वन्देमातरम और भारत माता की जय बोलने वालों की केंद्र में सरकार आई - गौरीशंकर अग्रवाल
वन्देमातरम और भारत माता की जय बोलने वालों की केंद्र में सरकार आई - गौरीशंकर अग्रवाल
गोबरा नवापारा नगर
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में आंतरिक कलह को आधार बनाकर लगाये गए आपातकाल (इमरजेंसी) के 46 साल पूरे होने पर भाजपा द्वारा काला दिवस मनाया जा रहा है .
इस विषय पर नगर के नेहरु घाट पर स्थित सामुदायिक भवन में भाजपा द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था . जिसमें छ.ग. विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, महासमुंद के पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व प्रदेश संगठनमंत्री रामप्रताप सिंह, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सहित अन्य वक्ता उपस्थित हुए . कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तानाशाही, भ्रष्टाचार और अनियमितता के चलते देश में उनके विरुद्ध लगातार आक्रोश बढ़ रहा था, जिसे देखते हुए प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी ने जनाक्रोश को दमनपूर्वक दबाने का निश्चय किया . इसके तहत 24 और 25 जून की मध्यरात्रि उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद को फोन कर देश में आतंरिक कलह को आधार बनाकर देश में धारा 352 के तहत आपातकाल लगाने कहा, जिसका पालन करते हुए राष्ट्रपति ने श्रीमती गांधी के इस सिर्फ एक फोन कॉल से संवैधानिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार कर देश में आपातकाल की घोषणा कर दी, जो 25 जून 1975 से लागू हो गया . जबकि प्रधानमन्त्री की अनुशंसा पर आपातकाल लगाने से पूर्व लोकसभा और राज्यसभा को विश्वास में लेना पड़ता है और वह भी देश में केवल गृहयुद्ध और बाहरी आक्रमण के चलते ही आपातकाल लगाया जा सकता था . बहरहाल 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में लागू रहे आपातकाल के दौरान देशवासियों का जीवन नर्क से भी ज्यादा दुष्कर हो गया था . आपातकाल में चुनाव स्थगित कर दिए गए, अन्यथा उस वक्त चुनाव करवाए जाते तो कांग्रेस शून्य पर सिमट जाती . जैसा कि आपातकाल समाप्ति के बाद हुए चुनाव में हुआ . इंदिरा गांधी की सत्ता लोलुपता के चलते देशवासियों को लगभग 2 वर्ष का नारकीय जीवन बिताना पड़ा . उस वक्त नागरिकों के तमाम अधिकार समाप्त कर दिए गए थे . अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलते हुए प्रेस की स्वतंत्रता तक पर पाबंदी लगा दी गई थी . आपातकाल लगते ही विपक्ष में नेताओं को रात के अँधेरे में गिरफ्तार कर लिया गया . राष्ट्रवादियों ने राष्ट्रवासियों के हित में आपातकाल का विरोध किया तो उन्हें जेल भेज दिया गया, जिन्हें आज मीसाबंदी के नाम से जाना जाता है . वक्ताओं ने आगे कहा कि 2014 में वन्देमातरम और भारत माता की जय बोलने वालों की केंद्र में सरकार आई . बहुत संघर्ष और यातना के बाद आज हम इस स्थान पर पहुंचे हैं और आज देखिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में नेतृत्व में देशहित में कड़े फैसले लिए जा रहे हैं . भारत के अभिन्न अंग रहे जम्मू-कश्मीर में लागू लगभग 60 साल पुराने धारा 370 और 35ए को समाप्त किया गया . आज जम्मू-कश्मीर में समूचे देश की तरह एक समान कानून लागू है . सर्वोच्य न्यायालय के फैसले के बाद हिन्दुओं की आस्था के अनुरूप अयोध्या में आज भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर बन रहा है . भारत को आज एक बार फिर से विश्वगुरु का दर्जा वापिस मिल गया है ।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा आपातकाल के समय विरोध करने के कारण जेल भेज दिए गए नगर के दो मीसाबंदी बलदेव सिंग हुंदल और चंदूलाल जैन का शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया . कार्यक्रम में भाजपा रायपुर जिला ग्रामीण के सह-प्रभारी प्रह्लाद रजक भाजपा रायपुर जिला ग्रामीण अध्यक्ष अभिनेश कश्यप, जिला महामंत्री अनिल अग्रवाल , श्याम नारग जिला उपाध्यक्ष श्रीमती नंदनी साहू , नवापारा मंडल अध्यक्ष उमेश यादव , अभनपुर मंडल अनिल अग्रवाल , नगर पंचायत अध्यक्ष कुंदन बघेल अभनपुर मंडल महामंत्री सूरज साहू , भाजयुमो जिलाध्यक्ष संचित तिवारी, जिला पंचायत सदस्य रानी पटेल व चंद्रशेखर साहू , भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक संजय शर्मा , भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के रायपुर जिला ग्रामीण अध्यक्ष योगेन्द्र ध्रुव , पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय गोयल , किशन शर्मा, राजेश साहू , मनीष देवांगन , रूपेंद्र चंद्राकर, अशोक नागवानी , चन्द्रिका साहू , बॉबी चांवला , दुकालू चक्रधारी , रेशम सिंग हुंदल, किशन साहू , कैलाश तिवारी , मायाराम साहू , संजीव सोनी , गुहाराम साहू , चेतन साहू , संजय साहू , किशोर देवांगन , हितेश मंडई , वीरेंद्र साहू , ईश्वरी देवांगन , सौरभ सिंटू जैन , राजू रजक , धीरज साहू , इम्मू सोलंकी , अनुज राजपूत , सोनऊ साहू , दिलीप देवांगन , फूलजी साहू , सन्तु कंसारी सहित महिला मोर्चा की श्रीमती अन्नपूर्णा देवांगन , श्रीमती धनमति साहू , श्रीमती तनु मिश्रा , नंदनी साहू ददरघोरी , श्रीमती हर्षा कंसारी , श्रीमती नीता धीवर ,श्रीमती संतोषी कंसारी ,श्रीमती संगीता शर्मा ,श्रीमती किरण सोनी ,श्रीमती गुड्डी कंसारी ,श्रीमती भुनेश्वरी साहू , श्रीमती नमिता साहू ,श्रीमती हेमिन साहू ,श्रीमती दुकलहीन साहू ,श्रीमती राजबाई साहू ,श्रीमती रेखा बाई आदि उपस्थित थे . कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन उमेश यादव ने किया ।



