आज का चिन्तन(सुविचार) - fastnewsharpal.com
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आज का चिन्तन(सुविचार)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..13-01-2021*..🎋

*_सफलता और बहाना साथ नहीं चलते;_*अगर आप बहाना चाहते हैं,_*तो सफलता के बारे में भूल जाओ; _*और_ *अगर आप सफलता चाहते है,_*तो कोई बहाना न दे.....।_*

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💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷


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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

🙏 *ॐ शांति* 🙏

*बदलना* तय है! हर चीज का... इस संसार में...! बस, कर्म अच्छे करें... किसी का *जीवन* बदलेगा, किसी का *दिल* बदलेगा, तो किसी के *दिन* बदलेंगे!
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹
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*गीता का प्रथम श्लोक*  
 *Episode - 3 ( अर्जुन के युद्ध ना लड़ने का कारण )* 

गीता के *700 श्लोक 18 अध्याय में* बैठे हुए अर्जुन कि समस्याओं को दर्शाया गया है जो आज की वर्तमान समय की दुनिया में जो भी अर्जुन हैं वही *डीमोटिवेट* हो रहे हैं *कायर* हो रहे हैं शस्त्र छोड़ रहे हैं *निराश हताश उदास* हो रहे हैं। इस पहला अध्याय में मानव की समस्याओं को दर्शाया गया है जहां अर्जुन अपनी समस्याओं का वर्णन करता है *मुझे क्यों मारना है* ? 
पूछता है भगवान को," 
🤷‍♀️  *मैं क्यों युद्ध करूं* 
🤷‍♀️ *क्या जरूरत है मुझे यह युद्ध करने की*? 
🤷‍♀️ *मुझे कुछ नहीं चाहिए मुझे वह राजसत्ता नहीं चाहिए मुझे वह गड्डी नहीं चाहिए* 
ऐसे अनेक प्रकार की कायरता वाली बातें कर रहा है जो आज का मनुष्य भी कई बार जीवन के अंदर ही कहता है कि हे प्रभु मुझे कुछ नहीं चाहिए लेकिन *मैं युद्ध नहीं करना चाहता।*🙅🏻‍♂️🙅🏻‍♂️

हम जब भी *महाभारत* देखते हैं सुनते हैं पढ़ते हैं हमें यही सिखाया गया है कि अर्जुन का जो *डर का कारण* क्या था?  कहा कि जब उसने रथ को बीच में ले जाने के लिए भगवान से कहा और जब उसने सामने👀 *भीष्म पितामह को देखा गुरु द्रोणा द्रोणाचार्य को देखा* 👀अपने चाचा मामा काका सबको देखा तो उसके अंदर *मोह जागृत हो गया* और इसीलिए उसने कहा कि हे प्रभु, 🙅🏻‍♂️ मैं इन लोगों के साथ *युद्ध नहीं करना चाहता* 🙅🏻‍♂️। इन लोगों को मारना नहीं चाहता। 
अब अगर *प्रैक्टिकली* हम सोचे कि बचपन से ही जिसके साथ 👺 *अन्याय* हुआ हो और यह बड़ों बड़ों ने अन्याय किया हो, *भीष्म पितामह गुरु द्रोणाचार्य* जब अन्याय हो रहा था तब *उन्होंने भी कुछ नहीं कहा* उस अन्याय को स्वीकार करते रहे । क्या जिनके साथ हमेशा बचपन से लेकर के अन्याय होता रहा हो *उसके प्रति कभी मोह जागृत हो सकता है* ? 🙅🏻‍♂️ नहीं , उनके प्रति *मोह जागृत नहीं हुआ था* ।
जब की *अर्जुन अकेला ही इन सबका सामना पहले कर चुका था।* दिखाया जाता है कि जब *अज्ञातवास* में थे । जुए में जब हार गए थे तो कहा *12 साल वनवास और 13 साल अज्ञातवास होगा* अगर उस अज्ञातवास में पहचाने गए तो पुनः 12 साल वनवास। उस अज्ञातवास में पहचाने जाने नहीं चाहिए। महाभारत के हिसाब से अगर हम देखें तो कहा जाता है कि 12 साल बनवास पूरा करने के बाद जब 13 साल अज्ञातवास आया *पांडव अपना रूप बदली करके विराट राजा के नगर में छिपे* 🙈।   13वा साल आरंभ होते ही *दुर्योधन* ने चारों ओर *सैनिक फैला दिए*🤺 कि उनको ढूंढ कर निकालो क्योंकि वह पहचाना जाए तो पुनः 12 साल शांति हो जाएगी। एक गुप्तचर ने आकर बताया कि शायद वो लोग *विराट राजा के नगर में छिपे हैं🙈।* दुर्योधन ने विराट राजा के नगर पर *हमला बोल दिया* 🏇🏼और उस समय अर्जुन अकेले ने उस राजकुमार के साथ होते हुए उसको रथ चलाने के लिए कहा और *सिंगल हैंडेड उसने सब को परास्त किया* 🏹उस समय भी उस सेना में *भीष्म पितामह, गुरु द्रोणाचार्य थे कृपाचार्य थे,*जब उनका एक बार सामना कर चुका था तो अब क्यों मोह जागृत हो रहा था । उस समय वह जागृत नहीं हुआ? लेकिन *वास्तव में बात यह है* कि जब उसने अपना रथ बीच में खड़ा कर दिया और दोनों सेनाओं को देखा और अपनी सेना में उसने अपने पुत्रों को देखा, *अभिमन्यु को देखा* तो उसको वह बात याद आ गई कि *द्रौपदी ने भगवान से पूछा है* कि हे प्रभु!  *युद्ध का परिणाम क्या* है 🤷‍♀️? तब भगवान ने कहा था कि 

👨🏻‍🚀 *तेरे पांच पांडव सुरक्षित हैं और रहेंगे* 👨🏻‍🚀

 तब द्रौपदी ने पूछा *,मेरे पुत्र* ? तो कहा कि पुत्र की गारंटी में नहीं लेता हूं 🙅🏻‍♂️ ।  मेरी सिर्फ *पांच पांडवों की गारंटी* है 👍🏻और यह बात अर्जुन को पता थी और इसलिए जब उसने पुत्रों को देखा तो वह जानता था कि *कौरव हमारा तो नुकसान नहीं कर पाएंगे* लेकिन हमें मेंटली टॉर्चर करने के लिए हमारे पुत्रों पर अटैक जरूर करेंगे और *पुत्रों को खोने के बाद* अगर उस राज्य भाग्य को प्राप्त हुआ तो *क्या उसका सुख हम ले सकेंगे* 😔?  यह हर वक्त उस राजगद्दी पर बैठकर हमारा मन कचोटता रहेगा 😔।किस राजगद्दी को प्राप्त करने के लिए *मैंने अपने पुत्रों की बलि दी है* 🎗️।  स्वभाविक है *पुत्र ऐसी चीज है* और इसीलिए आज की दुनिया के अंदर देखा जाए कि राष्ट्र पुत्र मोह के वश नहीं था लेकिन 👺 *अर्जुन यानी पॉजिटिव क्वालिटीज वाले लोग भी आज पुत्र मोह में जकड़े हुए हैं।*  👺
यहां अर्जुन भी *इच्छाओं और संबंधों के जाल में फंसे हुए व्यक्ति की चेतना का प्रतीक है* 🗑️हमारी मन के अंदर *गुण और अवगुण* दोनों  रहते हैं जिसके बीच युद्ध चलता है और कभी-कभी *मन जब थक जाता*😔😞 है निराश हो जाता है उदास हो जाता है तो कई बार आसुरी शक्तियों के साथ युद्ध करने के लिए और वृत्ति भी आसुरी वृत्तियों के आगे हारने लगती है *बुद्धि भी घुटने टेकने लगती है* 🦵🏻ऐसे समय पर *भगवान साथी* 😇बन कर खड़ा हो जाता है और उसको घुटने टेकने नहीं देता । *सच्चाई* 🤞🏻को घुटने टेकने नहीं देता है।  इसीलिए कहा जाता है कि *भगवान उसी के साथ है जो सच्चाई के मार्ग पर सकारात्मक दिशा को लेकर चलते हैं 😇।*

              ⛥ओम शांति ⛥
*🌹  ॐ  शान्ति  🌹*
*🙏Thanks God & All🙏*
__________________________✍
*जीवन की परिस्थितियां हमारी अनुमति के बिना बदलती रहेंगी किन्तु हमारा नज़रिया हमारी जीवन यात्रा को निर्धारित करेगा..*

*Life will keep changing without our permission but our attitude will determine our ride..*
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*Health, Wealth, Happiness & Success is Our Godly Birthright*

💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*13 जनवरी:-*_ ज्ञान कोई सिखने की चीज़ नहीं होती है, यह तो समजने और जीवन में धारण करने की चीज़ है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*एक बार इंद्र भगवान ने गुस्से में आकर सभी को शाप दे दिया कि 12 साल वो बरसात नही करेंगे जिससे लोग पानी को तरसेंगे। लोगों में हाहाकार मच गया। बड़े-बड़े देवों ने समझाया पर इंद्र भगवान नहीं माने।*

*बारिश का महीना आया, इंद्रदेव ने बारिश नहीं की। एक किसान अपने बच्चों के साथ खेत में गया और खेती के वो सभी काम करने लगा जो बरसात से पहले किये जाते हैं। साथ में वो अपने बच्चो को भी समझा रहा था कि काम कैसे किया जाए।*

*इंद्रदेव को यह देख कर बहुत आश्चर्य हुआ कि 12 साल तक पानी नहीं बरसेगा फिर भी ये काम क्यूं कर रहा है जैसे पानी बरसने वाला हो। इंद्रदेव ब्राह्मण का रूप धर के उसके पास गये और कहा , हे किसान क्या तूने शापित आकाशवाणी नहीं सुनी कि 12 साल बरसात नहीं होगी? फिर क्यूं खेत जोत रहे हो?*

*किसान ने कहा- सुनी थी ब्राह्मण देवता। पर अगर मैं और मेरे बेटे 12 साल काम नही करेंगे तो हम भूल जाएंगे कि खेती कैसे करते हैं, फिर बारिश होगी तो भूखों मर जायेंगे। इसलिये हम खेती कर रहे हैं।*

*इंद्रदेव की आंखे खुल गईं। वे सोचने लगे 12 साल में तो शायद मैं भी बारिश गिराने का कौशल भूल जाऊंगा। उन्होंने तुरंत शाप वापस लिया और बारिश करवा दी।*

*सीख➖*
*इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है कि अपने हुनर का अभ्यास सतत रूप से करते रहना चाहिए।

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🙏 *ॐ शांति* 🙏


*बदलना* तय है! हर चीज का... इस संसार में...! बस, कर्म अच्छे करें... किसी का *जीवन* बदलेगा, किसी का *दिल* बदलेगा, तो किसी के *दिन* बदलेंगे!


🌸 सुप्रभात... 


💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐



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अनमोल वचनः


जिस तरह लालटेन में बती जल रही हो लेकिन अगर  शीशा साफ़ ना हो और उस पर कालिख लगी हो,तो वह रोशनी किसी  काम नहीं आती है। ठीक इसी तरह परमातमा ने जो लौ हम.सबके अंदर जलायी है उसके बाद भी अगर हम अपने मन के (कालिख) विकार (ईष्या,निंदा,चुगली) साफ नहीं करते हैं तो वो लौ हमें दिखायी नहीं देती.....


🙏ओम् शांति🙏


🎈आपका दिन शुभ हो🎈


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