बारिस की एक एक बून्द गोली की तरह लग रही सीने में
किसानों पर कहर बनकर हो रही बेमौसम बारिस
किसानों के चेहररों पर छाई मायूसी
बारिस की एक एक बून्द गोली की तरह लग रही सीने में
सुरेन्द्र जैन धरसीवां
शुक्रवार की शाम से अचानक मौसम ने करवट बदली ओर क्षेत्र में तेज बारिश होने लगी तेज बारिस से किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई क्योकि बर्तमान में धान की फसल कटाई का समय है ऐंसे में किसानों को बारिस की एक एक बून्द मानो उनके सीने में बंदूक की गोली का काम कर रही हो बेमौसम बारिस से मायूस किसानों की तरफ सरकार को उचित ध्यान देने की जरूरत है।
क्षेत्र में सुबह से तो दिनभर तेज धूप निकली रही लेकिन अचानक शाम करीब 7 बजे से तेज हवा के साथ तेज बारिश शुरू हो गई तेज बारिश के साथ ही क्षेत्र के कई गांवों में अँधेरा छा गया बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई समाचार लिखे जाने तक रुक रुककर तेज बारिस का सिलसिला जारी था।
बंदूक की गोली का काम कर रही बारिस की बून्दें
संसार के हर प्राणी का पेट भरने वाला अन्नदाता किसान अपने अपने खेतों में तो वही कोई किसान रेगा पर जमीन लेकर दिन रात खून पसीना बहाकर जिस कृषि भूमि पर एक एक धान का पौधा तैयार करने के बाद रोपा हो और जब वह फसल के रूप में तैयार होकर खेत मे कटाई के लिए फसल खड़ी हो तो कहीं कटाई होकर खेतो में धान रखी हो ऐंसे में यदि अचानक बारिस होती है तो समझ सकते है अन्नदाता के दिल पर क्या बीत रही होगी इस समय बारिस की एक एक बून्द मानो किसानों के सीने पर बंदूक की गोली का काम कर रही है किसान अब यही सोच रहा है कि हे भगवान क्या होगा मेरी फसल का क्या होगा केंसे परिवार चलाऊंगा कैसे कर्ज चुकाऊंगा
बेमौसम हो रही इस बारिस ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है अब राज्य व केंद्र सरकार ही अन्नदाता के हित में कोई त्वरित निर्णय लेकर उन्हें उभार सकती है।
