*नगरपालिक निगम धमतरी के महापौर श्री विजय देवांगन ने आज कार्यक्रम का किया शुभारंभ*
*गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा का आयोजन 15 जुलाई तक*
*नगरपालिक निगम धमतरी के महापौर श्री विजय देवांगन ने आज कार्यक्रम का किया शुभारंभ*
जितेंद्र महमल्ला/धमतरी
प्रदेश सहित जिले में एक से 15 जुलाई तक गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इतवारी बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में इस कार्यक्रम का शुभारंभ आज नगरपालिक निगम धमतरी के महापौर श्री विजय देवांगन द्वारा किया गया। इस मौके पर श्री देवांगन ने बताया कि पाईप लाइन धमतरी में पीने के पानी को क्लोरिनयुक्त करके लगातार सप्लाय किया जा रहा है तथा धमतरी के बाजारों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मूलभूत सुविधाएं, साफ-सफाई, पानी निकासी इत्यादि को दुरूस्त करने की भी बात उन्होंने की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि बच्चों में डायरिया से होने वाले मृत्यु की रोकथाम के उद्देश्य से गहन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शून्य से पांच साल के बच्चों में मृत्यु का मुख्य कारण डायरिया है, इसके जल्द उपचार से शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर ओ.आर.एस., जिंक के प्रयोग का दीवार लेखन सहित डायरिया से बचाव के उपाय का स्थानीय भाषा में प्रचार-प्रसार प्रिंट एवं डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है।
यह भी बताया गया कि जिले में 1830 मितानिनों द्वारा इस पर निगाह रखी जा रही है। मितानिनों द्वारा सभी छः माह से पांच साल तक के बच्चों के घरों में ओ.आर.एस. पैकेट का वितरण किया जाएगा। साथ ही उसके प्रयोग, स्वच्छता, डायरिया प्रकरणों की पहचान, स्वास्थ्य केन्द्रों में संदर्भन एवं मां को खतरे के लक्षण के बारे में शिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा ओ.आर.एस.-जिंक की महत्ता, दस्त होने पर मां का दूध पिलाने की आवश्यकता, खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने इत्यादि की जानकारी दी जाएगी। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों सहित निजी अस्पतालों में भी ओर.आर.एस.-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे।
डॉ.तुर्रे ने डायरिया के कारण और उसके निदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदूषित खान-पान की वजह से डायरिया होता है। बरसात के मौसम में अधिकतर इससे प्रभावित होते हैं, क्यांकि सड़े-गले फल इत्यादि में डायरिया के किटाणु पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सब्जी अच्छी तरह से धोकर पकाएं, मक्खियों से खाद्य पदार्थों को बचाने के लिए उसे ढंककर रखें, बासी खाना, सड़े-गले साग-सब्जी, फल इत्यादि का परहेज करें, क्लोरिनयुक्त, स्वच्छ अथवा पानी उबालकर पिएं तथा अपने आसपास की सफाई बनाए रखें, क्यांकि गंदगी से मक्खियां पनपती हैं और मक्खी डायरिया का प्रमुख वाहक होता है। इसलिए साफ-सफाई निहायत जरूरी है।


