*धरसींवा -उधोगों में काम करने वाले बाहरी लोग मचा रहे आतंक* बेमतलब एक ग्रामीण का फोड़ा सिर,ट्रक चालक से भी की मारपीट,मामला दर्ज आरोपी फरार*
*उधोगों में काम करने वाले बाहरी लोग मचा रहे आतंक*
बेमतलब एक ग्रामीण का फोड़ा सिर,ट्रक चालक से भी की मारपीट,मामला दर्ज आरोपी फरार*
सुरेन्द्र जैन /धरसीवा
ओधोगिक क्षेत्र सिलतरा की फेक्ट्रियो में काम के करने पड़ोसी राज्यों से आने वाले अब ग्रामीणो के साथ बेमतलब मारपीट कर आतंक मचाने लगे हैं ।
ऐंसा ही मामला गुरुवार को सामने आया ओधोगिक क्षेत्र के फेस टू से दोपहर करीब बारह बजे दो कार में आये कुछ लोग एक ट्रक के सामने कार अड़ाकर उसे रोककर ट्रक चालक से मारपीट कर रहे थे तभी स्थानीय व्यापारी खेमचंद की उस पर नजर पड़ी खेमचंद ने चालक के साथ मारपीट कर रहे लोगों से पूंछा क्या बात है क्यों मारपीट कर रहे ट्रक चालक से तो ट्रक चालक से मारपीट कर रहे लोगों ने तूं कौन है क्यों आया यहां बोलते हुए खेमचंद के साथ भी मारपीट शुरू कर दी और उन्ही में से एक नए पीछे से सर में रॉड से खेमचंद पर वार कर दिया जिससे उसका सर फ़ूट गया और खून बहने लगा खेमचंद ने किसी अपने रिश्तेदारों को कॉल किया महेंद्रा चोक में मेरे साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे और यह कहते ही उसका कॉल कट गया रिश्तेदार तुंरन्त घटना स्थल पहुचे ओर खेमचंद को बचाया यदि समय रहते रिश्तेदार न पहुचाते बड़ी अनहोनी हो जाती।
*मामला दर्ज आरोपी फरार*
उधोगो में काम करने वाले जिन लोगों ने खेमचंद से अकारण ही मारपीट की उन्हें खेमचंद नहीं जानता लेकिन घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुचे उनके रिश्तेदारों ने आरोपियों को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया जिसे धरसीवा पुलिस को दे दिया है
धरसीवा टीआई शिवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है घायल खेमचंद के सर में पीछे से वार करने से सर में चोट है जल्द आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तारी की जाएगी।
*ओधोगिक रास्तो से आना जाना खतरों से खाली नहीं*
ओधोगिक इकाइयों में काम करने वाले लोग कौन हैं कहाँ से आये हैं उनका कोई क्रिमिनल रिकार्ड तो नहीं इस बात से अनभिज्ञ ग्रामीण आये दिन ओधोगिक रास्तों में इस तरह की घटनाओँ के चलते अब आने जाने में डरने लगे हैं सांकरा सोण्डरा सिलतरा मुरेठी आदि गांवो से लगे ओधोगिक क्षेत्रों के मार्गों से होते हुए ही ग्रामीणो को अक्सर आना जाना पड़ता है लेकिन इस तरह की बारदातों को अंजाम देकर उधोगो में काम करने वालों को खोजना मुश्किल होता है हालाकी पहली बार समय पर सूचना मिलने से मौके पर रिश्तेदारों के पहुचने से आरोपी कैमरे में कैद हो गए हैं ।




