बच्चों की मौत दे रही गंभीर परिणामों का संकेत - fastnewsharpal.com
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बच्चों की मौत दे रही गंभीर परिणामों का संकेत

 बच्चों की मौत दे रही गंभीर परिणामों का संकेत 



अलीराजपुर 14 दिसंबर

 ,मानव  इस संसार में सब प्राणियों में बुद्धि वान है, जिसके पास हर कारण का विज्ञान मालूम है। जैसे मौसम में बदलाव सर्दी के बाद गर्मी बरसात, रात के बाद दिन। जैसे प्रति दिन रात दिन होती है।  सवेरा अर्थात सतो प्रधान वायुमंडल, पवित्र शांत मन, ईश्वर की याद, श्रेष्ठ कर्मका ज्ञान, सत्य असत्य की महसूसता आदि। रात्रि अर्थात तमोप्रधानता, बुद्धि की मलिनता, कि गई गलती की महसूसता नहीं करना, पाप कर्म में लिप्त, अहंकार युक्त बुद्धि।



 प्रतिदिन रात के अंत के साथ इन तमोप्रधान बातों का अन्त व सतो प्रधान बातों का आरंभ ,जिससे यह जीवन चक्र चलता रहता है ।पूर्व समय किये अच्छे व बुरे कर्मो का फल हमारे अंतर्मन में जमा  होता जाता है। इस सृष्टि चक्र के आदि काल में मानव श्रेष्ठ कर्म व्यवहार से युक्त था तो सृष्टि  सुखदाई  थी। जैसे-जैसे मानव मन में गिरावट आती गई स्वयं की सत्यता को भूल देह जनित बुद्धि बनती गई वैसे-वैसे मानव के पाप कर्म बढ़ते गए। कई जन्मों के पाप, पुण्य कर्म हमारे अंतर्मन में इकट्ठे हो गए।  अब नई सतो प्रधान सृष्टि का आगमन अर्थात सवेरा आ रहा है।




 उससे पूर्व मानव के किए पाप कर्मो का परिणाम अनेक रोग बीमारियां ,मानसिक चिंताएं ,तनाव, डिप्रेशन कार्यों में समस्याएं ,विध्न के रुप में सामने आ रही है ।यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के प्रणेता ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने दीपा की चौकी में स्तिथ ब्रह्मा कुमारी सभागृह में वर्तमान समय बच्चों की मौत दे रही गंभीर परिणामों का संकेत  विषय पर आपने नगरवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय सारा विश्व कोरोना जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहा है  उसके कारण कई लाखों लोगों की जान जा चुकी है यही वापिस सृष्टि में पुनर्जन्म ले रही है। अब समय का चक्र तेजी से घूम रहा है ।जल्दी-जल्दी जन्म और जल्दी-जल्दी मौत इस रुप में सीन सामने आ रहा है। हम समाचार सुनते की कोटा में एक दिन में ही कई नवजात बच्चों की मौत हो गई उसके पीछे डॉक्टर भले ही कारण कुछ बताएं कि वातावरण में शुद्ध ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण बच्चों में एयर पोलूशन का सबसे ज्यादा असर उनकी सेहत पर पड रहा है। w.h.o की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 15 साल के कम उम्र की 93प्रतिशत बच्चे प्रदूषित हवा में स्वास लेने को मजबूर है। 5 साल तक की उम्र के 10 बच्चों में एक की मौत एयर पॉल्युशन की वजह से हो रही है। लेकिन वास्तविक कारण है इसके पीछे छिपे हुए मानव के पाप कर्म। कई जन्मों के पाप कर्म हमारे अंतर्मन में पड़े थे वह पाप बाहर निकल हमारी ब्रेन के माध्यम से शरीर पर पड़ रहे हैं । वर्तमान नवजात बच्चों में पोलियो, लकवा, कम सुनना, अंधा होना, हार्ट प्रॉब्लम ,किडनी का नहीं होना, हायपर माइंड, अस्थमा,शारीरिक मानसिक रीती से कमजोर होना इस तरह की केस बढ़ते जा रहे हैं ।यह रोग अब हमें संकेत दे रहा कि आने वाला समय कितनी चुनौतियों से भरा हुआ होगा। इसके बारे में साधारण मानव सोच भी नहीं सकता।

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