आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..08-08-2021*..🎋


✍🏻दिमाग में विचारों का ट्रैफिक जितना कम होगा जिंदगी का सफर उतना ही आसान होगा।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻दुनिया में किसी पर भी हद से ज्यादा निर्भर ना रहे, क्योंकि जब आप किसी की छाया में होते हैं, तो आपको अपनी परछाई नज़र नहीं आती।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*08 अगस्त:-*_ मुज आत्मा का कर्तव्य है सुख शान्ति के दाता परमात्मा के साथी सहयोगी बन सारे विश्व में सुख शान्ति लाना।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकर शिव भगवानुवाच l*

😊यह विश्व ड्रामा मुख्य रूप से, प्रिय भारत पर ही है बना l
इस विश्व ड्रामा के आदि मध्य अंत को, अच्छी तरह से समझना l😊

🤌🏻समझा रहे हैं, स्वयं ज्ञान सागर भगवान बाप अपना l 
फिर से प्रिय भारत को, और भारत वासियों को, विश्व ड्रामा में हीरो पार्ट है बजाना l 🔥

🚶🏻‍♂️साधारण गुप्त रूप में आए हुए, सर्वोच्च भगवान बाप को पहचाननाl👸

 🇲🇰उनकी ही याद सेअपने में, गुण ज्ञान शक्तियां भरते रहना l यही खजाने सारे संसार को बांटनाl 🇲🇰

🧚🏻‍♂️फिर गुप्त रूप से, सारे विश्व का राज्य लेना l संपूर्ण पवित्र देवी देवता बनना👸

🧎🏻फिर से 21 जन्मों तक, विश्व ड्रामा मे हीरो हीरोइन का पार्ट बजाना l🤴🏻

🇲🇰रचिता बाप की है हम, सर्वश्रेष्ठ रचनाl अभी तक भी होती है जिनकी, मंदिरों में पूजा अर्चना l🙏🏼

🤌🏻अभी इस बनावटी दिखावे की दुनिया में, नहीं है कोई दिखावा अपना l🙇🏻‍♂️

🚶🏻‍♂️अभी गुप्त रूप में आए हुए भगवान बाप के साथ, गुप्त ही रहना l❣️

🤴🏻संपन्न स्थिति द्वारा ही, अपने आप को तथा भगवान बाप को है प्रत्यक्ष करनाl अंत में सारे संसार को है, यह  वंडर देखना l👸
🙏 *ॐ शांति* 🙏

जीवन में कभी किसी का *बुरा* न करो, हमेशा अच्छे *कर्म* करो... क्योंकि *परछाई* साथ छोड़ सकती है... लेकिन *कर्म* कभी पीछा नहीं छोड़ते।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

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अनमोल वचनः

सच्चाई की ताकत वैसे ही कमाल करती है जैसे पारस का स्पर्श लोहे को भी सोना बना देता है।सबसे बड़ा सच है कि हम शरीर नहीं परंतु इस शरीर को चलाने वाली शरीर की मालिक अजर- अमर-अविनाशी आत्मा हैं। आत्मा का स्वधर्म शांति हैं, शांतिधाम (सचखंड)की रहने वाली है,शांति के सागर परमपिता परमात्मा की संतान शांत,शक्ति, प्रेम,सुख, आनंद स्वरुप है।

🙏ओम् शांति 🙏 

🍁आपका दिन शुभ हो🍁

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          👉        एक अनोखा मुकदमा 🏵️
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न्यायालय  में एक मुकद्दमा आया ,जिसने सभी को झकझोर दिया |अदालतों में प्रॉपर्टी विवाद व अन्य पारिवारिक विवाद के केस आते ही रहते हैं|  मगर ये मामला बहुत ही अलग किस्म का था। 

       एक 60 साल के  व्यक्ति ने ,अपने 75 साल के बूढ़े भाई पर मुकद्दमा किया था|
    मुकदमा कुछ यूं था कि "मेरा 75 साल का बड़ा भाई ,अब बूढ़ा हो चला है ,इसलिए वह खुद अपना ख्याल भी ठीक से नहीं रख सकता |मगर मेरे मना करने पर भी वह हमारी 95 साल की मां की देखभाल कर रहा है |
      मैं अभी ठीक हूं, सक्षम हू। इसलिए अब मुझे मां की सेवा करने का मौका दिया जाय और मां को मुझे सौंप दिया जाय"।
        न्यायाधीश महोदय का दिमाग घूम गया और मुक़दमा भी चर्चा में आ गया| न्यायाधीश महोदय ने दोनों भाइयों को समझाने की कोशिश की कि आप लोग 15-15 दिन रख लो|
    मगर कोई टस से मस नहीं हुआ,बड़े भाई का कहना था कि मैं अपने  स्वर्ग को खुद से दूर क्यों होने दूँ |अगर मां कह दे कि उसको मेरे पास कोई परेशानी  है या मैं  उसकी देखभाल ठीक से नहीं करता, तो अवश्य छोटे भाई को दे दो।
      छोटा भाई कहता कि पिछले 35 साल से,जब से मै नौकरी मे बाहर हू  अकेले ये सेवा किये जा रहा है, आखिर मैं अपना  कर्तव्य कब पूरा करूँगा।जबकि आज मै स्थायी हूं,बेटा बहू सब है,तो मां भी चाहिए।
          परेशान  न्यायाधीश महोदय ने  सभी प्रयास कर लिये ,मगर कोई हल नहीं निकला|
       आखिर उन्होंने मां की राय जानने के लिए उसको बुलवाया और पूंछा कि वह किसके साथ रहना चाहती है|
      मां कुल 30-35 किलो की बेहद कमजोर सी औरत थी |उसने दुखी दिल से कहा कि मेरे लिए दोनों संतान  बराबर हैं| मैं किसी एक के  पक्ष में फैसला सुनाकर ,दूसरे का दिल नहीं दुखा सकती|
 आप न्यायाधीश हैं , निर्णय करना आपका काम है |जो  आपका निर्णय होगा मैं उसको ही मान लूंगी।
             आखिर न्यायाधीश महोदय ने भारी मन से  निर्णय दिया कि न्यायालय छोटे भाई की भावनाओं से  सहमत है कि बड़ा भाई वाकई बूढ़ा और कमजोर है| ऐसे में मां की सेवा की जिम्मेदारी छोटे भाई को दी जाती है।
   फैसला सुनकर बड़े भाई ने छोटे को गले लगाकर रोने लगा |
यह सब देख अदालत में मौजूद  न्यायाधीश समेत सभी के आंसू छलक पडे।
        कहने का  तात्पर्य यह है कि अगर भाई बहनों में वाद विवाद हो ,तो इस स्तर का हो|
   ये क्या बात है कि 'माँ तेरी है' की लड़ाई हो,और पता चले कि माता पिता ओल्ड एज होम में रह रहे हैं | यह पाप  है।
   धन दौलत गाडी बंगला सब होकर भी यदि मा बाप सुखी नही तो आपके दौलत कमाने का भी कोई फायदा नही।
निवेदन है इस पोस्ट को शेयर जरूर करें,ताकि मां बाप को हर जगह सम्मान मिले ....

    भावनात्मक व प्रेरणादायक पोस्ट से संबंधित है।
आप सभी का दिन शुभ हो 🙏🏻😊


♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी 

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👉 संगर्स ओर चुंनोतियां 🏵️

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*एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया !कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए,कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये!हर बार कुछ ना कुछ कारण से उसकी फसल थोड़ी ख़राब हो जाये!*

*एक दिन बड़ा तंग आ कर उसने परमात्मा से कहा,देखिये प्रभु,आप परमात्मा हैं,लेकिन लगता है आपको खेती-बाड़ी की ज्यादा जानकारी नहीं है,एक प्रार्थना है कि एक साल मुझे मौका दीजिये , जैसा मै चाहू वैसा मौसम हो,फिर आप देखना मै कैसे अन्न के भण्डार भर दूंगा!* *परमात्मा मुस्कुराये और कहा ठीक है,जैसा तुम कहोगे वैसा ही मौसम दूंगा, मै दखल नहीं करूँगा!*

*किसान ने गेहूं की फ़सल बोई,जब धूप चाही,तब धूप  मिली,जब पानी तब पानी !तेज धूप, ओले,बाढ़,आंधी तो उसने आने ही नहीं दी,समय के साथ फसल बढ़ी और किसान की ख़ुशी भी,क्योंकि ऐसी फसल तो आज तक नहीं हुई थी !*  *किसान ने मन ही मन सोचा अब पता चलेगा परमात्मा को, की फ़सल कैसे करते हैं,बेकार ही इतने बरस हम किसानो को परेशान करते रहे.*

*फ़सल काटने का समय भी आया,किसान बड़े गर्व से फ़सल काटने गया,लेकिन जैसे ही फसल काटने लगा,एकदम से छाती पर हाथ रख कर बैठ गया!गेहूं की एक भी बाली के अन्दर गेहूं नहीं था,सारी बालियाँ अन्दर से खाली थी,बड़ा दुखी होकर उसने परमात्मा से कहा,प्रभु ये क्या हुआ ?*

*तब परमात्मा बोले*


    *ये तो होना ही था,तुमने पौधों को संघर्ष का ज़रा सा भी मौका नहीं दिया,ना तेज धूप में उनको तपने दिया,ना आंधी ओलों से जूझने दिया,उनको किसी प्रकार की चुनौती का अहसास जरा भी नहीं होने दिया,इसीलिए सब पौधे खोखले रह गए,जब आंधी आती है,तेज बारिश होती है ओले गिरते हैं तब पोधा अपने बल से ही खड़ा रहता है, वो अपना अस्तित्व बचाने का संघर्ष करता है और इस संघर्ष से जो बल पैदा होता है वोही उसे शक्ति देता है,उर्जा देता है,उसकी जीवटता को उभारता है.सोने को भी कुंदन बनने के लिए आग में तपने , हथौड़ी से पिटने,गलने जैसी चुनोतियो से गुजरना पड़ता है तभी उसकी स्वर्णिम आभा उभरती है,उसे अनमोल बनाती है !*

*उसी तरह जिंदगी में भी अगर संघर्ष ना हो,चुनौती  ना हो तो आदमी खोखला  ही रह जाता है,उसके अन्दर कोई गुण नहीं आ पाता !ये चुनोतियाँ ही हैं जो आदमी रूपी तलवार को धार देती हैं,उसे सशक्त और प्रखर बनाती हैं,अगर प्रतिभाशाली बनना है तो चुनौतियो  स्वीकार करनी ही पड़ेंगी, अन्यथा हम खोखले ही रह जायेंगे.* 

 *अगर जिंदगी में प्रखर बनना है,प्रतिभाशाली बनना है ,तो संघर्ष और चुनोतियाँ का सामना तो करना ही पड़ेगा* 

*बिना संघर्ष और चुनौतियों के हम कभी अपनी मंजिल को नही पा सकते यह भी एक परीक्षा है जीवन की जिसके बिना हमें उसी तरह ज्ञान नही होता जिस तरह एक बच्चा परीक्षा दिए बिना अगली कक्षा में नही जा पाते,संघर्ष और जीवन की चुनौतियों का सामना तो इस धरा पर आकर श्री राम और श्री कृष्ण जी ने भी किया*

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