*बड़ा सवाल ये की जिस तहसीलदार ने सुनवाई की उसकी जगह दूसरे तहसीलदार का नाम क्यों,क्या किसान ने ही ऐंसा लिखा या कोई साजिस अब जांच उपरांत ही होगा खुलाशा*
*थाना प्रभारी को संबोधित मिले सुसाइट नोट में लिखा,तहसीलदार को छोड़ना नहीं क्योकि बहुत रिश्वतखोर है*
*बड़ा सवाल ये की जिस तहसीलदार ने सुनवाई की उसकी जगह दूसरे तहसीलदार का नाम क्यों,क्या किसान ने ही ऐंसा लिखा या कोई साजिस अब जांच उपरांत ही होगा खुलाशा*
सुरेन्द्र जैन /धरसीवां
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खरोरा क्षेत्र के किसान सरजूराम यादव आत्महत्या मामले में उसके पास मिले सुसाइट नोट में लिखा है "तहसीलदार को छोड़ना नही क्योकि बहुत रिश्वतखोर है"इस मामले में हालांकि कलेक्टर ने त्वरित एक्शन लेते हुए तहसीलदार को जिला कार्यालय अटैच कर पटवारी को निलंबित कर दिया है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि मृतक किसान के संबंधित प्रकरण की सुनवाई जिस तहसीलदार ने की उसकी जगह सुसाइट नोट में किसी दूसरे तहसीलदार का नाम क्यों लिखा है यह समझ से परे है।
जानकारी के मुताबिक खरोरा के मोहरेंगा निवासी किसान सरजूराम यादव द्वारा आत्महत्या किये जाने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुची जहां उन्हें एक सुसाइट नोट मिला सुसाइट नोट में टीआई खरोरा को संबोधित करते हुए लिखा है सेवा में श्री मान टीआई साहब जी महोदय आपसे सनम्र निवेदन है कि मैं 1993 में जमीन लिया था 2006 में रजिस्ट्री कराया उसके बाद जमीन में काबिज था उसके बाद तोरण दास मेरा जमीन है करके मेरे जमीन पोन एकड़ तहसीलदार से सांठगांठ करके निकाल दिया जबकि तहसीलदार के आपरेटर को बोला कि दोनों का जमीन देखो तो दोनो का जमीन एक जगह नही मिला उसके बाद भी तहसीलदार बहुत परेसान किया अभी मेरे खंबा ओर जाली तार निकालकर तोरणदास मेरे जमीन पर फेंक दिया है अतः आपसे निवेदन है कि आप तहसीलदार ओर तोरणदास के ऊपर कठोर कार्यवाही करें और उसी कारण आत्महत्या कर रहा हूँ आप भुनेश्वर सिन्हा गणेश सिन्हा,सुरेश वर्मा से पूँछिये की मेड से एक फीट छोड़कर खंबा गड़ाया उसी हिसाब से गड़ा था आप तहसीलदार को छोड़ना नहीं क्योकि बहुत रिश्वतखोर है आप तहसीलदार जैसवाल,तोरनराम मानिकपुरी,तुकु साहू ,भुवन वर्मा को कभी नही छोड़ना ये चारों आदमी मेरे को बहुत परेसान किया है उसी के नाम से आत्महत्या कर रहा हूँ आपका सरजूराम यादव दिनांक 12/6/2021
*सुनवाई की तहसीलदार नन्दकिशोर ने फिर जैसवाल नाम क्यों*
मृतक किसान के पास मिले सुसाइट नोट में जिन चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया है उनमे एक तहसीलदार जैसवाल का नाम लिखा है जबकि मृतक किसान के प्रकरण की सुनवाई दो साल पहले तहसीलदार नन्दकिशोर ने की थी जिन्हें मृतक नाम से जानता था अब सवाल ये उठता है कि जैसवाल का नाम क्यों यह समझ से परे है सुसाइट नॉट की जांच उपरांत ही सत्य सामने आएगा।
*क्या कहते हैं तहसीलदार नन्दकिशोर*
इस मामले में हमने संबंधित तहसीलदार नन्दकिशोर जी से जब उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि किसान के इस तरह की मृत्यु से मैं भी व्यथित हु
किसान के मौत का खेद है आर्डर के एक साल बाद उनके द्वारा ये कदम उठाया जाना समझ से परे है ।
मेरे द्वारा विधिवत सहिता के प्रावधानों के अनुसार सीमांकन करवाकर उनको सुनवाई के पर्याप्त अवसर दिया गया और सभी तथ्य स्पस्ट होने पर स्वयं उनके द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से कब्ज़ा कोटवार को सौपा गया था। यदि असंतुष्ट था तो अपील मे जा सकता था
मृतक मुझे मेरे नाम से अच्छी तरह से जानते हुए जायसवाल का नाम लिखा है जो सुसाइड नोट को संदेहास्पद बनाता है
*कलेक्टर ने लिया त्वरित एक्शन*
मामला एक किसान से संबंधित होने के कारण इस मामले में रायपुर कलेक्टर ने त्वरित एक्शन लिया और जांच के आदेश कर जांच दल गठित किया है वही तहसीलदार नन्दकिशोर को जिला कार्यलय अटैच करते हुए पटवारी को भी निलंबित कर दिया है।
*ये है पूरा मामला*
खरोरा के मोहरेंगा गांव में जमीन का यह विवाद कोटवार तोरणदास ओर मृतक सरजूराम यादव के बीच का है जिसमे सरजूराम के कब्जे की जमीन का कुछ भाग नपती में तोरण दास का निकला था और वह तोरणदास को दे दिया गया था
तोरण दास को कोटवारी सेवा की भूमि खसरा नं. 417/2 रकबा 1.1980 हे. भूमि दो साल पहले मिली थी इसी के बाद दोनों कोटवार ओर किसान के बीच जमीन को लेकर नायब तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा के समक्ष मामले की सुनवाई हुई थी।
यह मामला 22 मई 2020 को मौके पर भूमि का चिन्हांकन कर दोनों पक्षों को बताया गया. सीमांकन कार्रवाई के दौरान तैयार पंचनामा में सरजू यादव द्वारा हस्ताक्षर नही किये गए थे।
*त्वरित एक्शन*
रायपुर कलेक्टर ने मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए नायब तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा को जिला कार्यालय रायपुर संलग्न करने का आदेश जारी किया है. तत्कालीन पटवारी मोहरेंगा देवेन्द्र कर्ष को निलंबित कर दिया है
*ये करेंगे जांच*
कलेक्टर द्वारा दिये गए जांच के आदेश उपरांत इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी प्रणव सिंह, प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख पूनम शर्मा और खरोरा तहसीलदार रीमा मरकाम जांच करेंगे जांच दल मौत का कारण क्या था,मृतक की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई,क्या घटना को टाला जा सकता था,मृतक की मृत्यु के लिए यदि कोई जिम्मेदार है तो उत्तरदायित्व का निर्धारण,
घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या उपाय होंगे,
क्या किसी लोक सेवक का पक्षपातपूर्ण कृत्य मृत्यु के लिए उत्तरदायी है आदि विन्दुओ पर जांच दल किसान आत्महत्या मामले में जांच करेगा।



