*अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों का स्मृति चिन्ह भेंटकर किया सम्मान*
*अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों का स्मृति चिन्ह भेंटकर किया सम्मान*
*मुख्य अतिथि राकेश टिकैत हुए सम्मिलित,सिख संगठन रायपुर ने किया आयोजन*
राजिम
केन्द्र सरकार की किसान , कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी कानूनों को रद्द करने तथा एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए दिल्ली सीमाओं पर 384 दिनों चले किसान आंदोलन में छत्तीसगढ़ की सहभागिता रही। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर में अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ का टेंट स्थापना के साथ ही सक्रियता बढ़ती गई जो छत्तीसगढ़ के राजिम में एक सफल किसान महापंचायत आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया। छत्तीसगढ़ में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से किसान आंदोलन को सहयोग करने वाले किसान, मजदूर व नागरिक संगठनों का संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत की मुख्य आतिथ्य में रविवार को टाटीबंध गुरुद्वारा में स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया जिसमें अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यगण तेजराम विद्रोही, मदन लाल साहू, उत्तम कुमार, ललित कुमार, रेखुराम, हेमंत टंडन, मनोज कुमार, जहुर राम , पवन कुमार, रामजी, सोमन यादव, नंदू ध्रुव, कपूरचंद, मोहन लाल, विक्रम निषाद, मूलचंद साहू, भारती साहू, लक्ष्मी साहू, मोंगरा बाई, खेमलता का सम्मान किया गया।
*तेजराम विद्रोही रहे लंबे समय तक सिंघु बॉर्डर आंदोलन में*
7 जनवरी 2020 से दिल्ली की सिंघु बॉर्डर के किसान आंदोलन में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही पांच महीने तक डटे रहे जिसके कारण उन्हें संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के काउंसिल सदस्य बनाये गए। जहाँ ट्रेक्टर रैली, भूख हड़ताल, केएमपी सड़क जाम जैसे आंदोलनों में भाग लिया। वहीं छत्तीसगढ़ से सिंघु तक छत्तीसगढ़ की से शहीदों की मिट्टी यात्रा में सक्रीय रहे साथ ही साथ छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ का संचालक मंडल सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़ के किसान, मजदूर और नागरिक संगठनों को एकजुट कर आंदोलन किये