गरियाबंद जिला में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अभी तक नहीं मिली ओलावृष्टि फसल क्षतिपूर्ति की राशि नहीं मिलने से किसान उदासीन
गरियाबंद जिला में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अभी तक नहीं मिली
ओलावृष्टि फसल क्षतिपूर्ति की राशि नहीं मिलने से किसान उदासीन
जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने जिला कलेक्टर को यह दोनों राशि शीघ्र दिलाने के लिए आवेदन सौंपा
गरियाबंद
क्षेत्र क्रमांक 2 के जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि राशि एवं ओलावृष्टि से हुए फसल क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्रदेश के ही अन्य कई जिला में वितरण किया जा चुका है अर्थात राशि खाते में आ चुके हैं और किसान इन्हीं रुपयों से खाद बीज खरीद रहे हैं लेकिन गरियाबंद जिला में अभी तक खाते में 2000 रुपये नहीं पहुंची है। किसान प्रतिदिन चॉइस सेंटर एवं बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। कोई बैलेंस चेक करा रहा है तो कोई किसी से पूछ रहे है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 1 दिसंबर 2018 को लागू हुई थी इसमें पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। केंद्र सरकार ने छोटे किसानों को दो - दो हजार करके वर्ष में ₹6000 तीन किस्तों में देती है। इस बार आठवीं किस्त के रूप में करीब 11 करोड़ 74 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की लाभ मिलनी है। जानकारी के मुताबिक मई माह में केंद्र सरकार ने राशि डाल दी है परंतु प्रदेश के गरियाबंद जिला के किसानों की खाते मेंअभी तक राशि नहीं आई है जो किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है ऐसे समय में किसान एक एक पैसे का हिसाब रखते हैं। चूंकि धान बीज, उर्वरक खाद, जोताई मताई, बोवाई के लिए पैसे की अत्यंत आवश्यकता होती है। जिसकी कमी के चलते वह साहूकारों से ऋण में पैसे उठाते हैं तो कोई बैंक से कर्ज लेकर किसानी का काम पूरा करते हैं। इन किसानों के लिए 2000 की राशि बहुत बड़ी रकम है किसानों की समस्या को देखते हुए इन्हें शीघ्र खाते में डालने की मांग की है। वही श्री साहू ने आगे बताया कि इस वर्ष रबी फसल काटने के समय ओलावृष्टि हो गई जिससे किसान अपनी उपज प्राप्त नहीं कर पाएं। खेत में ही धान की बालियां झड़ गई तो दूसरी ओर फसल पानी में डूबने के कारण पूरी तरह से खराब हो गई। इस तरह ओलावृष्टि में किसानों को टोटल नुकसान उठाना पड़ा। इनके दर्द बांटने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओलावृष्टि से हुए फसल की क्षतिपूर्ति देने की बात कहकर सर्वे के साथ ही आवेदन मंगाया था जिले के हजारों किसानों ने पूरी जानकारी राजस्व विभाग में जमा किया साथ ही फसलों की फोटो भी दिया गया। एक महीने पूर्ण होने को है परंतु अभी तक फसल क्षतिपूर्ति की राशि राज्य सरकार ने नहीं भेजी है किसान लगातार नुकसान उठा रहे हैं और ऐसे में ओलावृष्टि क्षतिपूर्ति की राशि नहीं मिलने से किसान उदासीन है। वह इंतजार में है कि कब उनके खाते में यह दोनों राशियां आएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के खाते में ओलावृष्टि फसल क्षतिपूर्ति की राशि न डालकर अपनी असली चेहरा दिखा दिया है कि वह किसानों के कितना हमदर्द है।
