नवापारा नगर मे हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी पूर्ण , नगर मे जगह जगह होंगे हनुमान चालीसा पाठ व कार्यक्रम - fastnewsharpal.com
फास्ट न्यूज हर पल समाचार पत्र,

नवापारा नगर मे हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी पूर्ण , नगर मे जगह जगह होंगे हनुमान चालीसा पाठ व कार्यक्रम

नवापारा नगर मे हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी पूर्ण , नगर मे जगह जगह होंगे हनुमान चालीसा पाठ व कार्यक्रम 



नवापारा (राजिम)

  श्री रामभक्त हनुमानजी महाराज का जन्मोत्सव है, जो देश और दुनिया के कोने कोने में मनाया जा रहा है,।



नवापारा नगर के ज्योतिष भूषण  पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि वैसे तो किसी भी देवता, यक्ष, गंधर्व, किन्नर और मनुष्य की जन्मतिथि एक ही होती है, साल में एक बार ही उनका जन्मदिन मनाया जाता है, किंतु हनुमानजी के साथ एक विचित्र बात यह है कि इनका जन्मदिन साल में दो बार मनाया जाता है, एक तो आज चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को और दूसरा कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को(दीपावली महालक्ष्मी पूजन से एक दिन पहले) किंतु आज के जन्मोत्सव की प्रसिद्धि एवम लोकमान्यता अधिक है, वाल्मीकि रामायण के किष्किंधा काण्ड के सर्ग66 में वर्णन आता है कि माता अंजना के गर्भ से शनिवार के दिन सूर्योदय के समय हनुमानजी का जन्म हुआ था, इसलिए  सूरज की पहली किरण के निकलते ही लोग हनुमानजी का जन्मोत्सव मानना शुरू कर देते हैं, हनुमानजी श्री रामभक्त हैं किंतु श्रीरामजी से कहीं ज्यादा हनुमानजी के मंदिर हैं और उनकी पूजा सेवा ज्यादा की जाती है, शनिवार और मंगलवार को इनके मंदिरों में ज्यादा भीड़ रहती है, अयोध्याधाम की हनुमानगढ़ी, राजस्थान के सालासर धाम, मेहंदीपुर के बालाजी महाराज, सवाईमाधोपुर, मलारना डूंगर के डेरोली के बालाजी के मंदिर जग प्रसिद्ध हैं, शास्त्री जी ने बताया कि आज हस्त नक्षत्र युक्त चैत्र पूर्णिमा को जब कि सूर्य और गुरु दोनों में राशि में है, इस पर्व की महिमा और बढ़ गई है, हनुमान जी ने सूर्यदेव को अपना गुरु बनाया था और वे इसी कारण ज्ञानीनाम अग्रगण्य कहलाए थे, उन्हें उद्भट व्याकरण कार, संगीत ज्ञान महंता,भाष्य वार्तिक, मनोविज्ञान में निपूर्ण, राजनीति में कुशल और अपराजेय योद्धा माना जाता है,  हनुमानजी सप्तचिरंजीवियो में से एक हैं इसलिए उनकी पूजा उपासना शीघ्र फलदाई मानी जाती है, वे अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता हैं संकट मोचक हैं जो व्यक्ति हनुमान, अंजनिसुत, वायुपुत्र, महाबल, रामेष्ट, फाल्गुन सखा, पिंगाक्ष, अमित विक्रम, उदधिक्रमण, सीताशोक नशावन,लक्ष्मण प्राणदाता और दशग्रीव दर्पहा इन 12 नामों का प्रतिदिन स्मरण करता है उसकी सारी बाधाओं को हनुमानजी महाराज दूर कर देते हैं और मनोकामनाओं को पूरा करते हैं नगर के पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि  राधाकृष्ण मंदिर, श्री गोपाल गौशाला, शर्मा भोजनालय नगर स्थित हनुमान मंदिरों में समारोह पूर्वक , धार्मिक विधि विधान से श्री हनुमान जयंती मनाई जा रही है, जिसमे अंचल के लोग शामिल हो रहे हैं।

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads