आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..09-08-2021*..🎋


✍🏻परेशानी में कोई सलाह मांगे, तो सलाह के साथ अपना साथ भी देना क्योंकि सलाह गलत हो सकती है साथ नहीं।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻खुद पर भरोसा करना कोई परिंदों से सीखे,क्योंकि वो शाम को जब वापस घोसलों में जाते हैं,तो उनकी चोंच में कल के लिए कोई दाना नही होता।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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        ओम शांति
*✍🏻“जीवन में खुशी का अर्थ लड़ाइयाँ लड़ना नहीं,बल्कि उन से बचना है।*
        *कुशलतापूर्वक पीछे हटना भी अपने आप में एक जीत है।”*
      *🌺क्योकि🌹*
*"अभिमान"की ताकत फरिश्तो को भी"शैतान"बना देती है,और*
*"नम्रता"साधारण व्यक्ति को भी "फ़रिश्ता"बना देतीहै।*
       *🌹ओम शांति🌹*
         *🌹सदा मुस्कुराते रहिये🌹*
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🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀                   *कभी कभी हम गलत नहीं होते*

  *लेकिन हमारे पास वो समय*

      *और शब्द ही नहीं होते*

  *जो हमें सही साबित कर सके !!...✍️*
   ओम शांति
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*09 अगस्त:-*_ दृढ़ता की शक्ति कड़े संस्कारो को भी मोम की तरह पिघला देती है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰


*आँखे बंद करने से..*
      *मुसीबत नहीं टलती .!*
                  *और .*
       *मुसीबत आए बिना ..*
        *आँखे  नहीं खुलती...* 

     *छल* में बेशक *बल* है
                  लेकिन
    *प्रेम में आज भी हल है*।
              
good👆🏻💫🇲🇰🌌🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️night.😊


🙏 *ॐ शांति* 🙏

*देवता* अर्थात देने वाला... और *वही* दे सकता है जो स्वयं भरपूर हो। स्वयं को *भरपूर* करने की विधि है... मन को सदा दें सकारात्मक विचार व परमात्म याद का *भोजन* और शरीर को दें सात्विक अन्न का *पोषण* ... तभी मिटा पाएंगे जीवन से हर प्रकार का शोषण...

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐


*ओम शांति ब्रह्मा मुख्य द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l*

 ♥ मीठे बाप दादा की वंडरफुल है यह कहानी lसुनो स्वयं भगवान बाप सुनाते हैं, ब्रह्मा दादा की जुबानी l 🗣️

👺दुनिया होती है जब दुखदाई पतित पुरानी, विकारों के वश होकर, हर मानव आत्मा बन जाती है शैतानी l सर्व धर्मों की होती है जब धर्म ग्लानि l 💥

🎯तभी निराकार शिव पिता की होती है, दादा के तन में पधारमनी l ब्रह्म लोक में रहने वाले भगवान बाप को, नहीं है देह अपनी l 👨🏻‍🦳

👨🏻‍🦳दादा को देकर नाम ब्रह्मा, उनके देह रूपी रथ में बैठकर, सुनाते हैं वह दिव्य वाणी l नई दुनिया मुझे आपके द्वारा ही है स्थापन करनी l 🎱

☄️अभी महाभारी महाविनाश मे, खत्म होगी यह दुनिया पुरानी l झूठे हैं यहां सब, ज्ञानी ध्यानी, कथा पुराण की कहानी l🧩

🇲🇰 मैं ज्ञान सागर पतित पावन परमात्मा ही, देता हूं सभी रूहो को ज्ञान रूहानी l अभी मेरे सभी रूहानी बच्चे बने हैं, देह अभिमानी l👺

 👺माया रावण ने बना दिया है सभी को, श्रापित, कंगाल, अज्ञानी l अब मुझ भगवान बाप को ही, सभी को श्रीमत है देनी l दादा को प्रजापिता ब्रह्मा बनकर, सारी सृष्टि की पालना है करनी l 🤝🏻

👨🏻‍🦳ब्रह्मा दादा ने भी उनकी हर श्रीमत मानी lकभी भी नहीं की, अपनी मनमानी l 🌸

🕺🏼परवान चढ़ गई, दोनों की प्रीत रूहानी l ब्रह्मा की आत्मा शिव बाप की बनी ऐसी दीवानी, संपूर्ण तन मन धन संबंधों की, दे दी कुर्बानी l 🔥

👨🏻‍🦳ब्रह्मा बाप को रहता था हमेशा, नशा नारायणीl भगवान बाप ने बनाया उनको, अपने समान वरदानी l 🎯

👨🏻‍🦳ब्रह्मा की आत्मा ही नई दुनिया में, श्री कृष्ण है बननी l वह भगवान नहीं बनी, लेकिन भगवान जैसी बनी l💥 

🙂वह नहीं है गीता के ज्ञानी l लेकिन शिव पिता से गीता ज्ञान लेकर, वह श्री कृष्ण बनी l 😊

🇲🇰पारलौकिक शिव पिता, हम बच्चों में भी भरते हैं, ज्ञान की, गुणों की, तथा सर्वशक्तिओं की रोशनी l 🌄

👨🏻‍🦳अलौकिक ब्रह्मा बाबा, आज भी करते हैं पालना अपनी l यह है पारलौकिक और अलौकिक मात-पिता की कहानी, जो सारे संसार को है समझानी l 🗣️

👨‍👨‍👧‍👧मात-पिता की आशाएं, हम बच्चों को है पूर्ण करनी l तभी बनेंगे हम भी, विश्व महाराजा और विश्व महारानी, 21 जन्मों तक होगी जीवन में सदा, सुख भरी चांदनीl 💥

❣️फिर से शुरू होगी, विश्व के रंगमंच पर, विश्व नाटक की कहानी l जो 5000 वर्ष तक है चलनी l🤴🏻






♦️♦️♦️  रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*👉🏿कन्हैया के आभूषण 🏵️

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एक भागवत कथा वाचक🗣 ब्राह्मण एक गांव में कथा वांच रहे थे. उस दिन उन्होंने नंदलाल, कन्हैया के 😍सौंदर्य, उनके आभूषणों 🎖का बड़ा मन मोहक वर्णन किया. 

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उधर से गुजरता एक चोर भी कथा सुनने👂 बैठ गया था. उसने जब आभूषणों के बारे में सुना👂 तो उसे लालच 😜आया. 

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उस दिन की कथा समाप्त होने पर पंडितजी को खूब दक्षिणा 💰मिली जिसे गठरी बनाकर वह लिए चले. जरा सुनसान में पहुंचे तो चोर सामने आ गया👥.

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उसने पूछा कि ये श्याम मनोहर,कृष्ण कहां रहते हैं. मुझे उनके घर से गहने 💍🏅चुराने हैं. पता बताओ. 📝

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पंडितजी डर गए. उन्हें अपने सामान 💰का भय हुआ. सो उन्होंने बुद्धि 🤔लगाई और कहा कि उनका पता मेरे झोले में लिखा है. यहां अंधेरा है थोड़ा उजाले में चलो तो देखके बताऊंगा

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चोर तैयार हो गया. उसे जल्दी थी. पंडितजी ने और चतुराई की. अपना बोझा💰 उसके सिर पर लाद दिया और ऐसे स्थान पर पहुंचकर रूके जहां लोगों को आवाजाही🏃 ज्यादा थी.

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फिर उन्होंने थैले💰 में से पोथी 📔खोली, देखने 👀का स्वांग करते रहे. विचारकर🤔 बोले वृंदावन चले🚶🏿 जाओ. मुझे जब☝ कृष्ण जी मिले थे तो उन्होंने वृंदावन ही बताया था.👈 

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👤चोर संतुष्ट हो गया और पंडितजी से आशीर्वाद🙏 लेकर विदा हुआ. चोर रास्ता पूछता, भटकता 🏃वृंदावन चल पड़ा.

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रास्ते में उसने बड़ी तकलीफें सहीं. जहां-जहां भी कन्हैया के🕌 मंदिर थे, उसमें दर्शन को गया. दर्शन क्या वह तो उनके 💍आभूषणों को देखने👁 जाता कि आखिर ऐसे आभूषण 🏅होंगे कन्हैया के पास.

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आभूषण निहारने में उसने इतने मंदिरों🕌 में भगवान की इतनी छवि देख ली कि उसे खुली👀 आंखों से भी प्रभु ☝नजर आते. रात को मंदिरों में ठहर👤 जाता और वहीं कुछ प्रसाद🤑 खा लेता.

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माखन चोर भगवान आभूषण चोर पर रीझ 😍गए. चोर के मन में प्रभु के आभूषणों 💍🏅के प्रति कामना ही भा गई.💗 

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गोपाल उसे जगह-जगह दर्शन👁 देते तरह-तरह के आभूषण से सजे बालकों 👵🏼के रूप में लेकिन वह उन्हें नहीं लेता. उसे तो असली गोपाल के आभूषण🎖 चाहिए थे.

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चोर परेशान😇 कि कब वह कन्हैया के धाम पहुंचे और कन्हैया परेशान 😣कि वह इतनी दूर क्यों जा रहा है जब मैं राह में ही उसे सारे आभूषण 🏅दे रहा हूं.

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भगवान को भक्त से प्रेम 💕हुआ तो भक्त के मन में बसा चोरी का भाव अनुराग 💚में बदल गया.

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चोर गोकुल पहुंच 🚶🏿गया. एक स्थान पर नदी किनारे भगवान ने उसे गाय चराते उसी रूप में दर्शन दिया जो उसने मंदिरों में देखी थी.

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जितनी छवि देखी थी सारी एक-एक करके दिखा दी. आभूषणों के साथ. चोर उनके पैरों 👣में गिर पड़ा. 

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प्रभु ने आभूषण उतारकर दिए और बोले- लो तुम इसके लिए व्यर्थ ही इतनी दूर चले आए. मैं तो कब से तुम्हें दे रहा था. 

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चोर बोला- आपको देख👀 लिया तो आभूषणों की चमक फीकी पड़ गई. अब तो👉 आपको चुराउंगा.

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भगवान हंसे- 😃मुझे चुराओगे, कहां लेकर जाओगे ?

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चोर बोला- वह तो नहीं पता सोचकर🤔 बताता हूं लेकिन आभूषण💍नहीं चाहिए. अब तो मुझे आपकी ही लालसा है. चोर सोचता रहा, प्रभु 😄हंसते रहे. चोर ने बुद्धि दौड़ा 😇ली लेकिन कोई स्थान ही न सूझा.

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उसे चिंता थी कि इतनी मेहनत से वह इन्हें चुरा ले जाए और फिर सुरक्षा⚔ न कर पाए तो कोई और चुरा लेगा. 

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सोचते-सोचते उसे नींद😴 आने लगी. उसको उपाय सूझा – जब तक मैं निर्णय नहीं कर लेता कि आपको कहां रखूंगा, आप मुझे रोज दर्शन 😳देते रहो जिससे मुझे भरोसा रहे कि मेरी चोरी का सामान सुरक्षित है. 

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प्रभु खूब हंसे.😃 उन्होंने कहा- ठीक है ऐसा हो होगा लेकिन तुम्हें कुछ आभूषण🏅 तो लेना होगा.

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मना🖐 कर दिया. प्रभु रोज शाम उसे दर्शन👀 देते. वह अपने गांव लौट आया. 

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पंडितजी कथा वांच रहे थे. उन्हें सारी बात बताई. यकीन न हुआ तो शाम🌙 को जब प्रभु👤 दर्शन देने आए तो उनका एक आभूषण 🎖💍मांगकर दिखाया और साबित कर दिया.

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पंडितजी बोले- भाई चोर असली साधू तो तू है. मैं तो कान्हा का नाम लेकर बस कथाएं सुनाता रहा और आजीविका जुटाता रहा लेकिन तुमने तो उन्हें ही जीत  लिया।



🌷🌹🙏🙏

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