*अतिक्रमण हटाने को लेकर भी धरसीवां में सौतेला व्यवहार,किसी पर मेहरवानी तो किसी पर बुलडोजर से वार*
*अतिक्रमण हटाने को लेकर भी धरसीवां में सौतेला व्यवहार,किसी पर मेहरवानी तो किसी पर बुलडोजर से वार*
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
उपतहसील धरसीवां जो शासकीय जमीन पर अतिक्रमण की खान है यहां अतिक्रमण हटाने के नाम पर भी अक्सर सौतेला व्यवहार देखने को मिलता है किसी पर स्थानीय प्रशासन मेहरबान नजर आता है तो किसी को बुलडोजर दिखाता है कि परंपरा अब भी जारी है
जानकारी के मुताबिक धरसींवा के अतिरिक्त तहसीलदार ओर पुलिस की उपस्थिति में गत दिवस अतिक्रमण के नाम पर एक गरीब महिला का मकान बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया, प्रार्थीया बेदन बाई साहू मिन्नते करती रही लेकिन उसे सामान भी उठाने नहीं दिया गया. बुलडोजर से ध्वस्त करने के बाद वह अपने बर्तन कपड़े मलबा हटाकर ले गई.
राजस्व विभाग द्वारा उसे किसी प्रकार की पूर्व में बेदखल के लिए नोटिस भी जारी नहीं किया गया था जो राजस्व विभाग व स्थानीय कुछ जनप्रतिनिधियों के तानाशाह पूर्ण रवैये को दर्शाता है.
धरसींवा मुख्यालय में तमाम प्रशासनिक सुविधाओं के चलते 95% आबादी अवैध कब्जे में निवासरत है कुछ लोग अपने अपने वोट बैंक को बढाने अपने परिचितों नाते रिश्तेदारों को यहां लाकर अतिक्रमण कराते हैं और अपने वोट बढाते हैं इसके लिए उन्हें सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कराकर मकान बनवा देते है।
जबकि दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन बारिश के समय मे भी कुछ गरीबो के आशियाने तुड़बाने में भी पीछे नही हटते
जबकि इन्ही अवैध कब्जा के चलते कुछ माह पूर्व धरसीवां में बहुत बड़ा विवाद और चाकूबाजी तक हुई थी जिसमे धरसीवां को पुलिस छावनी में तब्दील करना पड़ा था। बाबजूद इसके अब फिर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है,
धरसीवा में विगत 10 वर्षों से गौठान सूना पड़ा है गौठान धरसीवा विश्रामगृह के पीछे 3 एकड़ की जमीन पर स्थित है जहां मवेशी नहीं के बराबर हैं . तहसीलदार मनीष साहू का कथन है गौठान बनाने कब्जा तोड़ा गया.प्रशासनिक जवाबदार अधिकारी बिना नक्शा के अवलोकन किए गरीब को बेघर कर दिया गौठान कहीं और है और अवैध कब्जा दो फ्लाग दूर जाकर तोड़ दिया गया.शासन गरीबों की उत्थान के लिए तरह-तरह की योजनाएं बना रही है और उनके मतहत अधिकारी व जनप्रतिनिधि स्वहित के चलते आमजन को राहत के बजाय उन्हें प्रताड़ित करने मे लगे है. गौठान के लिए अब ग्रामीण लामबंद हो रहे है की धरसींवा का गौठान अवैध कब्जे से मुक्त कराई जाय.
अवैध कब्जा धारियों को पंचायत स्वयं उनके घर रौशन करने बिजली के लिए पंचयात का येन ओ सी भी जारी करती है अवैध निर्माण होने पर शुरुआत मे ही. जनप्रतिनिधि पंचयात स्तर पर रोक लगाना चाहिए लेकिन किसी गरीब का आशियाना बन जाने के बाद पंचायत बेदखलीं कराने का फरमान जारी करते है और तमाशाबीन बन देखती है आशियाना धाराशाही होते।

