ब्रह्माकुमारीज गुंडरदेही वरदानी भवन मे हुआ शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन
ब्रह्माकुमारीज गुंडरदेही वरदानी भवन मे हुआ शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन
गुंडरदेही
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, वरदानी भवन, गंडरदेही द्वारा,"शिक्षक सम्मान समारोह" का आयोजन बी. के. ममता बहन द्वारा 14 सितंबर को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिसमें गुंडरदेही विकासखंड के 100 शिक्षकों का शाल, श्रीफल और ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मान किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री राजेंद्र कुमार देशमुख जी, ब्लॉक अध्यक्ष,छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन गुंडरदेही, अध्यक्षता बी के बिंदु दीदी जी संचालिका- सेवाकेंद्र गरियाबंद, विशिष्ट अतिथि - दीपक तिवारी जी सेवानिवृत्त शिक्षक, प्रवीण लोन्हारे जी, प्रधान पाठक रौना उपस्थित थे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नैतिक, चारित्रिक और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर श्रेष्ठ समाज की पुनर्स्थापना करना है तभी हम परिवार, समाज और देश को बदल सकते हैं। सर्वप्रथम वरदानी भवन की संचालिका बी के ममता बहन जी के द्वारा स्वागत भाषण दी गई । जिसमें मुख्य अतिथि राजेंद्र कुमार देशमुख जी ने अपनी उद्बोधन में कहा कि एक डॉक्टर, डॉक्टर, एक इंजीनियर, इंजीनियर नहीं बना सकता लेकिन एक शिक्षक में डॉक्टर, इंजीनियर, वकील कलेक्टर सब कुछ बनाने की क्षमता होती है। बी के कुंती दीदी ने डॉक्टर राधाकृष्णन जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह साधारण परिवार में जीवन व्यापन करते हुए समाज सेवा में इतनी अग्रणी थे कि वह भारत में ही नहीं, अपितु विदेशों में भी सम्मान पाया। इसी प्रकार सभी शिक्षक शाला में बच्चों को नैतिक, आध्यात्मिक एवं चारित्रिक मूल्यों का विकास कर समाज के साथ देश के नव निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही बी के बिंदु दीदी जी ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक स्वयं बादशाह नहीं होते लेकिन अपनी विद्यार्थियों को बादशाह बनाते हैं इसकी खुशी की अनुभूति उन्हें तब होती है जब उनके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी किसी उच्च पद पर आसीन होते हैं । बी के लेखनी बहन ने ब्रह्माकुमारी संस्था का संपूर्ण परिचय देते हुए संस्था का मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में संस्था से जुड़े भाई बहन अरुण साहू जी, योगेश भाई,संजय भाई, जितेंद्र भाई, कीर्तन भाई, सोमनाथ भाई ,नरेंद्र भाई, लेखराम भाई, लता बहन एवं वर्षा बहन उपस्थित थे।








