आंचलिक खबरें
छत्तीसगढ़
*पीड़ित गरीबो ने कलेक्टर को ज्ञापन सौपकर न्याय की लगाई गुहार*
बुधवार, 22 जुलाई 2020
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*बीस साल से झोपड़ी बनाकर रह रहे गरीबो को हटाने की तैयारी*
*बड़ा सवाल भरी बारिस में जाएं तो जाएं कहां*
*पीएम आवास योजना का लाभ भी नही मिला गरीबो को*
*धनेली ग्राम का मामला,लोग अब मुशीबत में*
सुरेन्द्र जैन सांकरा निको धरसीवां
धरसीवां की ग्राम पंचायत धनेली में शासकीय भूमि पर दो दशक से झोपड़ी बनाकर निवास करने वाले गरीब मजदूर इन दिनों आशियाना छिनने के डर से मुसीबत में हैं.....हाल ही में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल ने भी एक पूर्व नपाध्यक्ष के मकान को अतिक्रमण में तोड़ने की घटना के बाद कहा था कि अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं ओर बारिस के समय किसी को परेसानी न हो इसका भी ध्यान रखें बाबजूद इसके अब धनेली ग्राम पंचायत में भी भरी बरसात में गरीब मजदूरो को छत विहीन करने की योजना चल रही है....इन गरीबो का कहना है कि 15 साल सरपंच रहे पूर्व सरपंच खेलु निषाद ने उन्हें यहां बसाया था ....इन गरीबो को गरीबी रेखा राशन कार्ड बच्चो को सरकारी स्कूल में एडमिशन भी मिला है लेकिन आज तक इन्हें सरकारी आवास योजना और स्वच्छ भारत अभियान में शौचालय योजना का लाभ नही मिला....इस मामले में बर्तमान सरपंच का कहना है कि जिस जगह पर पूर्व सरपंच ने उन्हें बसाया था वहां गौठान के लिए भूमि पूजन हो चुका है अस्थाई रूप से उन्हें कुछ माह रहने शासकीय भवन में व्यवस्था की जाएगी।
*पीएम आवास किनके लिए*
एक तरफ गरीबो के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं चलाने का दंभ भरती है तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर नजारा इसके ठीक विपरीत दिखाई देता है
पूर्व में इंदिरा आवास योजना थी अब प्रधानमंत्री आवास योजना के चल रही है लेकिन बीस सालों से रह रहे इन गरीब परिवारों को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित कर इन्हें खुदके आशियाने क्यो उपलब्ध नही कराए गए और इन्हें स्वच्छ भारत अभियान में भी शौचालय बनाने क्यो राशि नही दी गई जबकि गरीबी रेखा के राशन कार्ड भी इनके पास है और इन गरीब परिवारों के बच्चे भी यही सरकरीं स्कूलों में पढ़ने जाते है ।
*पीएम आवास किनके लिए*
एक तरफ गरीबो के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं चलाने का दंभ भरती है तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर नजारा इसके ठीक विपरीत दिखाई देता है
पूर्व में इंदिरा आवास योजना थी अब प्रधानमंत्री आवास योजना के चल रही है लेकिन बीस सालों से रह रहे इन गरीब परिवारों को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित कर इन्हें खुदके आशियाने क्यो उपलब्ध नही कराए गए और इन्हें स्वच्छ भारत अभियान में भी शौचालय बनाने क्यो राशि नही दी गई जबकि गरीबी रेखा के राशन कार्ड भी इनके पास है और इन गरीब परिवारों के बच्चे भी यही सरकरीं स्कूलों में पढ़ने जाते है ।
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