राष्ट्रीय सेवा योजना के रेडक्रास, व रेड-रिबन क्लब सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय गोबरा नवापारा के स्वयंसेवकों द्वारा देशी खेलकूद का आयोजन
राष्ट्रीय सेवा योजना के रेडक्रास, व रेड-रिबन क्लब सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय गोबरा नवापारा के स्वयंसेवकों द्वारा देशी खेलकूद का आयोजन
गोबरा नवापारा
राष्ट्रीय सेवा योजना , रेडक्रास, व रेड-रिबन क्लब सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय नियमित गतिविधि के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने देशी खेलकूद का आयोजन किया| जिसमे बाज झपट्टा, राम रावन, शेर बकरी, कितने भाई कितने आप बोलो जितने, रस्सा खींच ये खेल प्रमुख हैं | जिसमे बाज झपट्टा खेल का आयोजन किया गया यह खेल दो दलों में खेला जाता है| जिसमें प्रत्येक दल में 10-10 खिलाड़ी होते है , खिलाड़ियों को 40 से 80 फिट की दूरी पर खड़ा किया जाता है | हर खिलाड़ी को एक से लेकर दस अंक प्रदान किये जाते है | दोनों दलों के बीच दो फिट का व्यास गोलाकार होता है | निर्देषक एक सिरे पर दोनों दलों के बीच खड़ा होकर कोई भी एक अंक जोर से चिल्लाता है , वैसे ही दोनों दलों के उस नंबर के खिलाड़ी गोले के पास दौड़कर आकर गोले में रखे रुमाल को बाज की नजर की तरह झपटकर वापस अपने दल की ओर पहुँच जाता है | तो उन्हें एक अंक दिया जाता है| यदि दल के पहुँचने के बीच में विपक्षी के वे नंबर का खिलाडी उन्हें छू लेता है तो वह अंक विपक्षी टीम को मिलेगा | यह प्रक्रिया एक निर्धारित समय तक चलता है जो टीम सर्वाधिक अंक अर्जित करता है वह विजेता होता है| इस खेल में स्वामी विवेकानंद एवं भगत सिंह दलों के बीच मुकाबला हुआ जिसमे भगत सिंह दल विजयी रहें| दोनों दल के खिलाड़ी - मितेश साहू, विनय, चंद्रकांत, देवेन्द्र, चंद्रशेखर, जितेश, तोशनी, टकेश्वरी, गूंजा, चंपा, पुष्पेन्द्र पारख, अजित, गुरुदयाल, अंकित, पदमनी, भास्कर, इन्द्राणी, चंचल, आदि रहे|
कार्यक्रम के दुसरे चरण में कार्यक्रम संयोजक डॉ.आर.के.रजक के द्वारा नये वेरिएंट ओमिक्रांन की खतरे की सतर्कता के लिए परिचर्चा का आयोजन किया गया , जिसमे प्रमुख रूप से काजल साहू, देव्रत, चक्रधारी, प्रियंका साहू, दिनेश साहू ने अपने विचार रखे ,डॉ.आर.के.रजक ने बताया कि ओमिक्रांन अभी तक कुल 40 देशो में फ़ैल चुका है ये वाइरस पहले से पांच गुना ज्यादा खतरनाक है एक जानकारी के आधार पर , हाथ पैर , पीठ में दर्द खांसी ही इनके प्रमुख लक्षण हो सकते है यह बूढ़े और बच्चों को ज्यादा संक्रमित करेगा| काजल साहू ने बताया कि जिनको टिका लग चूका है उन्हें बूस्टर डोज़ की जरुरत होगी| अभी तक वैज्ञानिक इस वेरिएंट को नही समझ पाए है सिर्फ पुराने कोविड -19 की तरह सतर्कता बरते| दिनेश साहू ने बताया कि इसके जरुरी बचाव, मास्क फिर से लगाये , भीड़ वाली जगहों पर न जाये , सामाजिक दूरी का पालन करे, सेनेटाइजर का प्रयोग करें| 76 स्वयंसेवकों ने सामोहिक रूप से शपथ लिए कि हम अपने गांव एवं शहरों में जागरूकता हेतु नारा लेखन , जागरूकता रैली , नुक्कड़- नाटक , व्यक्तिगत सम्पर्क में हमारी भूमिका रहेगी , अभी भारत में ये वाइरस दाखिल हुआ है लेकिन हमें समय से पहले सचेत होना है| गतवर्ष हमने अपने को बहुत खोया है मौत का तांडव देखा है हर युवा पीढ़ी आगे आकार इस महामारी का डटकर मुकाबला करें| कार्यक्रम का संचालन डॉ. आर. के. रजक के दिशा निर्देश में संपन्न हुआ|