आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..03-08-2021*..🎋


✍🏻आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं, उससे नहीं जो आप कल करेंगे।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

✍🏻एक गलती आपका अनुभव बढ़ा देती है और अनुभव आपकी गलतियां कम कर देता है ज़िन्दगी में अगर कोई सबसे सही रास्ता दिखाने वाला दोस्त है तो वो है अनुभव।
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹
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*कोई अगर आपके अच्छे कार्य पर सन्देह करता है तो करने देना ... क्योकि ...*

*शक़ सदा सोने की शुद्धता पर किया जाता है ... कोयले की कालिख पर नहीं ...*

                   *🌟 सुप्रभात 🌟*
🙏 *ॐ शांति* 🙏

भगवान को पाना *कठिन* है ... सभी नहीं पा सकते उसे ... *सन्यासियों* का काम है ... नहीं ... *भगवान* को पाना आसान है ... इसके लिये संसार को नहीं बल्कि केवल सांसारिक *सोच* को छोड़िये और वैसा सोचना शुरू करें जैसे वो कर रहा है ... तो *नित्य* प्रतिपल उसका *अनुभव* करने लगेंगे ...

🌸 सुप्रभात ...

💐💐 आपका दिन शुभ हो ... 💐💐



💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*03 अगस्त:-*_ अनेकता में एकता लाना, बिगड़ी को बनाना यह हमारी विशेषता हो।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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       ओम शांति
*कश्तिया बच जातीं हैं*
*तूफान में,*
*पर*
*हस्तियां डूब जातीं हैं*
*अभिमान में.....*
*बाहर रिश्तों का "मेला" है..भीतर हर शख्स "अकेला" है..*
*यही जिंदगी का "झमेला" है..!!*
    ओम शांति
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*कुछ ख्वाब सुनहरे कुछ स्याह हो गए*
*भागते रहे जिंदगी भर*
*अंत मे एक मुठी राख हो गए*
*लगाया हिसाब चित्र ने जो*
*खाली हाथ हो गए*
*कुछ न गया साथ अपने*
*रुपये पैसे सब यहीं ढेर हो गए*
*कमाना था कुछ ऐसा* 
*जो जीवन सफल हो जाता*
*जीवनमृत्यु के चक्कर से मुक्त हो जाता*
*हो जाते प्रभु दर्शन फिर*
*मर कर भी जीने का मजा आ जाता*
🙏🌹 *ॐ शांति*🌹🙏
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♦️♦️♦️  रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️

*👉🏿कन्हैया के आभूषण 🏵️
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एक भागवत कथा वाचक🗣 ब्राह्मण एक गांव में कथा वांच रहे थे. उस दिन उन्होंने नंदलाल, कन्हैया के 😍सौंदर्य, उनके आभूषणों 🎖का बड़ा मन मोहक वर्णन किया. 
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उधर से गुजरता एक चोर भी कथा सुनने👂 बैठ गया था. उसने जब आभूषणों के बारे में सुना👂 तो उसे लालच 😜आया. 
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उस दिन की कथा समाप्त होने पर पंडितजी को खूब दक्षिणा 💰मिली जिसे गठरी बनाकर वह लिए चले. जरा सुनसान में पहुंचे तो चोर सामने आ गया👥.
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उसने पूछा कि ये श्याम मनोहर,कृष्ण कहां रहते हैं. मुझे उनके घर से गहने 💍🏅चुराने हैं. पता बताओ. 📝
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पंडितजी डर गए. उन्हें अपने सामान 💰का भय हुआ. सो उन्होंने बुद्धि 🤔लगाई और कहा कि उनका पता मेरे झोले में लिखा है. यहां अंधेरा है थोड़ा उजाले में चलो तो देखके बताऊंगा
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चोर तैयार हो गया. उसे जल्दी थी. पंडितजी ने और चतुराई की. अपना बोझा💰 उसके सिर पर लाद दिया और ऐसे स्थान पर पहुंचकर रूके जहां लोगों को आवाजाही🏃 ज्यादा थी.
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फिर उन्होंने थैले💰 में से पोथी 📔खोली, देखने 👀का स्वांग करते रहे. विचारकर🤔 बोले वृंदावन चले🚶🏿 जाओ. मुझे जब☝ कृष्ण जी मिले थे तो उन्होंने वृंदावन ही बताया था.👈 
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👤चोर संतुष्ट हो गया और पंडितजी से आशीर्वाद🙏 लेकर विदा हुआ. चोर रास्ता पूछता, भटकता 🏃वृंदावन चल पड़ा.
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रास्ते में उसने बड़ी तकलीफें सहीं. जहां-जहां भी कन्हैया के🕌 मंदिर थे, उसमें दर्शन को गया. दर्शन क्या वह तो उनके 💍आभूषणों को देखने👁 जाता कि आखिर ऐसे आभूषण 🏅होंगे कन्हैया के पास.
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आभूषण निहारने में उसने इतने मंदिरों🕌 में भगवान की इतनी छवि देख ली कि उसे खुली👀 आंखों से भी प्रभु ☝नजर आते. रात को मंदिरों में ठहर👤 जाता और वहीं कुछ प्रसाद🤑 खा लेता.
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माखन चोर भगवान आभूषण चोर पर रीझ 😍गए. चोर के मन में प्रभु के आभूषणों 💍🏅के प्रति कामना ही भा गई.💗 
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गोपाल उसे जगह-जगह दर्शन👁 देते तरह-तरह के आभूषण से सजे बालकों 👵🏼के रूप में लेकिन वह उन्हें नहीं लेता. उसे तो असली गोपाल के आभूषण🎖 चाहिए थे.
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चोर परेशान😇 कि कब वह कन्हैया के धाम पहुंचे और कन्हैया परेशान 😣कि वह इतनी दूर क्यों जा रहा है जब मैं राह में ही उसे सारे आभूषण 🏅दे रहा हूं.
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भगवान को भक्त से प्रेम 💕हुआ तो भक्त के मन में बसा चोरी का भाव अनुराग 💚में बदल गया.
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चोर गोकुल पहुंच 🚶🏿गया. एक स्थान पर नदी किनारे भगवान ने उसे गाय चराते उसी रूप में दर्शन दिया जो उसने मंदिरों में देखी थी.
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जितनी छवि देखी थी सारी एक-एक करके दिखा दी. आभूषणों के साथ. चोर उनके पैरों 👣में गिर पड़ा. 
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प्रभु ने आभूषण उतारकर दिए और बोले- लो तुम इसके लिए व्यर्थ ही इतनी दूर चले आए. मैं तो कब से तुम्हें दे रहा था. 
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चोर बोला- आपको देख👀 लिया तो आभूषणों की चमक फीकी पड़ गई. अब तो👉 आपको चुराउंगा.
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भगवान हंसे- 😃मुझे चुराओगे, कहां लेकर जाओगे ?
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चोर बोला- वह तो नहीं पता सोचकर🤔 बताता हूं लेकिन आभूषण💍नहीं चाहिए. अब तो मुझे आपकी ही लालसा है. चोर सोचता रहा, प्रभु 😄हंसते रहे. चोर ने बुद्धि दौड़ा 😇ली लेकिन कोई स्थान ही न सूझा.
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उसे चिंता थी कि इतनी मेहनत से वह इन्हें चुरा ले जाए और फिर सुरक्षा⚔ न कर पाए तो कोई और चुरा लेगा. 
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सोचते-सोचते उसे नींद😴 आने लगी. उसको उपाय सूझा – जब तक मैं निर्णय नहीं कर लेता कि आपको कहां रखूंगा, आप मुझे रोज दर्शन 😳देते रहो जिससे मुझे भरोसा रहे कि मेरी चोरी का सामान सुरक्षित है. 
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प्रभु खूब हंसे.😃 उन्होंने कहा- ठीक है ऐसा हो होगा लेकिन तुम्हें कुछ आभूषण🏅 तो लेना होगा.
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मना🖐 कर दिया. प्रभु रोज शाम उसे दर्शन👀 देते. वह अपने गांव लौट आया. 
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पंडितजी कथा वांच रहे थे. उन्हें सारी बात बताई. यकीन न हुआ तो शाम🌙 को जब प्रभु👤 दर्शन देने आए तो उनका एक आभूषण 🎖💍मांगकर दिखाया और साबित कर दिया.
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पंडितजी बोले- भाई चोर असली साधू तो तू है. मैं तो कान्हा का नाम लेकर बस कथाएं सुनाता रहा और आजीविका जुटाता रहा लेकिन तुमने तो उन्हें ही जीत  लिया।


🌷🌹🙏🙏
🙏 *ॐ शांति* 🙏

जब कभी भी आप किसी की *मदद* करने की स्थिति में हो... तो उसकी मदद ज़रुर करें, क्योंकि *भगवान* आपके माध्यम से किसी की *प्रार्थना* का जवाब दे रहे होते हैं।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
*ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l* ♥

🚩मीठे बच्चे इंसान को इंसानियत सिखाता है, यह रूहानी ज्ञान l 🚩

🇲🇰ईश्वरीय ज्ञान से ही, मानव बन जाता है निर्माण l हम सब आत्माएं हैं, एक ईश्वर पिता की संतान l 🇲🇰

❣️हमें सर्व आत्माओं को देना है, इस ज्ञान का महादान l
एक मीठे बाबा की ही देनी है, सभी को पहचान l 🗣️

🙇🏻‍♂️इसमें जरा भी ना आए, मैं पन का अभिमान l इंसान सभी के दिलों का खो देता है स्नेह और सम्मान, जब आता है देह अभिमान l👺

🇲🇰एक परमात्मा पिता की संतान, आत्माएं है हम सभी एक समान l🇲🇰

🤝🏻इस बात का रहे सदा ध्यान, 2 दिन के ही है हम सभी यहां के मेहमान l🚶🏻‍♂️याद रहे सदा दिल में बाप भगवान l 🇲🇰

🤴🏻इससे ही बनेंगे हम महान, ऊंचे भाग्यवान l एक मीठे बाबा का ही हो दुनिया में, नाम मान शान lजो गुप्त रूप में आए हैं, करने सभी का कल्याण l ♥

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        एक पहुंचे हुए महात्मा थे। एक दिन महात्मा जी ने सोचा कि उनके बाद भी धर्मसभा चलती रहे इसलिए क्यों न अपने एक शिष्य को इस विद्या में पारंगत किया जाए। उन्होंने एक शिष्य को इसके लिए प्रशिक्षित किया। अब शिष्य प्रवचन करने लगा।


        सभा में एक सुंदर युवती आने लगी। वह उपदेश सुनने के साथ प्रार्थना, कीर्तन, नृत्य आदि समारोह में भी सहयोग देती।


         लोगों को उस युवती का युवक संन्यासी के प्रति लगाव खटकने लगा। 


        एक दिन कुछ लोग महात्माजी के पास आकर बोले - 'प्रभु, आपका शिष्य भ्रष्ट हो गया है।'


       महात्मा जी बोले - 'चलो हम स्वयं देखते हैं'। महात्मा जी आए, सभा आरंभ हुई। युवा संन्यासी ने उपदेश शुरू किया। युवती भी आई। उसने भी रोज की तरह सहयोग दिया। 


        सभा के बाद महात्मा जी ने लोगों से पूछा - 'क्या युवक संन्यासी प्रतिदिन यही सब करता है। और कुछ तो नहीं करता? 


        लोगों ने कहा - 'बस यही सब करता है।' 


         महात्मा जी ने फिर पूछा - 'क्या उसने तुम्हें गलत रास्ते पर चलने का उपदेश दिया? कुछ अधार्मिक करने को कहा?'


        सभी ने कहा - 'नहीं।'

महात्माजी बोले - 'तो फिर शिकायत क्या है?' 


       कुछ धीमे स्वर उभरे कि 'इस युवती का इस संन्यासी के साथ मिलना- जुलना अनैतिक है'। 


       महात्माजी ने कहा - 'मुझे दुख है कि तुम्हारे ऊपर उपदेशों का कोई असर नहीं पड़ा। क्या तुम सबने कभी ये जानने की कोशिश की - कि वो युवती है कौन !? अरे, वह तो इस युवक की सगी बहन है जो पास के गांव में रहती है !!


.    पर चूंकि तुम सबकी नीयत ही गलत है इसलिए तुमने उन्हें गलत माना। 


सभी लज्जित हो गए। 


.     जब नियत ही खोटी हो तो उपदेश का असर कैसे होगा?


        इसलिए शिव बाबा श्रीमत देते हैं कि *नजरें बदलो, नजा़रे बदलेंगे,* अर्थात अपना दृष्टिकोण  आशावादी एवं पॉजिटिव रखोगे तो सारी दुनिया स्वयमेव ही ठीक और सीधी चलती नजर आएगी.


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