सूरज ढलते ही रेत ट्रक सड़को पर दौड़ते नजर आते हैं पर जिम्मेवार अधिकारी मौन
सूरज ढलते ही रेत ट्रक सड़को पर दौड़ते नजर आते हैं पर जिम्मेवार अधिकारी मौन
अभनपुर और आरंग विधानसभा क्षेत्र में लखना,गौरभाठ और अन्य रेत घाट हैं । जो सरकार द्वारा निविदा बतौर ठेके में दिया गया हैं। साथ ही नियमो पर नजर बनाए रखना खनिज विभाग के अधिकारियों का हैं। पर यह सब उल्टे ही देखने को मिलता है। रेत घाटों में रेत निकासी का समय उगते सूरज से सूरज के ढलते तक। मतलब सुबह से शाम तक।पर सड़को में इसका उल्टा ही दिखाई देता हैं।
सूरज ढलने के बाद धड़ल्ले से रेत ट्रको की आवाजाही दिखाई देता हैं। पर जिम्मेवार अधिकारी अपने ऑफिस में बैठे ही दूर से ही नजर बनाए रखते है,जैसे वह महाभारत का संजय हो । पर भाई यह कलयुग हैं रुपये से सब कुछ दिखता और नही दिखता हैं। यही माजरा रायपुर जिले के रेत घाट का हैं । पर जिम्मेदार अधिकारी सूचना मिलने के बाद भी अभी तक कोई जांच नही किया है । पर जांच ही नही किया तो कार्यवाही कहा होगा। वही यह ट्रक रेत भरकर पूरे रात सड़को में नये रायपुर होते राजधानी के बीचों बिच गुजरते हैं पर कोई जांच अधिकारियों की नजर इस ओर नही पड़ते है।
इस तरह रेत का खेल और जिम्मेदार अधिकारी आफिस में बैठे देख रहे है। वही अधिकारियों की उदासीनता से रेत माफिया फलफूल रहे है।वही इन रेत माफियाओं के जनता हितैसी कहे जाने वाले नेताओं से ऊची पहुच के चलते कोई अधिकारी अपना हाथ नही डालते । साथ ही ऐसे लोगो के संरक्षण के चलते ही पूरा माजरा चल रहा है।और सड़कों में रात को ट्रक बिना ढके, बिना नम्बर प्लेट लगे फर्राटे दार सड़को में दौड़ रहे है। अब जनता किनसे शिकायत करे जब पूरा मिलीभगत कर अंजाम दिए जा रहे है। वही यह भी हैं कि एक समय यही नेता शिकायत कर कार्यवाही कराते थे अब मौन बन बैठे हैं । यह माजरा इस क्षेत्र में अनवरत जारी हैं।

