पुलिस का मानवीय चेहरा-बुजुर्ग महिला को पतासाजी कर पहुचाया नातियो के घर
पुलिस का मानवीय चेहरा-बुजुर्ग महिला को पतासाजी कर पहुचाया नातियो के घर
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
आरोप प्रत्यारोप तो अक्सर पुलिस पर कहीं न कहीं कोई न कोई लगते ही रहते हैं बाबजूद इसके छत्तीसगढ़ में पुलिस का मानवीय दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक ही देखने को मिलता है धरसीवां के सिलतरा में भी पुलिस का एक बार फिर मानवीय चेहरा देखने को मिला जहां पुलिस ने सही से अपना नाम पता नही बता पा रही बुजुर्ग महिला को पतासाजी कर अंततः उसके नातियो के घर तक पहुचाया।
दरअसल सिलतरा चौकी पुलिस के गश्ती दल के सदस्य आरक्षक राजकुमार चौबे ओर यूसुफ खान को गश्त के दौरान सिलतरा बाजार चौक में अस्सी वर्षीय बुजुर्ग महिला मिली ग्रामीणो से पता चला कि वह कौन हैं कहाँ की है सही से कुछ बोल नही पा रही तब पुलिस ने उसे साथ लिया और पतासाजी शुरू की ताकि उसे उसके घर परिजनों तक पहुचाया जा सके सोशल मीडिया के जरिये पुलिस बुजुर्ग महिला का फोटो भेजकर सरपंचों से भी पतासाजी कर रही थी तभी ज्ञात हुआ कि बुजुर्ग महिला मानाबाई टण्डन पति स्वर्गीय रतनू टण्डन उम्र 80 बिजराडीह थाना गिधपुरी जिला बलौदाबाजार की निवासी है महिला के नाती फेक्ट्री में काम करते हैं जो मूँगाडीह में रहते हैं पुलिस ने मूँगाडीह जाकर पतासाजी कर बुजुर्ग महिला को उनके नातियो के पास सकुशल छोड़ा इस तरह पुलिस ने मानव धर्म का पालन किया।
