*अब आये दिन की दुर्घटनाओं से बचने हो रहे आन्दोलन लेकिन सुनने वाला कोई नही*
*गजब के इंजीनियर गजब की निर्माण एजेंसी*
*सिक्स लाइन के नाम पर बना दी हादसों की सड़क*
*अब आये दिन की दुर्घटनाओं से बचने हो रहे आन्दोलन लेकिन सुनने वाला कोई नही*
*सुरेन्द्र जैन सांकरा निको / धरसीवां*
यह जानते हुए भी की धनेली से सांकरा सिलतरा चरोदा तक ओधोगिक क्षेत्र के कारण हाइवे भारी व्यस्त रहता है हाइवे के दोनो तरफ गांव व फैक्ट्रियां बड़ी संख्या में मौजूद हैं हजारों मजदूर स्कूली बच्चे बच्चियां ग्रामीण रोज सड़क पार करते है बाबजूद इसके न तो राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने किसी की सुनी न निर्माण एजेंसी ने किसी की सुनी और बना दी सिक्स लाइन के नाम पर हादसों की सड़क अब रोज रोज के सडक़ हादसों से मुक्ति पाने नोनिहालों को भी अंडरब्रिज की मांग को लेकर आन्दोलन करना पड़ रहा है लेकिन तब भी उनकी सुनने वाला कोई नही था अब भी जनता की आवाज सुनने वाला कोई नही है।
रविवार को युवा मंच मुरेठी के तत्वाधान में ग्रामीण स्कूली बच्चे बच्चियों ने एक बार फिर सिक्स लाइन किनारे सिलतरा चौक में धरना प्रदर्शन किया सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर निषाद भी पहुच गए और समर्थन में धरने पर बैठ गए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा सहित आसपास के ग्रामीण नेता भी पहुचे ओर उनकी जायज मांग का समर्थन किया इधर धरसीवां सिलतरा पुलिस भी मौके पर पहुची टीआई नरेंद्र बंछोड़ ने ग्रामीण बच्चो को समझाइश दी।
*ये है अधिकारियों व निर्माण एजेंसी की अदूरदर्शिता*
करोड़ों की लागत से बनाये गए सिक्स लाइन निर्माण के पूर्व ही जब सांकरा ग्राम पंचायत भवन में अधिकारियों ने जनसुनवाई की थी तब इस प्रतिनिधि ने ओर ग्रामीणो ने भी इस बात को प्रमुखता से रखा था कि सिक्स लाइन बनने के बाद ट्राफिक पहले से ओर भी अधिक बढ़ेगा तब ग्रामीण केंसे सड़क पार करेंगे क्योकि सांकरा के पूर्व दिशा में सड़क के दूसरी तरफ सबसे बड़ा जायसवाल निको स्टील प्लांट है जहां रोजाना सुबह शाम सांकरा सोंडरा निमोरा मुरेठी सहित आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में महिला श्रमिक मजदूरी करने जाते हैं वह केंसे सड़क पार करेंगे क्या अंडरब्रिज बनेगा तब अधिकारियों ने सांकरा में भी अंडरब्रिज की हां भरी थी लेकिन निर्माण के समय ऐंसा कुछ नही बनाया इससे न सिर्फ आसपास के ग्रामीण मजदूर बल्कि स्कूली बच्चे बच्चियां दुपहिया चार पहिया मालिको को भी हाइवे पार करने और हाइवे के ऊपर पहुचकर आगे जाने में हर समय जान का खतरा बना रहता है आये दिन सड़क हादसों में लोगो को जान गंवानी पड़ रही है।
*सायकिल लावारिस छोड़कर पैदल सड़क पार करते हैं स्कूली बच्चे*
सांकरा से सिलतरा चरोदा तक स्कूली बच्चों को सिक्स लाइन सड़क को पार करना बड़ा जोखिम भरा होता है मुरेठी बहेसर कि तरफ से आकर सिलतरा के स्कूल जाने वाले स्कूली छात्र छात्राएं अपनी साइकिलों को बिजली ऑफिस के सामने लावारिश छोड़कर पैदल सिक्स लाइन को पार करते है तब कही वह पढ़ाई करने स्कूल पहुच पाते है यही हाल सिलतरा के मजदूरो का है क्योकि सिक्स लाइन के पूर्व दिशा में सिलतरा बस्ती ओर ओधोगिक क्षेत्र सिलतरा के फेस वन की फैक्ट्रियां है और सिक्स लाइन के पश्चिम दिशा में ओधोगिक क्षेत्र सिलतरा के फेस टू की फैक्ट्रियां व आसपास के मुरेठी बहेसर खुडमुडी सोंडरा सांकरा निमोरा आदि गांव है इन गांवों के सैंकड़ो मजदूर रोज सुबह फेक्ट्रियो में ड्यूटी जाते हैं और उन्हें जान हथेली पर लेकर भारी व्यस्त रहने वाला सिक्स लाइन पार करना पड़ता है ओर अक्सर उनके साथ छोटी बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
*या तो ऊपर ऊपर बनना था या अंडरब्रिज बनाने थे*
धनेली पार करते ही सांकरा की सीमा से लेकर सिलतरा चरोदा तक बड़ी संख्या में ओधोगिक इकाइयों ओर ग्रामीणो को देखते हुए सिक्स लाइन यहां से पुराने मार्ग को छेड़े बिना ऊपर ऊपर लंबा ब्रिज बनाकर ले जाना था या फिर सांकरा चौक सिलतरा पुराना दारुभट्टी चौक चरोदा वायपास में अंडरब्रिज तो बनाना ही था साथ ही सिक्सलेन पर चढ़ने उतरने सुगम रास्ते दोनो तरफ से बनने थे लेकिन इनमें से दोनो काम नही किये ग्रामीणो को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से बनाया गया सिक्स लाइन में घटिया निर्माण भी किया गया जिससे यह नवनिर्मित सिक्स लाइन जगह जगह अभी से दरारें खा रहा है और ग्रामीण जानजोखिम में डालकर सड़क पार कर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
*अब तक किसी ने नही कि सुनवाई*
स्कूली छात्र छात्राएं पहले भी इसी मार्ग को लेकर कई बार आन्दोलन कर चुके हैं स्थानीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन आज तक उनकी किसी ने सुनवाई नही कि है।
*अब मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन*
इस बार आक्रोशित स्कूली छात्र छात्रों को मनाने भारी मशक्कत करनी पड़ी तब कही जाकर बच्चों ने अधिकारियों की बात मानकर धरना प्रदर्शन खत्म किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जिसमे सांकरा सिलतरा पुराना चौक चरोदा वायपास आदि में अंडरब्रिज बनाने की मांग की गई है।



