो को अच्छे रोजगार से लगाने की दिशा में कोई पहल नहीं कि गई है....जबकि बढ़ते प्रदूषण से हाल ये है कि तालाब के पानी और मकानों की छतों ओर काली परत जमा हो रही है ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं.....सोण्डरा के ग्रामीणो ने हमारे संवाददाता सुरेन्द्र जैन को गांव बुलाकर प्रदूषण से बर्बाद होती जिंदगी की दास्तान सुनाई .....ग्रामीणो ने यह भी बताया कि अब तो हालात ये हैं कि उनके कुंवारे बच्चों की शादी तक मुश्किल हो रही है लड़की वाले लड़का देखने आते हैं लेकिन प्रदूषण देख यहां अपनी बेटी की शादी करने से साफ इंकार कर चले जाते हैं.....ग्रामीणो का कहना है कि घनकुल स्टील मारुति फेरस वासवानी आदि फैक्ट्रियां जो गांव से लगी हुई हैं उनका सर्वाधिक प्रदूषण गांव में पहुचता है।


