ओम शांति भवन न्यू पलासिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया
ओम शांति भवन न्यू पलासिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया
इन्दौर
ओम शांति भवन न्यू पलासिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया इसमें समाज के प्रतिष्ठित महिलाओं ने भाग लिया एवं संस्कृति की संरक्षक महिला विषय पर सभी ने अपने विचार व्यक्त किए आदरणीय राजयोगिनी आरती दीदी जी ने इस विशेष अवसर पर अपने आशीर्वचन देते हुए कहा किया महिला दिवस 1 दिन क्या 1 दिन का ही नहीं पूरे वर्ष चलता रहे हमने जो पूर्वजों से सीखा है चलना बोलना करना हम जो कर्म करते हैं संस्कृति के विपरीत ना हो विदेश जाकर बच्चे अपनी संस्कृति को भूल जाते हैं अपने घर परिवार संस्कृति को न भूलें क्योंकि हमारी संस्कृति बहुत महान है जिसने देवी देवताओं को जन्म दिया उन को जन्म देने वाली भी नारी ही है भारत भूमि राम सीता राधा कृष्ण की जन्मभूमि है उनकी श्रेष्ठ कर्मों के कारण ही उनका इतना गायन और पूजन किया जाता है नारी अष्ट शक्ति धारी है इसलिए उसे सदा अपनी गरिमा को कायम रखना चाहिए।
किरण जिराती जी डिस्ट्रिक्ट president lions club ने कहा कि नारी गौरव है जैसे ही मदर टेरेसा कल्पना चावला सुनीता विलियम्स आदि ने अंतरिक्ष में पहुंचकर अपना कीर्तिमान स्थापित किया नारी जगत जननी है ब्रह्मा विष्णु शंकर को भी नारी के आगे शीश झुकाते देखा है हमारी भारतीय संस्कृति में अनेकता में एकता है और भारतीय संस्कृति आदि काल से देवी देवताओं की संस्कृति के रूप में चली आ रही है देवी संस्कृति के कारण ही भारतीय संस्कृति जीवित है नारी बेटी मां बहू बहन बनकर अपने कर्तव्य का निर्वाह करती है तभी तो नारी सारे परिवार का आधार है
श्रीमती रेखा जैन संस्थापक अ.भा.श्वेतांबर जैन महिला संघ ने कहा की दया प्रेम ममता करुणा यह नारी के दिव्य गुण है इन्हीं गुणों को गौतमबुद्ध एवं महावीर स्वामी ने अपनाया और भगवान कहलाए
नीता पालीवाल कमांडेंट बीएसएफ आपने कहा यूरोपियन देश फादर नेशन कहलाते हैं जबकि भारत देश है ऐसा है जिसे भारत मां कहकर पुकारते पुरुष केवल कमाने का कार्य करता है जबकि नारी घर परिवार समाज में अनेक कर्तव्यों का निर्वाह कर रही है बच्चों की पालना बुजुर्गों की देखभाल प्रशासन लीडरशिप आदि कई कार्य नारी कर रही है वह हर कार्य को करने में निपुण है
एडवोकेट नेहा राठी जी ने कहा कि आज हर महिला आत्मनिर्भर है हर क्षेत्र में नारी ने अपना परचम लहराया है चाहे वह विज्ञान हो प्रशासन हो राजनीति हो या कोई भी क्षेत्र हो हर जगह नारी पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकरआगे बढ़ती जा रही है जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता वास करते हैं नारी नारायणी है कल्याणकारी है और मंगलकारी है जिसे स्वयं परमात्मा ने भी सेवा के क्षेत्र में आगे रखा है
बीके दीपावली बहन ने अपने उद्बोधन में कहाकि भारतीय संस्कृति ही ऐसी संस्कृति है जहां नारी के रूप में देवियों की पूजा की जाती है ज्ञान के लिए देवी सरस्वती धन के लिए देवी लक्ष्मी शक्ति के लिए देवी दुर्गा की आराधना की जाती है रक्षाबंधन व भाई दूज का त्योहार भी महिला सूचक के रूप में मनाया जाता है नारी को इतना मान सम्मान हमारी संस्कृति में दिया जाता है क्योंकि वह बहुत पूजनीय है
श्रीमती माधुरी तांबे समाजसेवी आपने कहा कि विश्व को आध्यात्मिक गुरु बनाने में नारी का ही महत्वपूर्ण योगदान है
मंच संचालन बीके आशा बहन ने किया एवं बी के विका बहन ने योग की बहुत सुंदर अनुभूति कराई एवं आभार प्रदर्शन योग श्री मेहता ने किया

