छात्रों को सफलता के टिप्स बताए--*एक अच्छी सफलता निर्भर करती है दुआएं लो दुआएं दो, दुआएं सहयोग, धन, आरोग्य, सफलता को अपनी ओर आकर्षित करती है---- ब्रहमा कुमार नारायण भाई*
छात्रों को सफलता के टिप्स बताए--*एक अच्छी सफलता निर्भर करती है दुआएं लो दुआएं दो, दुआएं सहयोग, धन, आरोग्य, सफलता को अपनी ओर आकर्षित करती है---- ब्रहमा कुमार नारायण भाई*
अलीराजपुर
दुआओं का कार्य बड़ा चमत्कारी होता है जिसे हम ब्राह्मणों में भी कोई कोई विरले आत्माएं ही समझ पाती है । दुआएं सूक्ष्म अदृश्य ऊर्जा के रूप में आत्मा तक पहुचती है। फिर वह ऊर्जा उस आत्मा तक प्रकृति की सहायता से स्थूल रीती से सहयोग, आरोग्य, धन इत्त्यादी खींचकर ले आती है।
दुआ की ऊर्जा अच्छे ग्राहकों को हमारे दूकान ( ऑफिस ) तक खींचकर ले आती है।
दुआ से प्राप्त ऊर्जा अपघाती होने से आत्मा की सुरक्षा करती है।
दुआ की ऊर्जा अच्छा संग दिलाती है।
दुआ की ऊर्जा आपातकाल में हम तक स्थूल सहयोग खींचकर ले आती है।
दुआ से प्राप्त ऊर्जा अपघात होने के एक क्षण पहले हमारी गाडी को रोक देती है।
इन सबके विरुद्ध मनुष्य आत्मा बद्दुआ के रूप में जो नकारात्मक ऊर्जा कमाती है वो ऊर्जा उस आत्मा तक प्रकृति की सहायता से मुसीबत वाली परिस्थितियाँ, बीमारिया, दरिद्रता, अपघाती मृत्यु, दुखदायी परिवार/ पड़ोसी नुकसान इत्त्यादी बाते खींचकर ले आती है।
इसलिए *दुआ लो* और सबको दुआ दे।आइए हम सभी मनसा द्वारा विश्व की सभी आत्माओं को दुआएँ देकर दुआओं का खजाना जमा करे। यह विचार इंदौर से पधारे वरिष्ठ राजयोगी ब्रहमा कुमार नारायण भाई ने शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरखड़ के छात्रों को दुआओं से पढ़ाई में सफलता के विषय पर संबोधित करते हुए बताया। यदि हम समस्या के बारे में सोचते रहेंगे तो समस्या में अपनी सारी ऊर्जा भर कर उसे शक्तिशाली बना देंगे।इसी प्रकार जब हम भगवान के बारे में सोचते रहेंगे अर्थात भगवान को याद करते रहेंगे, तो हम स्वयं को शक्तिशाली बनाकर समस्या को खत्म कर देंगे...।
इसलिए हमें हमेशा भगवान को याद करते रहना है, तभी कोई भी समस्या हमारे सामने टिक नहीं पाएगी I सदा सफलता हमारी सामने हाजिर हो जाएगी कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रभारी नरेंद्र मालवी में बताया कि हमें सबको खुशी प्रदान कर दुआएं लेनी है जिससे हमारा मन एकाग्र बन जाता है जो सफलता के लिए बहुत जरूरी है ।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय शिक्षक भैरू सिंह जी ने नारायण भाई का परिचय देते हुए किया। अरुण गहलोत, ब्रहमा कुमारी ज्योति बहन, शिक्षक गण मौजूद थे। ब्रह्मा कुमार अर्जुन ने अंत में भगवान हमारे साथ है, डरने की क्या बात है यह गीत गाया।

