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*झीरम नक्सली हमले में दिवंगत कांग्रेस नेता को उनकी जयंती पर किया याद--धरसींवा*
बुधवार, 12 अगस्त 2020
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झीरम नक्सली हमले में दिवंगत कांग्रेस नेता को उनकी जयंती पर किया याद
जयंती के उपलक्ष्य में सत्यनारायण
सुरेन्द्र जैन सांकरा निको धरसीवां
झीरम नक्सली हमले में दिवंगत कांग्रेस नेता योगेंद्र शर्मा की 58 वीं जयंती पर आज उन्हें याद किया गया....सांकरा स्थित विधायक कार्यालय परिसर में उनकी उनकी विधायक पत्नी श्रीमती अनीता शर्मा,उनके सुपुत्र हर्षित शर्मा ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर याद किया...इस अवसर पर सत्यनारायण की कथा का आयोजन कर ईश्वर से कोरोना रूपी महामारी से प्राणी मात्र की रक्षा की कामना भी की गई....ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा,कांग्रेस नेता देवेंद्र वर्मा तरपोंगी तिल्दा,रोहित अग्निहोत्री,उप सरपंच धरसीवां साहिल खान,शाला विकास समिति सांकरा के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा,उपसरपंच मनोज सायतोड़े,हमीद खान,रोशन गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में एक एक कर क्षेत्र के लोगों ने दिवंगत नेता की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पण कर उन्हें याद किया।
*टेकारी के किसान परिवार में जन्मे थे योगेंद्र*
झीरम नक्सली हमले में दिवंगत कांग्रेस नेता योगेंद्र शर्मा का जन्म 12 अगस्त 1962 को रायपुर के समीप धरसीवा के छोटे से गांव टेकारी में किसान परिवार में पण्डित बिष्णु प्रशाद शर्मा के यहां हुआ बचपन से ही तेज तर्रार राजनीति में रुचि रखने वाले योगेंद्र शर्मा धरसीवां क्षेत्र में एक ऐंसे नेता के रूप में उभरे की वह जो भी ठान लेते उसे सफल करके ही दम लेते थे कांग्रेस नेता के रूप में कई बड़े नेताओं के संपर्क में रहते हुए उन्होंने धरसीवां में कांग्रेस की जड़ें मजबूत की ओर एक अलग पहचान बनाई उनकी नेतागिरी की खासियत यह थी कि जब तक वह जीवित रहे सरकार ओर क्षेत्र का विधायक भले ही कोई हो लेकिन क्षेत्र में चलती उनकी ही थी ।
*जिला पंचायत सदस्य रहते गरीबो को बसाया*
दिवंगत नेता योगेंद्र शर्मा ने अपने जीवनकाल में कई ऐंसे कार्य भी किये जो सदा उनकी याद ताजा करते हैं जनपद सदस्य रहने के बाद वह जब जिला पंचायत सदस्य बने तब उन्होंने मांढर के समीप योगेंद्र नगर नामक एक गांव बसाया जहां गरीबो को बसाया गया था आज भी उस गांव को देखकर लोगो को अपने दिवंगत नेता की याद आने लगती है।
*गांव का शमशान घांट*
गांव और ग्रामीणो की समस्याओं को हल कराने के प्रति योगेंद्र शर्मा हमेशा सक्रिय रहते थे, अपने गांव टेकारी में जब उन्होंने देखा कि शमशान घांट पर बर्षाकाल में अंतिम संस्कार में बहुत दिक्कत होती है तो उन्होंने शमशान घांट का पक्का निर्माण कराया।
*युवाओं के चेहेते ओर खेल प्रेमी*
दिवंगत नेता योगेंद्र शर्मा क्षेत्र के युवाओं के चहेते थे और खेल प्रेमी भी वह युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दिया करते थे उन्होंने अपने जीवन काल मे क्षेत्र के कई युवाओं को कुछ इस तरह के काम की प्रेरणा दी कि वह उधोगो में व्यवसाय से जुड़कर आज बहुत संपन्न बन गए।
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