*गुरुग्राम के अष्टापद में स्थापित होगी विश्व की सबसे बड़ी 35 हजार टन की जिन प्रतिमा* *देशभर में घूम रहे पुण्यार्जन रथ का सांकरा में जैन समाज ने किया भव्य स्वागत*
*गुरुग्राम के अष्टापद में स्थापित होगी विश्व की सबसे बड़ी 35 हजार टन की जिन प्रतिमा*
*देशभर में घूम रहे पुण्यार्जन रथ का सांकरा में जैन समाज ने किया भव्य स्वागत*
सुरेन्द्र जैन /धरसींवा
गुरुग्राम हरियाणा के अष्टापद में विश्व की सबसे बड़ी 35 हजार टन की अष्टधातु की भगवान मुनि सुब्रतनाथ स्वामी की जिन प्रतिमा का निर्माण जून 2024 तक पूर्ण होगा इसके लिए भारतवर्ष के गांव गांव में मौजूद प्रत्येक जैन परिवार तक पुण्यार्जन रथ पहुच रहा है जो शनिवार को सांकरा निको पहुचा।
पुण्यार्जन रथ के छत्तीसगढ़ संयोजक संजय राजू जैन राजिम एवं छत्तीसगढ़ संयोजिका संजय सुनीता बोरा दुर्ग हैं यह रथ महावीर जयंती को छत्तीसगढ़ प्रवेश करने के बाद दुर्ग भिलाई राजिम बस्तर जगदलपुर गीदम रायपुर होते शनिवार को धरसींवा के सांकरा निको स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुचा यहां जैन समाज के महिलाओं व पुरुषों ने रथ की आगवानी की स्थानीय जैन समाज ने विश्व की सबसे बड़ी जिन प्रतिमा के लिए अपनी अपनी ओर से दान पुण्य का अर्जन किया।
ब्रह्मचारी संजय भैया जी ने बताया की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा भगवान मुनिसुव्रतनाथ स्वामी की 151 फिट उतंग अष्ट धातु से निर्माण गुरुग्राम, हरियाणा में होने जा रहा है। इस मूर्ति के बारे में सम्पूर्ण रूप से जानकारी देने के लिए अष्टापद से पधारे ब्रह्मचारी संजय भैया जी ,के द्वारा प्रोजेक्टर दिखाने का प्रोग्राम रखा प्रदेशभर के जैन समाज तक पहुचकर किया जा रहा है 151 फिट उत्तंग जो प्रतिमा बनेगी वो रोबोट के द्वारा ठोस अखंड एवं बिना जॉइंट की अष्टधातु की बनेगी उसकी संपूर्ण जानकारी मात्र 20 मिनट में प्रोजेक्टर के द्वारा मंदिर जी में दिखाई जा रही है
समाज से इसके लिए धातु के रूप में घर मे रखी पुरानी या नई धातु जैसे सोना, चांदी , पित्तल ,तांबा, रांगा, जस्ता, अलुमिनियम आदि का दान समाज द्वारा किया जा रहा है।
*सांकरा निको से सिमगा प्रस्थान*
सांकरा निको जैन मंदिर के बाद पुण्यार्जन रथ सिमगा की ओर रवाना हुआ सांकरा जैन समाज ने रथ की आगवानी की ओर अपनी अपनी ओर से दान देकर पुण्यार्जन किया।


