आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
फास्ट न्यूज हर पल समाचार पत्र,

आज का सुविचार(चिन्तन)

 🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃

💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..26-06-2021*..🎋


✍🏻अरमान सिर्फ़ उतने ही अच्छे है, जिनमे स्वाभिमान गिरवी रखने की ज़रूरत न पड़े।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃


♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻

  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻विज्ञान कहता है कि जीभ पर लगी चोट सबसे जल्दी ठीक हो होती हैं, और ज्ञान कहता है कि जीभ से लगी चोट कभी भी ठीक नहीं हो सकती।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻

♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️

अनमोल वचन :

कर्म का अधिकार मनुष्य के पास है लेकिन फल ईश्वर देते हैं। इसलिये अच्छे कर्म करने चाहिये क्योंकि मनुष्य को जीवन में उसके कर्मों का ही फल मिलता है।

🙏ओम् शान्ति 🙏

💐आपका दिन शुभ हो💐

♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️
💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞
       ॐ शांति
*लोग क्या कहेंगे*

*यह सोच कर जीवन जीते हैं*

*भगवान् क्या कहेंगे*

*क्या कभी इसका विचार किया ?*

           ओम शांति
💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞
🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️
        ओम शांति
*जीवन प्रसन्नता और आनन्द से जिया जा सकता है लेकिन देखा जाए तो लोग अकारण अपने स्वभाव और व्यवहार से इसे अशांत और क्लेशमय बना रहे हैं। छोटी - छोटी बातें जिनको प्रेमपूर्ण तरीके से सुलझाया जाया सकता है उन्हें अहम की बजह से लोग और अधिक उलझा देते हैं।*

        *धैर्य का तो लगता है जैसे लोगों में अकाल सा आ गया हो। जबकि जीवन में धैर्य नाम का सदगुण नहीं है तो पल-पल इंसान का स्वयं तो परेशानी में बीतता है अपितु वह सम्पूर्ण वातावरण को भी परेशान सा कर देता है।* 

          *आप स्थिति- परिस्थिति को नहीं बदल सकते हो लेकिन अपनी प्रतिक्रिया को जरूर बदल सकते हो। आपकी प्रतिक्रिया गीत के रूप में भी हो सकती है और गाली के रूप में भी, यह तो आपके ऊपर ही निर्भर है। विचार करें, कहीं आप भी तो अज्ञानवश अकारण क्लेशों को तो जन्म नहीं दे रहे हो ?,*
      ॐ शांति
🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️🧚‍♀️
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*26 जून:-*_ तपस्या हमे स्व से और सर्व से संतुष्ट रहना सिखाती है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰
♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️

अनमोल वचन :

कर्म का अधिकार मनुष्य के पास है लेकिन फल ईश्वर देते हैं। इसलिये अच्छे कर्म करने चाहिये क्योंकि मनुष्य को जीवन में उसके कर्मों का ही फल मिलता है।

🙏ओम् शान्ति 🙏

💐आपका दिन शुभ हो💐

♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️🌷♻️
🙏 *ॐ शांति* 🙏

अपने जीवन में *सकारात्मकता* कैसे बढ़ाएं? अपने मन को वो सोचने की आदत डलवाएं जो इन *आँखों* से नहीं दिखता... जैसे *आत्मा* और *परमात्मा* ! इसके बारे में जितना पढ़ते, देखते व सुनते जाएंगे... आपकी सकारात्मकता बढ़ती जायेगी।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️

        

         *👉🏿जडीबुटी☘🏵️                                                              🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅                        🔅🔅🔅                                                                                                                                               *बहुत समय पहले की बात है , एक वृद्ध सन्यासी हिमालय की पहाड़ियों में कहीं रहता था. वह बड़ा ज्ञानी था और उसकी बुद्धिमत्ता की ख्याति दूर -दूर तक फैली थी. एक दिन एक औरत उसके पास पहुंची और अपना दुखड़ा रोने लगी , ” बाबा, मेरा पति मुझसे बहुत प्रेम करता था , लेकिन वह जबसे युद्ध से लौटा है ठीक से बात तक नहीं करता।"*


*” युद्ध लोगों के साथ ऐसा ही करता है.” , सन्यासी बोला।*


*"लोग कहते हैं कि आपकी दी हुई जड़ी-बूटी इंसान में फिर से प्रेम उत्पन्न कर सकती है , कृपया आप मुझे वो जड़ी-बूटी दे दें.” , महिला ने विनती की।*


*सन्यासी ने कुछ सोचा और फिर बोला ,” देवी मैं तुम्हे वह जड़ी-बूटी ज़रूर दे देता, लेकिन उसे बनाने के लिए एक ऐसी चीज चाहिए जो मेरे पास नहीं है ."*


*”आपको क्या चाहिए मुझे बताइए मैं लेकर आउंगी .”, महिला बोली।*


*”मुझे बाघ की मूंछ का एक बाल चाहिए .”, सन्यासी बोला।*


*अगले ही दिन महिला बाघ की तलाश में जंगल में निकल पड़ी, बहुत खोजने के बाद उसे नदी के किनारे एक बाघ दिखा, बाघ उसे देखते ही दहाड़ा , महिला सहम गयी और तेजी से वापस चली गयी।*


*अगले कुछ दिनों तक यही हुआ , महिला हिम्मत कर के उस बाघ के पास पहुँचती और डर कर वापस चली जाती. महीना बीतते-बीतते बाघ को महिला की मौजूदगी की आदत पड़ गयी, और अब वह उसे देख कर सामान्य ही रहता. अब तो महिला बाघ के लिए मांस भी लाने लगी , और बाघ बड़े चाव से उसे खाता. उनकी दोस्ती बढ़ने लगी और अब महिला बाघ को थपथपाने भी लगी. और देखते देखते एक दिन वो भी आ गया जब उसने हिम्मत दिखाते हुए बाघ की मूंछ का एक बाल भी निकाल लिया।*


*फिर क्या था , वह बिना देरी किये सन्यासी के पास पहुंची, और बोली ” मैं बाल ले आई बाबा ।*


*“बहुत अच्छे .” और ऐसा कहते हुए सन्यासी ने बाल को जलती हुई आग में फ़ेंक दिया ।*

 

*”अरे ये क्या बाबा, आप नहीं जानते इस बाल को लाने के लिए मैंने कितने प्रयत्न किये और आपने इसे जला दिया …… अब मेरी जड़ी-बूटी कैसे बनेगी ?” महिला घबराते हुए बोली।*


*”अब तुम्हे  किसी जड़ी-बूटी की ज़रुरत नहीं है .” सन्यासी बोला ।” जरा सोचो , तुमने बाघ को किस तरह अपने वश में किया….जब एक हिंसक पशु को धैर्य और प्रेम से जीता जा सकता है तो क्या एक इंसान को नहीं ? जाओ जिस तरह तुमने बाघ को अपना मित्र बना लिया उसी तरह अपने पति के अन्दर प्रेम भाव जागृत करो.।"*


*महिला सन्यासी की बात समझ गयी, अब उसे उसकी जड़ी-बूटी मिल चुकी थी।*



🌺🍁🌺🍁🌺🍁🌺

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads