धरसीवा क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में चल रहा घरेलू गैस से प्राइवेट सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर का गौरखधंधा,विभागीय अधिकारी सुस्त
धरसीवा क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में चल रहा घरेलू गैस से प्राइवेट सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर का गौरखधंधा,विभागीय अधिकारी सुस्त
सुरेन्द्र जैन/ धरसीवा
सांकरा सिलतरा धरसीवा क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर रिहायशी इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडरों से प्राइवेट बम की श्रेणी में आने वाले 5 किलो के सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर का गौरखधंधा जोर शोर से चल रहा है जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
धरसीवा के सांकरा में वार्ड क्रमांक 20 वीडियो हाल क्षेत्र निमोरा मार्ग कालोनी से लेकर सांकरा मेन रोड पर सांकरा व सोण्डरा के बीच करीब दर्जन भर स्थानों पर धड़ल्ले से 120 रुपये किलो में घरेलू गैस सिलेंडरों से निजी सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर का गौरखधंधा लंबे समय से जारी है।
दुर्गंध से अडोसी पड़ोसी हलाकान
घरेलू सिलेंडरों से निजी सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर करने के दौरान गैस की दुर्गंध आसपास फैलती है जिसे जहां गैस ट्रांसफर का गौरखधंधा होता है उसके आसपास के लोग दुर्गंध से हमेशा परेसान रहते है जब कभी गैस ट्रांसफर करने वालों को कोई पड़ोसी मना करता है तो वह लड़ने तक तैयार रहते है।
*तीनो गैस कंपनियो के भरपूर मिल रहे घरेलू सिलेंडर*
खास बात यह है कि भले घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस की रिफलिंग मिले अथवा न मिले लेकिन इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों को हर रोज एजेंसियों से भारत एचपी व इंडेन के घरेलू सिलेंडर भरपूर मात्रा में हर समय मिल जाते हैं
रविवार को भी एजेंसी संचालक उन्हें भरपूर मात्रा में घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराते रहते हैं।
*नाबालिगों से काम*
इस गौरखधंधे से जुड़े लोग निजी स्वार्थ में इतने अंधे हो चुके हैं कि वह लोभ लालच देकर नाबालिगों से भी गैस ट्रांसफर का काम कराने में नहीं चूकते।
*लेबर ठेकेदार से मिलकर बांट रहे सस्ती मौत*
इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों ने उधोगो में लेबर सप्लाई करने वाले लेबर ठेकेदारों से सेटिंग जमा रखी है इसलिए अधिकांश लेबर ठेकेदार अपनी श्रमिको को राशन पानी गैस लाने नगदी पैसे नहीं देते बल्कि वह श्रमिको को दुकान बता देते हैं ओर मजबूरन श्रमिको को संबंधित दुकानों से ही गैस के साथ ही राशन भी लेना पड़ता है।
बम की श्रेणी में आने वाले प्राइवेट 5 किलो सिलेंडरों में दो किलो गैस भरकर ऊपर चूल्हा लगाकर दुकानदार श्रमिको को दे देते है बारह सौ से पन्द्रह सौ की कीमत में ठेकेदारों की लेबर को प्राइवेट सिलेंडर दे देते है फिर उन्ही में गैस खत्म होने पर 120 से 140 रुपये किलो कीमत में घरेलू सिलेंडरों से गैस ट्रांसफर कर बेचते हैं ओर हिसाब बनाकर महीने के महीने ठेकेदारों से एकमुश्त पेमेंट ले लेते ठेकेदार फिर लेबर से काटते हैं इस तरह लेबर ठेकेदारों की मिलिभगत से श्रमिको को सस्ती मौत बेंची जाती है इंसमे लेबर ठेकेदारों के दुकानदारों से कमीशन फिक्स रहता है।
*कामर्शियल की बिक्री पर विपरीत प्रभाव*
इस गोरखधंधे के चलते सरकारी भारत एचपी इंडेन के व्यवसायिक 5 किलो ओर 19 किलो ग्राम की बिक्री पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।
*एजेंसी संचालको की सख्ती से रुक सकता है गौरखधंधा*
तीनो कंपनियो के सभी एजेंसी संचालक यदि सख्ती करें और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति गैस रिफिल करने वालों को न होने दें तो यह गौरखधंधा भी बन्द हो सकता है और इसके बन्द होने से व्यवसायिक 19 व 5 किलो की बिक्री में भी बेतहासा वृद्धि हो सकती है।

