आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..04-05-2021*..🎋


✍🏻✍🏻कुछ लोगों का काम होता है दूसरों की आलोचना करना। ऐसे लोग जीवन में कभी स्वउन्नति नहीं करते, क्योंकि उनकी ऊर्जा व समय केवल दूसरों को देखने में व्यय होता है। तो सदा याद रखें किसी की आलोचना करना अर्थात स्वयं की प्रगति को रोकना।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻अपनी ज़िंदगी मे हर किसी को अहमियत देनी चाहिए, क्योंकि जो अच्छे होंगे वो साथ देंगे और जो बुरे होंगे वो सबक देंगे, जिंदगी जीने के लिए सबक और साथ दोनों जरुरी होता है।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*04 मई:-*_ मनुष्य मनुष्य को हिन्दू बनाते मुस्लिम बनाते क्रिस्चन बनाते पर ज्योति बिंदु परमात्मा मनुष्य को दुखी से सुखी बनाते।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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       ओम शांति
*मित्रता एकअनमोल रत्न है*  *" सच्चा मित्र ईश्वर का वरदान होता है Iसच्चा मित्र मिलना हमारा सौभाग्य है I ऊपरी मित्रता निभाने वाले, हमारे सुख में हमारा साथ देने वाले मित्र तो बहुत मिल जाते हैं किन्तु सच्चे मित्र तो कुछ ही होते हैं जो जीवन कि हर परिस्थिति में हमारा साथ निभाते हैं I मित्रों से मन की बात कहकर मन हल्का किया जा सकता है, अन्यथा एकाकीपन अभिशाप की तरह हमें सताता है I विपत्ति के समय साथ देने वाला ही सच्चा मित्र होता है I सच्चे मित्र संकट के समय आगे खड़े रहते हैं I सच्चे मित्र का चुनाव करने मैं सतर्कता बरतनी चाहिए और विवेक से काम लेना चाहिए I जो मित्र के दुख को बड़ा समझे, अवगुणों को हमारे सामने प्रकट कर उन्हें दूर करने मैं सहायता करे, हमें सही मार्ग दिखाए, प्रेरणा दे, पीठ पीछे अहित न करेऔर मन में कुटिलता न रखे वही सच्चा मित्र होता है I इतने गुणों से परिपूर्ण मित्र का मिलना वास्तव में मनचाहा वरदान   प्राप्त करने के सामान है I*
          ओम शांति
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अनमोल वचन :      

यदि कोई कहे कि सिमरण करते हुए आनंद और शांति नहीं मिल रही तो इसका कोई कारण जरूर होना चाहिए। ये  कभी नहीं हो सकता कि लोहा पारस को छू जाये और  सोना न बने । अगर लोहे को ही जंग लगी हो तो पारस भी क्या करे ? और जिस तरह जंग लगे लोहे को पारस सोना नहीं बना  सकता है,उसी तरह हमारी आत्मा पर भी यदि पाँच विकार (काम, क्रोध, लोभ, मोह,अहंकार ) की जंग लगी होगी तो परमात्मा की भी हमें    खींच नहीं हो सकती....... 

🙏ओम् शान्ति 🙏

🎈आपका दिन शुभ हो 🎈

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     ओम शांति

*व्यक्ति *आज* *खूब परिश्रम* *करता है , किसलिए ? कि मेरा* *आने वाला कल* *अच्छा हो , सुख दायक हो, संपन्नता से भरा हुआ हो. अच्छी बात है। परिश्रम करना चाहिए , आने वाले कल को* *अच्छा बनाना चाहिए । संपन्न* *और सुखदायक बनाना चाहिए।* *परंतु जिस आने वाले कल को आप ने आज अच्छा बनाया , जब वह कल आ जाएगा , तब उस अच्छा बनाए गए कल का सुख तो लेना चाहिए !*

*तो आज का दिन, वह दिन है , जिसको आपने कल मेहनत करके अच्छा बनाया था ।*

*तो मान लेते हैं , आज का दिन , आपका परिश्रम से अच्छा बनाया गया दिन है।* *आज के अच्छे दिन का आनंद लेवें।* *यदि आप आज के दिन का आनंद लेते हैं, तो आप की कल की , की गई मेहनत सफल है ।*

*परंतु यदि आप आज फिर उसी चिंता में पड़ जाते हैं, कि मेरा आने वाला कल अच्छा हो , और आप आज के अच्छे दिन का आनंद नहीं लेते , तो कल आपकी की गई सारी मेहनत व्यर्थ हो गई , ऐसा माना जाएगा ।*

*इस प्रकार से तो आप, आने वाले कल को अच्छा बनाने के लिए , प्रतिदिन सिर्फ मेहनत ही करते रह जाएंगे , और उस अच्छे दिन का आनंद कभी भी नहीं ले पाएंगे ।* *यह सारी सोच और सारा परिश्रम व्यर्थ होगा ।*

*तो भाइयो! कल के अच्छे बनाए हुए दिन का , आज का ,  आनंद लें ।*

*भले ही आने वाले कल को अच्छा बनाने के लिए भी कुछ समय लगाएँ। उसका निषेध नहीं है । परंतु सारी शक्ति और समय इसी में न लगा दें। कुछ आज के दिन का आनंद भी लेवें।* *तभी आपका सारा परिश्रम सफल और जीवन सार्थक होगा*

       ओम शांति

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