काल बन गया ग्रामीणों के लिए बेतरतीब ढंग से बना सिक्स लेन
अंडरब्रिज के अभाव में फिर हुई एक कि मौत
काल बन गया ग्रामीणों के लिए बेतरतीब ढंग से बना सिक्स लेन
सुरेन्द्र जैन धरसीवां
रायपुर बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सांकरा से सिमगा तक सिक्स लेन बनने के बाद अंडरब्रिज के अभाव में ग्रामीणो के लिए काल बन गया है आये दिन सडक़ पार करते ग्रामीण अनियंत्रित वाहनों की चपेट में आकर असमय अपने प्राण गंवा रहे हैं ।
फिर हुई एक ग्रामीण की मौत
सांकरा से सिमगा सिक्स लेन बेतरतीब ढंग से बनाये जाने सड़क पार करने अंडरब्रिज न होने से फिर एक ग्रामीण को अपनी जान गंवानी पड़ी
जानकारी के मुताबिक सिलतरा निवासी धनऊराम निर्मलकर पिता सवर्गीय लच्छीराम निर्मलकर उम्र 72 निवासी सिलतरा ओधोगिक क्षेत्र के फैस टू से शाम लगभग 7 बजे पुराना दारुभट्टी चौक की तरफ से सिक्स लेन पार कर सिलतरा घर जा रहा था तभी तीव्र गति से आ रहे ट्रक क्रमांक आरजे 50जीए 1389 ने उसे जोरदार टक्कर मारी ओर वह गंभीर रूप से घायल हो गया घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया ।
*तत्काल पहुचा डायल 112*
घटना की सूचना मिलते ही सिलतरा पुलिस का डायल 112 वाहन तत्काल मौके पर पहुचा ओर डायल 112 में ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवान तरुण साहू एवं सिलतरा चौकी के प्रधाण आरक्षक कांतासिंह ने खून से लथपथ लच्छीराम निर्मलकर को सड़क से उठाकर 112 वाहन से धरसीवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां से प्राथमिक उपचार के बाद 108 संजीवनी वाहन से रायपुर मेकाहारा भेजा गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
*सांकरा सिलतरा चरोदा में बेहद जरूरी था अंडरब्रिज*
सांकरा से सिमगा तक बनी सिक्सलेन सड़क में सांकरा से लेकर चरोदा तक कम से कम तीन अंडरब्रिज का निर्माण बहुत जरूरी था ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके लेकिन ऐंसा नही हुआ सांकरा से लेकर चरोदा तक सड़क के दोनो तरफ गांव में ओधोगिक इकाइयां होने से छोटे बड़े वाहनों की भारी आवाजाही के साथ ग्रामीण मजदूरों का भी आना जाना होता है लेकिन सांकरा चौक में भी मांग के बाबजूद अंडरब्रिज का निर्माण निहि किया जिससे सांकरा में भी आये दिन सर्विस रोड पर जाम ओर हाइवे व सर्विस रोड पर हादसे होते हैं हाइवे पर चढ़ने उतरने की भी सांकरा चौक से व्यवस्था नही कि गई इसके अलावा सिलतरा पुराना दारुभट्टी चौक में भी अंडरब्रिज का निर्माण निहि हुआ चरोदा में भी नही बनाया गया इससे ग्रामीण खतरा मोल लेकर सड़क पार करते हैं कुल मिलाकर बेतरतीब ढंग से बना सिक्सलेन ग्रामीणों के लिए काल बन गया है।
