धान खरीदी केन्द्रो मे धान खरीदी के पूर्व किसानो में सरकार के फरमान के चलते बोरी को लेकर मारा मारी
धान खरीदी केन्द्रो मे धान खरीदी के पूर्व किसानो में सरकार के फरमान के चलते बोरी को लेकर मारा मारी
भरत कुम्भकार/खरोरा
धान खरीदी केन्द्रो मे धान खरीदी के पूर्व किसानो के धान खरीदी को लेकर सरकार के फरमान के चलते जूट बोरी को लेकर मारा मारी है ।
वही खरोरा के कुछ व्यापारी किसानो की मजबूरी का फायदे उठाते जूट के काला बजारी करते खुब कमायी कर रहे है,यह सब खेल शासन प्रशासन के नाक के नीच होते हुए इन कालाबाजारीयो के उपर कार्यवाही नही होने के चलते इनके होशले बुलंद हुए जिसके चलते मजबूर किसान इन व्यपारियो के लूट का शिकार बन रहे।
एक दिसम्बर धान की खरीदी का शुभारंभ है जिसके चलते 30नवम्बर को टोकन पद्धति से किसान अपनी धान बेचगें लेकिन धान खरीदी को लेकर शासन का आदेश कि बेचे गये प्रति एकड 15क्वीटल के हिसाब से किसान 50प्रतिशत जूट बोरी की व्यवस्था करने के आदेश की जानकारी लगते ही किसानो के हाथ पैर फूलने लगे वही जूट बोरी के खेल मे लगे कालाबाजारी व जूट बोरी बेचने मे लगे व्यापारी के चेहरे खिल गये और बेमौसम बारिश के मार झेल चुके किसानो को लूटने की तैयारी मे लगे रहे।
1दिसम्बर धान खरीदी को लेकर शासन के आदेश व शर्तो पर नगर सहित आसपास के गांव के किसान धान बेचने जूट बोरी खरीदने खरोरा कूच किये जहां किसानो को लूटने तैयार जूट व्यापारी 50,50के बंडल बना खराब जूट की खराब बोरी को डाल किसानो को खपाकर खूब पैसा कमाये सरकारी अस्पताल के समीप एक दुकान मे किसानो से मिल रही सिकायत पर पड़ताल करने पर किसानो ने बताया कि उक्त दुकानदार हर घंटे बोरी के किमतो मे बढ़ोतरी कर किसानो को खुब लूटे वही छोटे किसानो को 50 बोरी के बंडल मे खराब और सडे बोरी डाल किसानो को खपाकर खूब पैसा कमाये यह सब शासन प्रशासन के नाक के नीचे यह सब खेल चलता रहा लेकिन इन कालाबाजारीयो को रोकने वाला कोई नही होने के चलते यह खेल चलता रहा ।जूट बोरी खरीदने आये किसान नारायण देवांगन, रूपसिंह बधेल,राजू सतनामी, सुखीराम ध्रुव ने बताया कि धान खरीदी के एक दिन पूर्व हमने धान खरीदी केन्द्र से मिले आदेश पर आज खरोरा मे जूट बोरी खरीदने आये लेकिन जहां खराब जूट के बोरी को बंडल बना व्यापारी ने 30 रूपय प्रति बोरी तक लिये वही जूट बोरी किमत हर घंटे बदलते रहे जब व्यापारीयो से खराब बोरी नही लेन और जरूरत के हिसाब से बोरी लेने की बात पर बंडल के हिसाब से बोरी लेने की बात कही मजबूरी मे हमे अधिक किमतो पर खराब बोरी खरीद कर घर मे सुधार कर धान खरीदी केन्द्र मे धान बेचना पडेगा।