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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..27-07-2021*..🎋
✍🏻अभिमान को आने मत दो और स्वाभिमान को जाने मत दो, अभिमान आपको उठने नहीं देगा और स्वाभिमान आपको गिरने नहीं देगा।
💐 *Brahma Kumaris* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*🌷
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻जैसे फल और फूल किसी की प्रेरणा के बिना ही अपने समय पर वृक्षों में लग जाते है उसी प्रकार किये हुए अच्छे और बुरे कर्म भी अपने आप जीवन में स्वतः फल देने आते रहते हैं।
🌹 *σм ѕнαитι.*
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👏🌹😊अनमोल मोती-
27-07-2021
*क्षमा जीवन में खुद की खुशी के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण गुण होता है, लेकिन क्षमा करने के लिए भी बड़ी दिल की ज़रूरत होती है, अर्थात बड़ी दिल या सोच वाला इंसान ही सदा खुश व संतुष्ट रह सकता है।*
🙏🏻🌹*ओमशान्ति, सुप्रभात*👍💖
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*27 जुलाई:-*_ गॉड को गाइड और लिबरेटर कहते, वो हमे दुखो से लिबरेट (स्वतंत्र) करते ओर सुखो में ले जाने के लिए गाइड करते है।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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🙏 *ॐ शांति* 🙏
आपके *चेहरे* से... आपके *कर्मों* की झलक मिलती है, क्योंकि आपका एक-एक विचार पहले आपके शरीर में प्रवाहित होता है और *आत्मा* का पहला *कर्म* है उसका एक-एक विचार! यदि सुन्दर व आकर्षक दिखना है तो विचारों को *सुन्दर* व *आकर्षक* बनाएं।
🌸 सुप्रभात...
💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
😊ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकर शिव भगवानुवाच l ♥
👏🏻5000 वर्ष का है यह विश्व ड्रामा का चकर lजिसमें हम आत्माएं हैं, सभी एक्टर l नर नारी के,शरीर रूपी वस्त्र पहनकर l🚶🏻♂️
👍🏻भिन्न-भिन्न संबंधों से पार्ट बजाते हैं, हम धरती पर l पहले 2500 वर्ष संपूर्ण पवित्र देवी देवता धर्म में आकर,
🙂 21 जन्म हीरे मोती सोने के महलों में रहकर, संपूर्ण पवित्रता सुख शांति शक्ति संपन्न राज्य किया हमने, सारे विश्व पर l🌎
❣️ तब बहुत थोड़े एक्टर थे हम इस धरती पर l ❣️
🇲🇰सतयुग, त्रेतायुग पूरा कर, जब शुरू हुआ युग द्वापर, हम अपने आत्म स्वरूप को भूलकर, पार्ट बजाने लगे अपने को देह समझकर l तभी भयंकर भूकंप हुआ धरती पर, सोने के महल मिट गए, मिट्टी में मिलकर l🚩
☄️रामराज्य खत्म होकर lरावण का नर्कमय राज्य शुरू हुआ धरती पर l🌸
🙇🏻♂️द्वापर कलयुग में 63 जन्म लेकर, बहुत दुख पाया हमने पतित बनकर l🤝🏻
😊अभी पूरा हो रहा है यह, 5000 वर्ष का चकर l फिर से, भगवान बाप आए हैं, भारत की धरती पर l🚩
🇲🇰हम आत्माओं को ज्ञान योग सिखला कर, पतित से पावन बनाकर l फिर से पावन स्वर्ग की स्थापना कर lरावण के दुखदाई, नर्क का विनाश कर l🇲🇰
🙂सारे विश्व का राज्य भाग्य दे रहे हैं वह, हमें देवी देवता बनाकर l यह सर्वोच्च भाग्य हर कोई ले सकता है उनका बनकर l उनकी श्रीमत पर चलकर l🙂
सुबह का प्यार भरा नमस्कार🙏
*✍परमात्मा👆🏻💫🇲🇰 हर वक्त🕰️ हमारे👬🏼👭🏻👫🏻👨👩👧👦 साथ हैं।*
*हम अंदाजा भी नहीं❌ लगा सकते कि वह हमें कब,कहां और कैसे-कैसे बचाता है।*
*लेकिन हम👭🏻👬🏼👫🏻👨👩👧👦 फिर भी जब भी हमें कोई मौका मिलता है, गिला-शिकवा करने से नहीं❌चूकते।*
*एक बात मन🙇🏻♀️🙇🏻♂️में बिठा लें,कि जो भी हो रहा है,*
*उसके पीछे कोई न कोई कारण है,जिसमें निश्चित ही हमारी👬🏼👭🏻👫🏻👨👩👧👦🌍कोई भलाई छिपी है।*
*इसलिए हर तरह की ज़िद छोड़कर जो भी जैसा🚶🏻♀️😷🚶🏻♂️ भी हो रहा है उसे ख़ुशी😊😊 ख़ुशी स्वीकार करें!!*कोई अपना अमूल्य समय देकर,
कोई संदेश देकर, कोई साथ देकर, कोई सावधानी देकर, कोई शिक्षा देकर, कोई साधन देकर, कोई स्थान देकर, कोई दवाई देकर कोई दुआ देकर आपको और आपके परिवार को इस अदृश्य वायरस से बचा रहा है दिल❤️से उन👩🏻⚕️🧑🏻🏫👨🏻🎨🧑🏻🍳👮🏻♂️🧑🏻💻🩺 सभी का शुक्रिया अदा कीजिए धन्यवाद आपका धन्यवाद आपका👏🏻 और धन्यवाद परमपिता👆🏻💫🇲🇰 परमात्मा👏🏻 का जो उनको निमित्त बनाया आपके लिए।
🤗स्वस्थ रहे अपनों👭🏻👬🏼👫🏻👨👩👧👦 के साथ मस्त रहे, अपना👩🏻💫👦🏻 खयाल रखें। ॐ नमः शिवाय।🇲🇰👏🏻
♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️
*👉🏿हर जगह भगवान मिलेंगे➖*🏵️
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*एक व्यक्ति बहुत नास्तिक था... उसको भगवान पर विश्वास नहीं था...एक बार उसके साथ दुर्घटना घटित हुई.. वो रोड पर पड़ा पड़ा सब की ओर कातर निगाहों से मदद के लिए देख रहा था,पर कलियुग का इंसान - किसी इंसान की मदद जल्दी नहीं करता,मालूम नहीं क्यों, वो यही सोच कर थक गया... तभी उसके नास्तिक मन ने अनमने मन से प्रभु को गुहार लगाई...उसी समय एक ठेलेवाला वहां से गुजरा उसने उसको गोद में उठाया और चिकित्सा हेतु ले गया उसने उनके परिवार वालो को फ़ोन किया और अस्पताल बुलाया सभी आये उस व्यक्ति को बहुत धन्यवाद दिया...और उसके घर का पता भी लिखवा लिया जब यह ठीक हो जायेगा तो आप से मिलने आयेंगे !*
*वो सज्जन सही हो गए... कुछ दिन बाद वो अपने परिवार के साथ उस व्यक्ति से मिलने का इरादा बनाते है और निकल पड़ते है मिलने |वो बाँके बिहारी का नाम पूछते हुए उस पते पर जाते है उनको वहा पर प्रभु का मंदिर मिलता है, वो अचंभित से उस भवन को देखते है, और उसके अन्दर चले जाते है !*
*तभी भी वहा पर पुजारी से नाम लेकर पूछते है की यह बाँके बिहारी कहा मिलेगा -पुजारी हाथ जोड़ मूर्ति की ओर इशारा कर के कहता है की यहाँ यही एक बाँके बिहारी है !*
*खैर वो मंदिर से लौटने लगते है तो उनकी निगाह एक बोर्ड पर पड़ती है उसमे एक वाक्य लिखा दिखता है - कि*
*इंसान ही इंसान के काम आता है, उस से प्रेम करते रहो मै तो तुम्हे स्वयं मिल जाऊंगा...*
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