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छत्तीसगढ़
*गोधन न्याय योजना से गौ पालन को मिलेगा बढावा - दीवान*
शुक्रवार, 24 जुलाई 2020
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गोधन न्याय योजना से गौ पालन को मिलेगा बढावा - दीवान
आंरग
प्राचिन काल से गोवंश कृषि प्रधान देश का आधार स्तंभ रहा है। गौवंश का न केवल आर्थिक वरन आध्यात्मिक महत्व है। जहां गौ की रक्षा व सेवा होती है वहां सर्वांगीण विकास होता है। उक्त उद्गार भागवत प्रवक्ता पं. छत्रधर दीवान के है। श्री दीवान ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई गोधन न्याय योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे देश में गौ को पशु नही अपितु माता एवं लक्ष्मी मानकर उनकी पूजा व सेवा की जाती है। छ.ग. के चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरुवा, बारी तथा गोधन न्याय योजना की प्रशंसा करते हुए कहा इससे युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से परिचित होगी। जैविक खेती के साथ साथ गो संरक्षण व संवर्धन को बढावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढेंगे। परिणाम स्वरुप ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी। उन्होनेे कहा की धरती माता, गो माता, गंगा जी व जन्म देने वाली माता का संरक्षण व सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। आज गो माता की स्थिति बहुत दयनीय है। इन्हे खुले में छोडने के कारण आये दिन सडको में दुर्घटनाएं होती रहती है। गौ माता की सेवा से समृद्धि आती है। इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश व देश शसक्त व समृद्धिशाली बनेगा व गो पालन को निश्चित रुप से बढावा मिलेगा। आज के इस भौतिक युग में गोपालन व उनके प्रति आस्था घटती जा रही है। गौ हमारे लिये सदा उपयोगी है। गौ हत्या के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए उन्होने कहा कि गौ बचेगी तभी देश बचेगा। परम्परागत कृषि गौवंश पर ही निर्भर थी किंतु वैज्ञानिक तरीके से कृषि करने के कारण गौ सेवा में कमी आई है किंतु उक्त योजना से गौ की सेवा व रक्षा दोनो होगी। श्री दीवान ने कहा कि गौ माता के शरीर में तैतीस कोटि देवी देवताओ का वास होता है। अतः एक गो की पूजा सेवा से सारे देव प्रसन्न होते है।
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