*विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर* नकारात्मक संकल्प मन को कमजोर बना देते हैं इसलिए आत्महत्या का सहारा लेता है --ब्रहमा कुमार नारायण भाई
*विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर* नकारात्मक संकल्प मन को कमजोर बना देते हैं इसलिए आत्महत्या का सहारा लेता है -
-ब्रहमा कुमार नारायण भाई
गोबरा नवापारा नगर, 9 सितंबर,
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस, डिप्रेशन ,तनाव, आत्महत्या एक गंभीर बीमारी का रूप ले रही है। इंसान अपनी परेशानियों को इतना बड़ा बना लेता है जो उसे कई तरह की गंभीर बीमारियां होने लग जाती है।
यदि आपमें हर चीज को पॉजिटिव तरीके से समझने की भावना है,तभी आप जीवन के प्रत्येक क्षण का आनंद ले सकेंगे। फिर चाहे परिस्थिती कष्टदायक हो या सुखदायक...।और नकारात्मकता एक विष की तरह होती है... जो कि धीरे-धीरे आपके व्यक्तित्व को खत्म कर देती है। इसलिये हर परिस्थिति में सकारात्मक रहने का प्रयास करें।तथा एक बात हमेशा ध्यान रहे कि:-इस अफ़सोस के साथ कभी न उठिये कि कल आप क्या नहीं कर पाए, बल्कि इस सोच के साथ उठिये कि आज आप क्या - क्या कर सकते है। यह विचार इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग के जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रहमा कुमार नारायण भाई ने ओम शांति कॉलोनी में ब्रहमा कुमारी सभागृह में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के पूर्व संध्या पर विचार यक्त करते हुए बताया कि तनाव आजकल लोगो पर इतना हावी हो चुका है की इससे निकले के लिए लोग अक्सर नशीली पदार्थों का सहारा लेते हैं ।यह दीमक की तरह शरीर और मन को खोखला कर देता है।तनाव का मुख्य कारण है मनोस्थिति और परिस्थिति का सामंजस्य ना होना।मानसिक शक्ति के कमजोर होने का कारण मन में व्यर्थ व नकारात्मक संकल्प की अधिकता है।ऐसे में अधिकतर लोग नशे की ओर कदम बढ़ा लेते हैं।नशे के आदी होना आसान है लेकिन इस लत से छुटकारा पाना बेहद मुश्किल।यह विभिन्न मानसिक और शारीरिक बीमारियों का कारण बनता है।
हर मुसीबत में अपने मन को मजबूत बनाकर आगे बढ़ना ही है।समस्या का साइज ,हमारे मन की शक्ति पर निरभर करता है। इस अवसर पर ब्रहमा कुमारी पुष्पा बहन ने बताया कि समय परिवर्तनशील है और दुख सुख, लाभ हानि, सफलता असफलता जीवन का हिस्सा हैं।बस आवश्यकता है मनोबल मजबूत करने की।
कमजोर मन के लिए हर बात समस्या है और सर्मथ मन आसानी से समाधान ढूंढ लेता है। वह असंभव लगने वाले काम कर दिखाता हैं।अंधकार को कोसने से अंधकार नहीं भागेगा।आत्मिक ज्योति जगाने से अंधकार दूर हो जाएगा।
परमात्मा में मन लगाये तो मन सशक्त हो जाएगा।स्वयं भगवान मददगार हैं। भगवान साथी है, मित्र है।उनका सहारा लें ,नशे,आत्महत्या का नहीं।
