प्रदेश के शिक्षक हड़ताल पर स्कूलों में लगे ताले,राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत आए शिक्षकों के समर्थन में ,आदिवासी नेता संतु राम मौर्य ने कहा शिक्षकों कि मांग जायज
प्रदेश के शिक्षक हड़ताल पर स्कूलों में लगे ताले,राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत आए शिक्षकों के समर्थन में ,आदिवासी नेता संतु राम मौर्य ने कहा शिक्षकों कि मांग जायज
तेजस्वी यादव/छुरा
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के तत्वाधान में शिक्षक संघ 11दिसमबर से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चल रहे है। वेतन विसंगतियों को लेकर छुरा ब्लॉक के समस्त सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने से विकासखंड के 90% स्कूलों में ताला लग हुए है, शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय वर्मा ने बताया कि छुरा ब्लाक के शिक्षक रायपुर राजधानी में प्रतिदिन जाकर सैकड़ों की संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।उन्होंने बताया कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से 11 व 12 दिसंबर को ब्लॉक स्तरीय , 13 दिसंबर को विधानसभा घेराव व 15 दिसंबर को जेल भरो 16 दिसंबर को भूख हड़ताल व विभिन्न तरीकों से अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है ।
वहीं प्रांतीय निर्णय अनुसार 19 दिसंबर को चक्का जाम का निर्णय लिया गया है, जिसमें छुरा ब्लॉक के शत-प्रतिशत सहायक शिक्षक बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने रायपुर के लिए कूच करेंगे ।ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय वर्मा द्वारा यह जानकारी प्रेषित की गई कि हड़ताल को सफल बनाने के लिए छुरा ब्लॉक से त्रिलोक सेन, पूनम चंद्राकर ,दीनबंधु वैष्णव ,लवण साहू ,सुशांत दिव्याकर ,सुनील राजपूत ,संजय दीवान ,पुरुषोत्तम देवांगन, श्रीमती मीना यादव ,तनुजा ध्रुव, निर्मला ठाकुर ,सहित सैकड़ों की संख्या में सहायक शिक्षक हड़ताल पर हैं।
राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत का समर्थन
छत्तीगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के तत्वाधान में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठें शिक्षकों को समर्थन देने राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत राजधानी रायपुर आ रहे है कल दोपहर 3.00बजे हड़ताली शिक्षकों द्वारा महाचक्का जाम किया जाएगा।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग बस्तर जिला
छत्तीसगढ़ के युवा अध्यक्ष संतु राम मौर्य ने छत्तीसगढ़ शिक्षक फेडरेशन के तत्वाधान में वेतन विसंगति को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठें शिक्षकों की मांग को जायज ठहराया।उन्होंने कहा कि पूर्व में शाशन द्वारा इस संदर्भ में प्रमुख सचिव छ.ग.स्कूल शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर 90दिवस के भीतर वेतन विसंगति दूर करने की रिपोर्ट पेश किया जाना था।जो आज पर्यन्त तक समिति को रिपोर्ट पेश नहीं किया गया। इस कारण से प्रदेश के 1लाख 9 हजार सहायक शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं।