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अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 9 अगस्त 2020 को अगस्त क्रांति दिवस और विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के नेतृत्व में *कॉरपोरेट्स कृषि छोड़ो नारे* के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित सुन्दर लाल शर्मा चौक राजिम में किसान मुक्ति सत्यग्रह किया गया। जिसे समर्थन देने के लिए महासमुंद जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 01 के सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित सुन्दर लाल शर्मा के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया । इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी जैसे मास्क लगाना, हाथों को सेनेटाइज करना, व्यक्तिगत दूरी बनाए रखने का पालन करते हुए आयोजन किया और नारा दिया कि हाथों को सेनेटाइज करेंगे व अपने हक के लिए नारे भी लगाएंगे, मुँह में मास्क लगाएंगे लेकिन अधिकार के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त एक ऐतिहासिक दिन है। जब हमारा देश 9 अगस्त 1942 को अंग्रेजों का उपनिवेश था, तब हमारे स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों ने "ब्रिटिश भारत छोड़ो" का युद्धघोष किया था। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने इस साल 9 अगस्त को " कारपोरेट भगाओ, कृषि बचाओ" का आह्वान किया है।
जब हमारा देश कोविड 19 के कारण बहुत गंभीर संकट के बीच है, जब कोविड प्रभावित व्यक्तियों की संख्या 21 लाख को पार कर गई है, तब भी मोदी सरकार जीडीपी को प्राथमिकता देते हुए जीवन को प्राथमिकता देने के बजाय कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है।
मोदी सरकार के अप्रयुक्त, अनियोजित और अचानक लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था काफी खराब है।
लेकिन मोदी सरकार कोरोना संक्रमण की स्थिति का राजनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हुए आत्मनिर्भर भारत जैसे लच्छेदार शब्दों के जरिये अमेरिका निर्भर भारत बनाने पर लगा हुआ है, रक्षा सौदों में 49 प्रतिशत विदेशी पूंजीनिवेश को बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया जाना इसका ताजा उदाहरण है। केंद्र सरकार साम्राज्यवाद, बड़े पूंजीपतियों और बड़े जमींदारों के हित के लिए स्थिति का उपयोग कर रही है। इसलिए उनकी सरकार ने विभिन्न अध्यादेशों और बिलों की घोषणा की, जो कृषि विरोधी और किसान विरोधी है। भूमिहीनों और गरीब किसानों को भूमि देने , बंटाईदारों को संवैधानिक सुरक्षा देने, वन अधिकार कानून के सख्त कार्यान्वयन के बजाय मोदी सरकार किसानों और आदिवासियों से जमीन छीन रही है। किसान विरोधी, जनविरोधी अध्यादेशों और बिल के जरिये देश की कृषि को कॉरपोरेट पूंजीपतियों के हाथों में सौंप रही है। सभी सार्वजनिक संस्थाओं जैसे रेलवे, बैंक, बीमा, शैक्षणिक संस्थानों आदि का निजीकरण- ठेकाकरण कर आत्मनिर्भर भारत नहीं बल्कि अमेरिका का गुलाम भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली को संबोधित करते हुए नायाब तहसीलदार राजिम के हाथों 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया जिसमें कहा गया है लागू किये गए किसान विरोधी अध्यादेश वापस लिए जाएँ, सभी किसानों के लिए कर्जदारी से मुक्ति की गारन्टी सुनिश्चित करो, यह सुनिश्चित करो कि पूरा लाभकारी मूल्य हर किसान का कानूनी अधिकार बने,बिजली बिल 2020 वापस लो, 2020 में हुए फसल नुकसान की मुआवजा दो, मनरेगा में काम के दिन और मजदूरी दर बढ़ाया जाए, हर व्यक्ति को राशन की पूरी सामग्री दो, आदिवासियों व अन्य किसानों की जमीन व वन संसाधन की रक्षा करो शामिल है।
सभा को जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य महासमुन्द, मदन लाल साहू प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, तेजराम विद्रोही
राज्य सचिव अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, व सहसचिव ललित कुमार ने संबोधित किया। कार्यक्रम में सोमनाथ साहू, जहुर राम, सोमन यादव, श्रीमती संतोषी साहू, होरीलाल, नंदूराम ध्रुव, पदुमलाल, दिनेश कुमार, शेषनारायण, गोपाल मंडल, मनोज कुमार, मोहनलाल साहू आदि सम्मिलित रहे।
*किसान मुक्ति सत्याग्रह में "किसानों ने कहा कॉरपोरेट भगाओ, कृषि बचाओ---राजिम*
रविवार, 9 अगस्त 2020
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किसान मुक्ति सत्याग्रह में "किसानों ने कहा कॉरपोरेट भगाओ, कृषि बचाओ
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 9 अगस्त 2020 को अगस्त क्रांति दिवस और विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के नेतृत्व में *कॉरपोरेट्स कृषि छोड़ो नारे* के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित सुन्दर लाल शर्मा चौक राजिम में किसान मुक्ति सत्यग्रह किया गया। जिसे समर्थन देने के लिए महासमुंद जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 01 के सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित सुन्दर लाल शर्मा के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया । इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी जैसे मास्क लगाना, हाथों को सेनेटाइज करना, व्यक्तिगत दूरी बनाए रखने का पालन करते हुए आयोजन किया और नारा दिया कि हाथों को सेनेटाइज करेंगे व अपने हक के लिए नारे भी लगाएंगे, मुँह में मास्क लगाएंगे लेकिन अधिकार के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त एक ऐतिहासिक दिन है। जब हमारा देश 9 अगस्त 1942 को अंग्रेजों का उपनिवेश था, तब हमारे स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों ने "ब्रिटिश भारत छोड़ो" का युद्धघोष किया था। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने इस साल 9 अगस्त को " कारपोरेट भगाओ, कृषि बचाओ" का आह्वान किया है।
जब हमारा देश कोविड 19 के कारण बहुत गंभीर संकट के बीच है, जब कोविड प्रभावित व्यक्तियों की संख्या 21 लाख को पार कर गई है, तब भी मोदी सरकार जीडीपी को प्राथमिकता देते हुए जीवन को प्राथमिकता देने के बजाय कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है।
मोदी सरकार के अप्रयुक्त, अनियोजित और अचानक लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था काफी खराब है।
लेकिन मोदी सरकार कोरोना संक्रमण की स्थिति का राजनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हुए आत्मनिर्भर भारत जैसे लच्छेदार शब्दों के जरिये अमेरिका निर्भर भारत बनाने पर लगा हुआ है, रक्षा सौदों में 49 प्रतिशत विदेशी पूंजीनिवेश को बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया जाना इसका ताजा उदाहरण है। केंद्र सरकार साम्राज्यवाद, बड़े पूंजीपतियों और बड़े जमींदारों के हित के लिए स्थिति का उपयोग कर रही है। इसलिए उनकी सरकार ने विभिन्न अध्यादेशों और बिलों की घोषणा की, जो कृषि विरोधी और किसान विरोधी है। भूमिहीनों और गरीब किसानों को भूमि देने , बंटाईदारों को संवैधानिक सुरक्षा देने, वन अधिकार कानून के सख्त कार्यान्वयन के बजाय मोदी सरकार किसानों और आदिवासियों से जमीन छीन रही है। किसान विरोधी, जनविरोधी अध्यादेशों और बिल के जरिये देश की कृषि को कॉरपोरेट पूंजीपतियों के हाथों में सौंप रही है। सभी सार्वजनिक संस्थाओं जैसे रेलवे, बैंक, बीमा, शैक्षणिक संस्थानों आदि का निजीकरण- ठेकाकरण कर आत्मनिर्भर भारत नहीं बल्कि अमेरिका का गुलाम भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली को संबोधित करते हुए नायाब तहसीलदार राजिम के हाथों 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया जिसमें कहा गया है लागू किये गए किसान विरोधी अध्यादेश वापस लिए जाएँ, सभी किसानों के लिए कर्जदारी से मुक्ति की गारन्टी सुनिश्चित करो, यह सुनिश्चित करो कि पूरा लाभकारी मूल्य हर किसान का कानूनी अधिकार बने,बिजली बिल 2020 वापस लो, 2020 में हुए फसल नुकसान की मुआवजा दो, मनरेगा में काम के दिन और मजदूरी दर बढ़ाया जाए, हर व्यक्ति को राशन की पूरी सामग्री दो, आदिवासियों व अन्य किसानों की जमीन व वन संसाधन की रक्षा करो शामिल है।
सभा को जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य महासमुन्द, मदन लाल साहू प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, तेजराम विद्रोही
राज्य सचिव अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, व सहसचिव ललित कुमार ने संबोधित किया। कार्यक्रम में सोमनाथ साहू, जहुर राम, सोमन यादव, श्रीमती संतोषी साहू, होरीलाल, नंदूराम ध्रुव, पदुमलाल, दिनेश कुमार, शेषनारायण, गोपाल मंडल, मनोज कुमार, मोहनलाल साहू आदि सम्मिलित रहे।
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